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India's First SUV: आज धड़ल्ले से बिक रही हैं एसयूवी, लेकिन क्या आपको पता है कहां से हुई थी शुरुआत?

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Mon, 16 Mar 2026 10:34 AM IST
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सार

India's First SUV: आज के दौर में भारत के अंदर एसयूवी यानी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाली गाड़ियां होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में इसकी शुरुआत कैसे हुई थी?  साल 1991 में लॉन्च हुई  ये एसयूवी अपने आइकॉनिक लुक के लिए जानी जाती थी। अपने अनोखे 3-डोर, पीछे के बड़े शीशों और दमदार डीजल इंजन के साथ इस गाड़ी ने उस दौर में तहलका मचा दिया था। जानिए कौन सी थी ये गाड़ी और और किस कंपनी को इसका श्रेय जाता है?

The Story of India’s First Homegrown SUV Launched in 1991
1991 में लॉन्च हुई भारत की पहली एसयूवी - फोटो : एक्स
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विस्तार

भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग पिछले कई दशकों में तेजी से विकसित हुआ है। लेकिन अगर देश की पहली एसयूवी की बात की जाए तो सबसे पहले नाम टाटा सिएरा का ही सामने आता है। इस आइकॉनिक वाहन को टाटा मोटर्स ने 1991 में लॉन्च किया था और इसे भारत में बनी शुरुआती स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) में से एक माना जाता है। यह गाड़ी टाटा टेल्कोलाइन पिकअप के प्लेटफॉर्म पर आधारित थी और अपने अनोखे डिजाइन और मजबूत परफॉर्मेंस की वजह से काफी लोकप्रिय हुई।

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इंजन और परफॉर्मेंस

1991 में लॉन्च हुई टाटा सिएरा में 2.0-लीटर (1,948cc) डीजल इंजन दिया गया था, जो लगभग 68 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करता था। बाद में इसका 2.0-लीटर टर्बो-डीजल इंजन भी पेश किया गया, जो करीब 90 हॉर्सपावर की पावर देता था। इस इंजन को G76 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया था। मजबूत बॉडी और शानदार सस्पेंशन के कारण यह एसयूवी खराब और उबड़-खाबड़ सड़कों पर भी आसानी से चल सकती थी, जो भारतीय सड़क परिस्थितियों के लिए काफी उपयुक्त थी।

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एक्सटीरियर डिजाइन

टाटा सिएरा का डिजाइन अपने समय से काफी अलग और आकर्षक था। इसमें थ्री-डोर बॉडी स्टाइल दिया गया था, जो उस दौर में काफी यूनिक माना जाता था। इसके अलावा, गाड़ी की सबसे खास पहचान थी इसके बड़े फिक्स्ड रियर ग्लास पैनल, जो इसे बाकी गाड़ियों से अलग लुक देते थे। ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस, चौड़ी बॉडी और बोल्ड फ्रंट ग्रिल इसकी एसयूवी पहचान को और मजबूत बनाते थे।

इंटीरियर और कम्फर्ट

इंटीरियर के मामले में भी टाटा सिएरा अपने समय के हिसाब से काफी एडवांस मानी जाती थी। इसमें यात्रियों के लिए काफी स्पेशियस केबिन दिया गया था। गाड़ी में आरामदायक सीटें, पावर विंडो, एयर कंडीशनिंग, एडजस्टेबल स्टीयरिंग व्हील और टैकोमीटर जैसे फीचर्स मिलते थे। पीछे की बड़ी ग्लास विंडो की वजह से केबिन ज्यादा खुला और रोशन महसूस होता था।

फीचर्स और टेक्नोलॉजी

1990 के दशक की शुरुआत में टाटा सिएरा कई आधुनिक फीचर्स के साथ आती थी। इसमें पावर स्टीयरिंग और बेहतर डैशबोर्ड डिजाइन दिया गया था। हालांकि आज के समय में ये फीचर्स सामान्य लगते हैं, लेकिन उस दौर में इन्हें काफी एडवांस माना जाता था।

सेफ्टी

सेफ्टी के मामले में सिएरा आज की एसयूवी जितनी एडवांस नहीं थी। लेकिन उस समय के हिसाब से इसमें मजबूत लैडर-फ्रेम चेसिस और मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर दिया गया था। ये यात्रियों को बेसिक सुरक्षा प्रदान करता था।

कीमत और विरासत

जब टाटा सिएरा को 1991 में लॉन्च किया गया था, तब इसकी कीमत लगभग 5 से 6 लाख रुपये के बीच थी। ये उस समय एसयूवी अनुभव के लिए अपेक्षाकृत किफायती मानी जाती थी। हालांकि इसका उत्पादन 2003 में बंद हो गया। लेकिन टाटा सिएरा भारतीय ऑटोमोबाइल इतिहास का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। इस मॉडल ने भारत में एसयूवी सेगमेंट की लोकप्रियता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई और आगे आने वाली कई एसयूवी के लिए रास्ता तैयार किया।

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