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Elon Musk: एलन मस्क ने मानी हार! 7 साल पुरानी कानूनी जंग खत्म करने के लिए भरेंगे 1.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना

Tue, 05 May 2026 03:17 PM IST
Nitish Kumar टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Tue, 05 May 2026 03:17 PM IST
सार

एलन मस्क और अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी के बीच सात साल पुरानी कानूनी जंग खत्म होने जा रही है। ट्विटर के शेयर खरीदने की जानकारी छिपाने के आरोप में मस्क 1.5 मिलियन डॉलर का भारी जुर्माना भरने को तैयार हो गए हैं।

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एलन मस्क - फोटो : AI जनरेटेड

विस्तार

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) के साथ चल रहे एक बड़े कानूनी विवाद को सुलझाने के लिए करीब 1.5 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना चुकाने पर सहमत हो गए हैं। हाल ही में सामने आई एक कानूनी फाइलिंग से यह खुलासा हुआ है। मस्क पर यह आरोप था कि उन्होंने साल 2022 में सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर (अब 'एक्स') में अपनी बढ़ती हिस्सेदारी की जानकारी सही समय पर नहीं दी थी, जिससे ट्विटर के शेयरधारकों को करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।
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ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते को अभी अदालत की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। इस सेटलमेंट के साथ ही एलन मस्क और बाजार नियामक के बीच सितंबर 2018 से चली आ रही एक लंबी कानूनी लड़ाई का अंत हो जाएगा।
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क्या थे एलन मस्क पर एसईसी के आरोप?
इस पूरे विवाद की जड़ साल 2022 में मस्क द्वारा ट्विटर (Twitter) के शेयर खरीदने की घटना से जुड़ी है। जनवरी 2025 में एसईसी ने दावा किया था कि मस्क ने मार्च के अंत और अप्रैल 2022 की शुरुआत में ट्विटर में अपनी शुरुआती 5 प्रतिशत हिस्सेदारी का खुलासा करने में 11 दिनों की देरी की थी। इस देरी का फायदा उठाते हुए मस्क ने बाजार में कृत्रिम रूप से कम कीमतों पर 500 मिलियन डॉलर से अधिक के शेयर खरीद लिए थे। 
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बाद में जाकर मस्क ने ट्विटर में अपनी 9.2 प्रतिशत हिस्सेदारी का खुलासा किया था। एसईसी ने अपनी दलील में कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की थी कि मस्क को न सिर्फ दीवानी जुर्माना (सिविल फाइन) देना चाहिए, बल्कि उन 150 मिलियन डॉलर को भी चुकाना चाहिए जो उन्होंने अनजान निवेशकों की कीमत पर अपने फायदे के लिए बचाए थे। वहीं दूसरी तरफ, एलन मस्क ने इस पूरी देरी को अनजाने में हुई भूल बताया था। उन्होंने उलटा एसईसी पर आरोप लगाया था कि नियामक उन्हें जानबूझकर निशाना बना रहा है और उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।

टेस्ला मामले में भी लग चुका है जुर्माना
यह कोई पहला मौका नहीं है जब एलन मस्क एसईसी के निशाने पर आए हैं। इससे पहले भी अमेरिकी बाजार नियामक ने दुनिया के सबसे अमीर इंसान पर सिक्योरिटीज धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया था। यह पुराना मामला तब का है जब मस्क ने ऑनलाइन एक पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया था कि उन्होंने अपनी इलेक्ट्रिक कार कंपनी 'टेस्ला' को प्राइवेट करने के लिए पर्याप्त "फंडिंग सुरक्षित" कर ली है। 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने उस वक्त 20 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरकर उस मामले को रफा-दफा किया था। उस समझौते के तहत उन्हें टेस्ला के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना पड़ा था और यह शर्त भी माननी पड़ी थी कि भविष्य में उनके कुछ ट्विटर पोस्ट्स की पहले टेस्ला के वकील समीक्षा करेंगे। इस मौजूदा मामले पर मस्क के वकील एलेक्स स्पिरो ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि मस्क को अब ट्विटर अधिग्रहण में फॉर्म दाखिल करने में हुई देरी से जुड़े सभी मामलों से पूरी तरह से क्लीन चिट मिल गई है, जैसा कि उन्होंने शुरुआत से ही दावा किया था।

जुर्माने की रकम पर उठ रहे सवाल
इस समझौते और जुर्माने की भारी रकम को लेकर कानूनी जानकारों और विशेषज्ञों की अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में न्यूयॉर्क स्थित डायनामिस लॉ फर्म के पार्टनर रॉबर्ट फ्रेंचमैन के हवाले से कहा गया है कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के लिए यह पेनल्टी एक बहुत ही "मामूली रकम" है। हालांकि, उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में दूसरों को इस तरह के नियमों का उल्लंघन करने से जरूर रोकेगा। उन्होंने कहा कि यह बाजार के लिए एक साफ संदेश है कि नियम सभी के लिए एक समान हैं, चाहे वह इंसान एलन मस्क ही क्यों न हों।


वहीं, दूसरी ओर इस फैसले की कुछ लोगों द्वारा कड़ी आलोचना भी की जा रही है। बाइडन प्रशासन के दौरान एसईसी अध्यक्ष रहे गैरी जेन्सलर की पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ अमांडा फिशर ने इसे "एसईसी के लिए एक शर्मनाक दिन" करार दिया है। उनका साफ तौर पर कहना है कि इस सेटलमेंट को देखने के बाद आम जनता को यह सवाल जरूर पूछना चाहिए कि क्या एसईसी आम निवेशकों के हितों की बलि चढ़ाकर व्हाइट हाउस के करीबियों को बचाने का काम कर रहा है।
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