BSNL: सामने आई 5G में देरी की असली वजह, कंपनी का मास्टर प्लान जानकार आप भी कहेंगे- देर आए दुरुस्त आए
BSNL 5G Strategy: टेलीकॉम जगत की हालिया रिपोर्ट्स में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जहां पूरी दुनिया में 5 जी नेटवर्क का बोलबाला है। वहीं, BSNL अभी भी अपनी 4 जी नींव को मजबूत करने में लगा है। जिससे वो सीधे 5G SA यानी की Stand-Alone की ओर छलांग लगा सके। जानें क्या कंपनी की रणनीति...
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लेटेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड BSNL भले ही 5G की रेस में Jio और Airtel के मुकाबलें वर्षों पीछे दिखा रहा हो, लेकिन इसकी असली वजह कुछ और ही है। ये 97,000 4G साइट्स और स्वदेशी 5G-रेडी गियर्स के साथ सरकारी कंपनी बीएसएनएल अब उन करोड़ों ग्राहकों को निशाना बना रहा है, जो निजी कंपनियों की टैरिफ हाइक से परेशान हैं। रिपोर्ट बताती है कि BSNL का स्लो एंड स्टेडी रुख टेलीकॉम मार्केट का समीकरण बदल सकता है।
इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार, BSNL का हार्डवेयर पार्टनर तेजस नेटवर्क पहले ही 5G-तैयार गियर्स की सप्लाई कर चुका है। डिप्लॉय की गई 97 हजार से अधिक साइट्स को भारी खर्च के बिना, सिर्फ एक सॉफ्टवेयर पुश के जरिए 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। इतना ही नहीं कंपनी का ये भी कहना है कि BSNL शुरुआत में 5G NSA (Non-Standalone) लॉन्च करेगा, लेकिन उसका अंतिम लक्ष्य सबसे आधुनिक 5G Stand-Alone नेटवर्क देना है।
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महंगे निजी प्लान से मिला BSNL को मिला मौका
मार्केट एनालिस्ट्स की रिपोर्ट कहती है कि जब से प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने अपने प्लान की कीमतें बढ़ाई हैं, BSNL के एक्टिव यूजर बेस में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। क्योंकि स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स जैसे वर्ग को पूरा दिन 5 जी की नहीं, बल्कि एक किफायती और स्थिर 4जी की तलाश है। ऐसे में अगर घर पर हाई-स्पीड बॉडबैंड और बाहर सस्ता BSNL 4G का कॉम्बिनेशन Jio और Airtel के महंगे 5G पोर्टफोलियो को कड़ी चुनौती दे रहा है।
वोडाफोन आइडिया खो रहे अपने यूजर्स
हालिया सब्सक्राइबर डेटा रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जहां वोडाफोन आइडिया अपने एक्टिव यूजर्स खो रहा है, वहीं बीएसएनएल धीरे-धीरे अपनी खोई हुई जमीन वापस पा रहा है। बीएसएनएल का 4G अब देश के उन कोनों तक पहुंच रहा है। इसके पहले तक यहां सिर्फ निजी कंपनियों का एकाधिकार था।
टेलीकॉम एनालिस्ट्स का मानना है कि BSNL के लिए इस वक्त 5G की जल्दबाजी से ज्यादा जरूरी हर जिले और गांव तक 4जी को मजबूती से पहुंचाना है। यही वजह है कि बीएसएनएल अन्य कंपनियों के मामले में पीछे है। क्योंकि इसकी ये रणनीति बीएसएनएल को निजी कंपनियों से अलग पहचान दिला सकती है।