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सावधान: 350 करोड़ Chrome यूजर्स पर बड़ा खतरा; Google ने जारी किया इमरजेंसी अलर्ट, तुरंत करें ये काम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:20 AM IST
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सार
दुनियाभर में गूगल क्रोम (Google Chrome) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बेहद जरूरी चेतावनी सामने आई है। गूगल ने अपने ब्राउज़र में दो बेहद खतरनाक खामियों का पता चलने के बाद इमरजेंसी सुरक्षा अपडेट जारी किया है।
क्रोम ब्राउजर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
गूगल ने क्रोम ब्राउज़र के 350 करोड़ यूजर्स के लिए इमरजेंसी सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। दो नए 'जीरो-डे' खतरों के जरिए हैकर्स एक्टिव हमले कर रहे हैं। अपनी सुरक्षा के लिए यूजर्स को तुरंत अपना ब्राउज़र अपडेट करने की सलाह दी गई है।
48 घंटों में दूसरा अपडेट
आमतौर पर गूगल अपने सुरक्षा अपडेट्स के लिए एक तय समय सीमा का पालन करता है, लेकिन महज 48 घंटों के भीतर दूसरा सिक्योरिटी पैच जारी करना यह बताता है कि खतरा कितना बड़ा है। गूगल के मुताबिक दो 'जीरो-डे' (Zero-day) खतरों का फायदा उठाकर हैकर्स पहले ही हमले शुरू कर चुके हैं।
किन कमजोरियों से है खतरा
Google के अनुसार इन कमजोरियों को CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 नाम दिया गया है। दोनों खामियां Chrome के अहम सिस्टम हिस्सों को प्रभावित करती हैं। पहली कमजोरी Chrome की ग्राफिक्स लाइब्रेरी Skia से जुड़ी है। यह एक आउट-ऑफ-बाउंड्स मेमोरी समस्या है, जिसका फायदा उठाकर हमलावर किसी सिस्टम पर दूर से कोड चला सकते हैं। यह हमला किसी खतरनाक वेबसाइट पर जाने से भी ट्रिगर हो सकता है।
यह भी पढ़ें: गूगल पिक्सल यूजर्स के लिए खुशखबरी, 20 से ज्यादा स्मार्टफोन को मिलेगा OS अपडेट, देखें लिस्ट
दूसरी कमजोरी Chrome के जावास्क्रिप्ट इंजन V8 में पाई गई है। इस खामी का इस्तेमाल कर हैकर विशेष रूप से तैयार HTML पेज के जरिए सिस्टम के अंदर हानिकारक कोड चला सकते हैं।
क्या है Zero Day खतरा?
जब किसी सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर या नेटवर्क को डेवलप किया जाता है तो उसमें अक्सर कुछ लूपहोल यानी खामी रह जाती है। कई बार ऐसा होता है कि सॉफ्टवेयर को कई लेवल पर टेस्ट करने के बाद भी डेवलपर उसमें लूपहोल का पता नहीं लगा पाते। साइबर अटैकर इसी लूपहोल का फायदा उठाकर हमला करते हैं। लूपहोल का पता अगर समय रहते लगा लिया जाता है, तो डेवलपर उसका अपडेट (पैच) तैयार कर लेते हैं। लेकिन यदि पैच तैयार नहीं है और इस दौरान साइबर अटैक हो जाए, तो फिर कंपनी अपना बचाव करने के स्थिती में नहीं होती। इसी स्थिती को ही "जीरो-डे" कहा जाता है। आज गूगल से लेकर माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां के सामने जीरो-डे से निपटना एक बड़ी समस्या है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए
हालांकि Google ने इन खामियों को ठीक करने के लिए अपडेट जारी कर दिया है, लेकिन यह सभी यूजर्स तक धीरे-धीरे पहुंचेगा। इसलिए यूजर्स को अपने ब्राउजर के Help सेक्शन में जाकर About Google Chrome सेक्शन से अपडेट चेक करना चाहिए।
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक Zero-Day कमजोरियां बेहद गंभीर होती हैं, इसलिए ब्राउजर को तुरंत अपडेट करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
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48 घंटों में दूसरा अपडेट
आमतौर पर गूगल अपने सुरक्षा अपडेट्स के लिए एक तय समय सीमा का पालन करता है, लेकिन महज 48 घंटों के भीतर दूसरा सिक्योरिटी पैच जारी करना यह बताता है कि खतरा कितना बड़ा है। गूगल के मुताबिक दो 'जीरो-डे' (Zero-day) खतरों का फायदा उठाकर हैकर्स पहले ही हमले शुरू कर चुके हैं।
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किन कमजोरियों से है खतरा
Google के अनुसार इन कमजोरियों को CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 नाम दिया गया है। दोनों खामियां Chrome के अहम सिस्टम हिस्सों को प्रभावित करती हैं। पहली कमजोरी Chrome की ग्राफिक्स लाइब्रेरी Skia से जुड़ी है। यह एक आउट-ऑफ-बाउंड्स मेमोरी समस्या है, जिसका फायदा उठाकर हमलावर किसी सिस्टम पर दूर से कोड चला सकते हैं। यह हमला किसी खतरनाक वेबसाइट पर जाने से भी ट्रिगर हो सकता है।
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दूसरी कमजोरी Chrome के जावास्क्रिप्ट इंजन V8 में पाई गई है। इस खामी का इस्तेमाल कर हैकर विशेष रूप से तैयार HTML पेज के जरिए सिस्टम के अंदर हानिकारक कोड चला सकते हैं।
क्या है Zero Day खतरा?
जब किसी सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर या नेटवर्क को डेवलप किया जाता है तो उसमें अक्सर कुछ लूपहोल यानी खामी रह जाती है। कई बार ऐसा होता है कि सॉफ्टवेयर को कई लेवल पर टेस्ट करने के बाद भी डेवलपर उसमें लूपहोल का पता नहीं लगा पाते। साइबर अटैकर इसी लूपहोल का फायदा उठाकर हमला करते हैं। लूपहोल का पता अगर समय रहते लगा लिया जाता है, तो डेवलपर उसका अपडेट (पैच) तैयार कर लेते हैं। लेकिन यदि पैच तैयार नहीं है और इस दौरान साइबर अटैक हो जाए, तो फिर कंपनी अपना बचाव करने के स्थिती में नहीं होती। इसी स्थिती को ही "जीरो-डे" कहा जाता है। आज गूगल से लेकर माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां के सामने जीरो-डे से निपटना एक बड़ी समस्या है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए
हालांकि Google ने इन खामियों को ठीक करने के लिए अपडेट जारी कर दिया है, लेकिन यह सभी यूजर्स तक धीरे-धीरे पहुंचेगा। इसलिए यूजर्स को अपने ब्राउजर के Help सेक्शन में जाकर About Google Chrome सेक्शन से अपडेट चेक करना चाहिए।
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक Zero-Day कमजोरियां बेहद गंभीर होती हैं, इसलिए ब्राउजर को तुरंत अपडेट करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
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