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Anthropic: एंथ्रोपिक के रिसर्चर मृणांक शर्मा का करोड़ों के पैकेज से इस्तीफा, रहस्यमयी नोट ने खड़े किए सवाल

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Thu, 12 Feb 2026 02:31 PM IST
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सार

Anthropic AI: एआई दुनिया की चर्चित कंपनी एंथ्रोपिक में हलचल मच गई है क्योंकि क्लॉड एआई मॉडल पर काम कर रहे सेफ्टी रिसर्चर मृणांक शर्मा ने अचानक इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सीधे आरोप तो नहीं लगाए लेकिन संकेत दिया कि कंपनी में एआई पर जो काम हो रहे हैं वो अनैतिक हो सकते हैं।

Anthropic AI Safety Researcher Mrinank Sharma Resigns, Raises Concerns Over Company’s AI Practices
एंथ्रोपिक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एक्स
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विस्तार

इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में जिस कंपनी की सबसे ज्यादा चर्चा है वो है एंथ्रोपिक। इसके क्लॉड एआई मॉडल (Claude AI) और तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब एक ऐसी खबर आई है जिसने टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। कंपनी के एआई सेफ्टी रिसर्चर मृणांक शर्मा ने अचानक इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक रहस्यमयी पोस्ट लिखकर संकेत दिया कि एंथ्रोपिक के अंदर एआई पर जो काम हो रहा है, उसकी कार्यप्रणाली में गड़बड़ियां हैं।

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कौन हैं मृणांक शर्मा?

मृणांक ने 2023 में एंथ्रोपिक जॉइन किया था। वे कंपनी की सेफगार्ड्स रिसर्च टीम का नेतृत्व कर रहे थे जिसे पिछले साल फरवरी में बनाया गया था। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड से मशीन लर्निंग में DPhil (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। यानी तकनीकी रूप से वे बेहद मजबूत पृष्ठभूमि से आते थे। मृणांक जैसे प्रतिभावान रिसर्चर का ऐसे अचानक पद छोड़ना कई सवाल खड़े करता है।

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रहस्यमयी इस्तीफा नोट: "दुनिया संकट में है"

मृणांक ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तीफे के कारण का उल्लेख तो नहीं किया लेकिन उनके शब्दों ने बहुत कुछ कह दिया है। अपने नोट में मृणांक ने लिखा कि दुनिया इस समय कई संकटों से गुजर रही है। इसमें सिर्फ एआई या जैविक हथियारों ही नहीं, बल्कि वैश्विक उथल-पुथल से जुड़े संकट भी शामिल हैं। उनके अनुसार, "हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां हमारी समझ और बुद्धिमत्ता को हमारी तकनीकी क्षमता के बराबर बढ़ना होगा, वरना हमें इसके परिणाम भुगतने होंगे।" यह बयान साफ करता है कि उनका इस्तीफा करियर में बदलाव को लेकर नहीं है बल्कि एक वैचारिक निर्णय हो सकता है।

मृणांक ने उठाए एंथ्रोपिक की नीतियों पर सवाल

मृणांक ने कंपनी के काम करने के तरीके और उसके सिद्धांतों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने साथियों को लिखे पत्र में साफ कहा कि कंपनी जो बातें कहती है, उन्हें असलियत में लागू करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने इशारा किया कि काम के दौरान अक्सर ऐसे दबाव होते हैं जिसकी वजह से उन जरूरी उसूलों को छोड़ना पड़ता है जो सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। वैसे तो एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई हमेशा सुरक्षित एआई बनाने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और उनकी कंपनी खुद को इस मामले में सबसे आगे बताती है। लेकिन यह बयान इस ओर इशारा करता है कि सार्वजनिक दावों और असलियत में कंपनी के अंदर कामकाज में कुछ अंतर हो सकता है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर भी आरोप नहीं लगाया।

अमेरिकी कवि विलियम स्टैफोर्ड की कविता का जिक्र

मृणांक का कहना है कि अब वे अपना समय एआई को इंसानों की हां में हां मिलाना सिखाने में बर्बाद नहीं करना चाहते। इसके बजाय, वे उस दुनिया के बारे में लिखना चाहते हैं जिसमें हम आज जी रहे हैं। उनका मानना है कि नई तकनीक बनाने के लिए सिर्फ विज्ञान ही काफी नहीं है बल्कि कविता और भावनाओं की समझ भी उतनी ही जरूरी है। अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने जर्मन कवि रिल्के और अमेरिकी कवि विलियम स्टैफोर्ड की प्रसिद्ध कविता "The Way It Is" का जिक्र किया। इसमें एक "अडिग धागे" (मोरल कंपास) का जिक्र है जो बदलती दुनिया के बीच भी नहीं बदलता। यह धागा इंसान के उन सिद्धांतों की तरह है जो बदलती दुनिया और मुश्किलों के बीच भी कभी नहीं टूटते। उनके लिए यह इस्तीफा इसी "ईमानदारी के धागे" को थामे रखने का एक तरीका है।

अब करेंगे कविता की पढ़ाई

मृणांक ने स्पष्ट कहा है कि अब वे कविता की पढ़ाई करना चाहते हैं और अपनी बात को निडर होकर सबके सामने रखना चाहते हैं। आज के समय में जहां टेक इंडस्ट्री में करोड़ों डॉलर की नौकरियां मिल रही हैं उसे छोड़कर कविता की तरफ जाना एक हैरान करने वाला फैसला है। लेकिन उनकी बातों से साफ झलकता है कि उन्होंने दिखावे की कॉर्पोरेट दुनिया के बजाय अपने दिल की आवाज सुनी है और अपने उसूलों को सबसे ऊपर रखा है।

पहले भी नीतिओं को लेकर होते रहे हैं टकराव

मृणांक पहले ऐसे इंसान नहीं हैं जिनका अपनी कंपनी के साथ सिद्धांतों को लेकर झगड़ा हुआ हो। इससे पहले 2020 में गूगल की रिसर्चर टिमनीट गेब्रू ने भी अपनी नौकरी छोड़ दी थी। उनका विवाद इस बात पर था कि एआई पक्षपात करता है। गूगल छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी खुद की संस्था बनाई और अब वे बड़ी टेक कंपनियों की कमियों और उनकी सच्चाई पर खुलकर बात करती हैं।

इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?

मृणांक शर्मा के इस्तीफे के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें नजर आती हैं। पहली वजह है नैतिक और वैचारिक चिंता, जिसमें एआई की तेज तरक्की और समाज पर पड़ने वाले उसके असर को लेकर एक गहरी बेचैनी साफ दिखती है। दूसरी वजह कार्यस्थल की जटिलताएं जान पड़ती हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी जो आदर्श बातें दुनिया के सामने रखती है और असल में जो फैसले लेती है उन दोनों के बीच अंतर हो सकता है। हालांकि इस्तीफे की असली सच्चाई क्या है यह पूरी तरह से केवल मृणांक और एंथ्रोपिक ही जानते हैं।

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