पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   ai written e books on amazon increases readers prefer human authors

अमेजन पर AI का सैलाब: हर महीने छप रहीं लाखों 'मशीनी' किताबें, लेकिन पाठकों को नहीं आ रहीं रास

Mon, 06 Jul 2026 03:43 PM IST
Nitish Kumar टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Mon, 06 Jul 2026 03:43 PM IST
सार

क्या आपकी अगली पसंदीदा किताब किसी इंसान ने नहीं, बल्कि AI ने लिखी है? चैटजीपीटी के आने के बाद अमेजन पर ई-बुक्स का प्रकाशन तीन गुना बढ़ गया है। लेकिन एक नई रिसर्च बताती है कि मशीनी लेखक पाठकों को लुभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

विज्ञापन
ai written e books on amazon increases readers prefer human authors
शॉपिंग साइट पर आई एआई जनरेटेड ई-बुक्स की बाढ़ - फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)

विस्तार

किताबों की दुनिया में हमेशा से इंसानी जज्बातों, अनुभवों और कल्पनाओं का राज रहा है। लेकिन अगली बार जब आप अमेजन (Amazon) पर कोई नई किताब तलाशें, तो जरा गौर कीजिएगा। हो सकता है कि उस किताब के पन्नों को इंसानी सोच नहीं, बल्कि किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से गढ़ा गया हो। 
विज्ञापन


ई-बुक्स की दुनिया में AI की सुनामी
साल 2022 में जब से चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे बड़े लैंग्वेज मॉडल्स ने दस्तक दी है, पब्लिशिंग की दुनिया की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है। आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। जहां पहले अमेजन पर हर महीने औसतन एक लाख ई-बुक्स (e-books) पब्लिश होती थीं, वहीं अब महज तीन साल के भीतर यह संख्या उछलकर तीन लाख के पार पहुंच गई है। सीधे शब्दों में कहें, तो AI ने किताबों के बाजार में रातों-रात एक अदृश्य बाढ़ ला दी है।
विज्ञापन


क्या मात्रा ही गुणवत्ता है?
इस तेजी से बदलते डिजिटल रुझान की सच्चाई परखने के लिए, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की अर्थशास्त्री इमके रीमर्स और मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जोएल वाल्डफोगेल ने एक विस्तृत रिसर्च की। उन्होंने करीब 50 हजार किताबों को एआई डिटेक्शन टूल्स, अमेजन की रेटिंग्स और उनकी बिक्री के कड़े पैमानों पर कसा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: BSNL का 'यात्रा सिम' लॉन्च: मात्र 196 रुपये में पाएं 15 दिनों तक अनलिमिटेड सुविधाएं, जानिए क्या है खास

इस अध्ययन से जो निष्कर्ष सामने आए हैं, वह इंसानी लेखकों के लिए राहत भरा है। भले ही AI के आने से पब्लिश होने वाली किताबों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई हो, लेकिन पाठकों ने इन मशीनी किताबों को सिरे से नकार दिया है। रिसर्च के मुताबिक, एआई जनित किताबों को न सिर्फ कम रेटिंग्स मिलीं, बल्कि उनकी बिक्री भी इंसानी लेखकों की तुलना में काफी कम रही। असल में, पाठकों को इन मशीनी किताबों में वह गहराई, जुड़ाव और उपयोगिता महसूस नहीं हुई, जो एक इंसान के लिखे शब्दों में होती है।


यह भी पढ़ें: Nokia की दमदार वापसी: पुराने अंदाज में नई AI तकनीक, क्या आपने देखे ये 4 नए 4G फोन्स?

बड़े प्रकाशक भी बदल रहे हैं अपनी रणनीति
भले ही पाठक अभी पूरी तरह से एआई किताबों को स्वीकार न कर रहे हों, लेकिन पब्लिशिंग इंडस्ट्री ने इस तकनीक के फायदे उठाने शुरू कर दिए हैं। इसका एक बेहतरीन उदाहरण मशहूर ट्रैवल गाइड कंपनी फोडोर्स (Fodor’s) है। कंपनी ने अपना खुद का एक विशेष एआई चैटबॉट तैयार किया है। यह बॉट हवा-हवाई बातें लिखने के बजाय, कंपनी के पुराने और संपादित कंटेंट का इस्तेमाल करके सटीक नई ट्रैवल गाइड्स तैयार करता है।

तकनीकी विकास ने किताबों के ढेर जरूर लगा दिए हैं, लेकिन पाठकों के दिलों को छूने और उन्हें आखिरी पन्ने तक बांधे रखने का हुनर आज भी केवल इंसानी कलम के ही पास है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed