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Report: टेक सेक्टर में AI का बड़ा असर, प्रतिदिन 985 लोगों की जा रही नौकरी; जानें भारत में इसका क्या है प्रभाव
Fri, 31 Jul 2026 02:38 PM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:38 PM IST
सार
AI Layoffs 2026: एआई को लेकर लंबे समय से जताई जा रही आशंकाएं अब सच होती दिखाई दे रही हैं। एक नई ट्रैकर के अनुसार 29 जुलाई 2026 तक टेक इंडस्ट्री में 322 छंटनी की घटनाओं में करीब 2.06 लाख कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन लगभग 985 लोग अपनी नौकरी खो रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Tech Layoffs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर जताई जाने वाली सभी आशंकाएं सही होती दिखाई दे रही हैं। 2026 में एआई और वैश्विक बदलावों की वजह से टेक कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी देखने को मिली। इसी वजह से ओपनएआई ने दुनिया भरके वैज्ञानिकों, गणितज्ञों और इंजीनियरों के लिए अपने सबसे उन्नत मॉडल को बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराने की एक घोषणा भी की है।
रोजाना 985 लोगों की जा रही नौकरी
ओरेकल और माइक्रोसॉफ्ट में भारी कटौती
छंटनी के इस वैश्विक दौर में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां सबसे आगे रही हैं:
सिर्फ नौकरियां ही नहीं जा रही, बल्कि भारत की शीर्ष आईटी कंपनियों जैसे टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो ने रूटीन इंजीनियरिंग और पारंपरिक सॉफ्टवेयर भूमिकाओं के लिए नई भर्तियों की गति काफी धीमी कर दी है।
विशेषज्ञों को कहना है?
इन छंटनियों पर विशेषज्ञ कहते हैं कि टेक सेक्टर में नौकरियां पूरी तरह खत्म नहीं हो रही हैं, बल्कि वे री-शेप (पुनर्गठित) हो रही हैं। पारंपरिक सॉफ्टवेयर कोडिंग और सपोर्ट रोल की जगह अब एआई या एमएल (AI/ML) और डेटा एनालिटिक्स के कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बनी हुई है।
ओपनएआई का बड़ा एलान
जहां एक तरफ छंटनी से टेक वर्ल्ड में चिंता का माहौल है, वहीं दूसरी ओर सान फ्रांसिस्को की एआई दिग्गज कंपनी ओपनएआई ने एक बड़ा एलान कर दिया है।
ओपनएआई ने अपने इस विशेष कार्यक्रम का नाम अकादमी शोध के लिए चैटजीपीटी रखा है। जिसकी शुरुआत इसी गर्मी के मौसम में करीब 10 हजार शोधकर्ताओं के साथ की जा रही है। इसमें शामिल होने वाले प्रमुख विश्वस्तरीय संस्थानों में अमेरिका का इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडी और फ्रांस का प्रतिष्ठित एकोल नॉर्मल सुपीरियर जैसे विश्वविख्यात नाम शामिल हैं।
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रोजाना 985 लोगों की जा रही नौकरी
- ताजा ट्रैकर रिपोर्ट के अनुसार, 29 जुलाई 2026 तक दुनिया भर की टेक कंपनियों में 322 छंटनी की घटनाओं में कुल 2,06,000 (2.06 लाख) कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है।
- अगर इसका रोज का औसत निकाला जाए, तो प्रतिदिन के हिसाब से यह लगभग 985 निकलता है। यानी हर रोज सैकड़ों टेक पेशेवरों की नौकरी जा रही है।
- हालांकि इसके लिए अन्य कई आर्थिक और तकनीकी कारक भी जिम्मेदार हैं, लेकिन ऑटोमेशन और एआई का बढ़ता दखल इनमें सबसे मुख्य भूमिका निभा रहा है।
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ओरेकल और माइक्रोसॉफ्ट में भारी कटौती
छंटनी के इस वैश्विक दौर में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां सबसे आगे रही हैं:
- ओरेकल (Oracle): इस साल की सबसे बड़ी छंटनी ओरेकल में दर्ज की गई। जून के अंत में कंपनी ने खुलासा किया कि उसने बीते 12 महीनों में करीब 21 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जो कि कुल स्टाफ का 13% है। यह आंकड़ा पहले के अनुमानों से काफी ज्यादा है।
- माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): माइक्रोसॉफ्ट ने नौ जुलाई को अपनी ग्लोबल वर्कफोर्स का 2.1 प्रतिशत यानी करीब 4,800 पद समाप्त कर दिए। इनमें से अधिकांश कर्मचारी एक्सबॉक्स (Xbox) गेमिंग डिवीजन से जुड़े थे। यह फैसला एक्टिविजन ब्लिजर्ड के 75 अरब डॉलर के भारी-भरकम अधिग्रहण के ठीक तीन साल बाद लिया गया है।
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- दुनिया भर में हो रहे इन बदलावों में भारत का आईटी सेक्टर भी अछूता नहीं रहा है:
- प्रभावित पेशेवर: अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत में इस क्षेत्र में 20 से 35 हजार पेशेवर छंटनी और री-स्ट्रक्चरिंग से प्रभावित हो सकते हैं।
- जीसीसी पर असर: अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, डेल और एटलेसियन जैसी वैश्विक एमएनसी कंपनियों ने बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई स्थित अपने ग्लोबल डिलीवरी व डेवलपमेंट सेंटर्स में बड़े पैमाने पर पद घटाए हैं।
सिर्फ नौकरियां ही नहीं जा रही, बल्कि भारत की शीर्ष आईटी कंपनियों जैसे टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो ने रूटीन इंजीनियरिंग और पारंपरिक सॉफ्टवेयर भूमिकाओं के लिए नई भर्तियों की गति काफी धीमी कर दी है।
विशेषज्ञों को कहना है?
इन छंटनियों पर विशेषज्ञ कहते हैं कि टेक सेक्टर में नौकरियां पूरी तरह खत्म नहीं हो रही हैं, बल्कि वे री-शेप (पुनर्गठित) हो रही हैं। पारंपरिक सॉफ्टवेयर कोडिंग और सपोर्ट रोल की जगह अब एआई या एमएल (AI/ML) और डेटा एनालिटिक्स के कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बनी हुई है।
ओपनएआई का बड़ा एलान
जहां एक तरफ छंटनी से टेक वर्ल्ड में चिंता का माहौल है, वहीं दूसरी ओर सान फ्रांसिस्को की एआई दिग्गज कंपनी ओपनएआई ने एक बड़ा एलान कर दिया है।
- मुफ्त एक्सेस: कंपनी दुनिया भर के वैज्ञानिकों, गणितज्ञों और इंजीनियरों को अपना सबसे अत्याधुनिक और एडवांस्ड एआई मॉडल जीपीटी-5.6 सोल प्रो (GPT-5.6 Soul Pro) पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराने जा रही है।
- लाभार्थियों की संख्या: इस पहल के तहत शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े करीब 1 लाख शोधकर्ताओं को 2027 के अंत तक इस फ्रंटियर एआई मॉडल का मुफ्त एक्सेस मिलेगा।
- शोध के मुख्य क्षेत्र: यह अत्याधुनिक एआई मॉडल जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग और भौतिकी में उन्नत और जटिल शोध के लिए डिजाइन किया गया है।
ओपनएआई ने अपने इस विशेष कार्यक्रम का नाम अकादमी शोध के लिए चैटजीपीटी रखा है। जिसकी शुरुआत इसी गर्मी के मौसम में करीब 10 हजार शोधकर्ताओं के साथ की जा रही है। इसमें शामिल होने वाले प्रमुख विश्वस्तरीय संस्थानों में अमेरिका का इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडी और फ्रांस का प्रतिष्ठित एकोल नॉर्मल सुपीरियर जैसे विश्वविख्यात नाम शामिल हैं।