Rare Earth Minerals: नवंबर में चीन के रेयर अर्थ निर्यात में बड़ी छलांग, शी-ट्रंप सहमति के बाद सप्लाई तेज
शी जिंगपिंग और डोनाल्ड ट्रंप समझौते के बाद रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई में सुधार दिखा है। नवंबर में चीन के रेयर अर्थ निर्यात में 26.5% की तेज वृद्धि दर्ज हुई। इससे एआई और टेक उद्योग पर बड़ा असर संभव है।
विस्तार
नवंबर में चीन ने रेयर अर्थ खनिजों का निर्यात काफी बढ़ा दिया। यह वही महीना था जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई थी। मुलाकात में दोनों ने इन जरूरी खनिजों की सप्लाई को बढ़ाने पर सहमति जताई थी। चीन के कस्टम विभाग के मुताबिक, नवंबर में रेयर अर्थ निर्यात लगातार दूसरे महीने बढ़ा और अक्तूबर की तुलना में 26.5% उछलकर 5,494 टन तक पहुंच गया। यह बढ़ोतरी अमेरिका या यूरोप को बढ़ी हुई सप्लाई की वजह से हुई है या नहीं। इसका पता 20 दिसंबर को आने वाले आंकड़ों से चलेगा।
नए नियमों से महीनों तक परेशानी
रेयर अर्थ का इस्तेमाल ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में होता है। अप्रैल 2025 में चीन ने इन 17 खनिजों पर नए निर्यात नियम लगाए थे। हर शिपमेंट के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेने की अनिवार्यता के कारण सप्लाई काफी धीमी हो गई और कई ऑटो कंपनियों की सप्लाई चेन पर असर पड़ा। शी-ट्रंप बैठक के बाद चीन ने पहली बार 'जनरल लाइसेंस' देना शुरू किया है, जो एक साल के लिए मान्य होते हैं। उम्मीद है कि इनका असर अगले साल से व्यापार के आंकड़ों में दिखाई देगा। जनवरी से नवंबर तक चीन ने कुल 58,193 टन रेयर अर्थ का निर्यात किया, जो पिछले साल की तुलना में 11.6% ज्यादा है।
रेयर अर्थ क्या हैं और क्यों जरूरी हैं?
रेयर अर्थ कुल 17 खास तत्वों का समूह है। इनकी परमाणु संरचना इन्हें बेहद मजबूत चुंबकीय गुण देती है। इनका उपयोग ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल मोटर्स, रोबोटिक्स, रक्षा उपकरण, टीवी और कंप्यूटर स्क्रीन और स्पीकर, हार्ड ड्राइव और जेट इंजन के मैग्नेट में होता है। नियोडिमियम से मजबूत मैग्नेट बनते हैं, जबकि यिट्रियम और यूरोपियम स्क्रीन में रंग दिखाने वाली तकनीक में काम आते हैं। एक विशेषज्ञ के मुताबिक "जिस भी उपकरण को आप ऑन-ऑफ कर सकते हैं, उसमें रेयर अर्थ का इस्तेमाल लगभग तय है"। मेडिकल टेक्नोलॉजी जैसे लेजर सर्जरी और MRI से लेकर आधुनिक रक्षा प्रणालियों तक के लिए रेयर अर्थ बेहद जरूरी हैं।
एआई युग में इनकी मांग और बढ़ी
2025 तक रेयर अर्थ सिर्फ आधुनिक टेक्नोलॉजी की जरूरत नहीं रहे, बल्कि एआई तकनीक की भी जरूरत बन चुके हैं। GPU, बड़े सर्वर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सब इन खनिजों पर निर्भर हैं। चीन इस क्षेत्र में सबसे बड़ा खिलाड़ी है, जो 70% उत्पादन और 90% प्रोसेसिंग क्षमता रखता है। एआई कंपनियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती टैरिफ या नियमों से ज्यादा कच्चे माल की लगातार उपलब्धता है। अगर रेयर अर्थ सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट आई, तो दुनिया के वित्तीय बाजारों में फिर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।