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James Webb: क्या है जेम्स वेब टेलीस्कोप? जानिए उस मशीन के बारे में जिसने ढूंढ निकाला अंतरिक्ष में 'लाल आलू'

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Sun, 08 Feb 2026 05:43 PM IST
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सार

Red Potato Galaxy Discovery: अंतरिक्ष में जेम्स वेब टेलीस्कोप ने एक ऐसी गैलेक्सी खोज की खोज की है जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। लाल रंग की दिखने वाली इस गैलेक्सी को वैज्ञानिकों ने 'रेड पोटैटो' यानी लाल आलू नाम दिया है। आइए जानते हैं आखिर इस गैलेक्सी में क्या रहस्य छुपा है।

james webb telescope discovery red potato galaxy mystery explained
क्या है जेम्स वेब टेलीस्कोप? - फोटो : NASA
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विस्तार

यूनिवर्सिटी ऑफ मिलान के एस्ट्रोनॉमर्स की एक टीम ने हाल ही में एक ओनोखी विशाल गैलेक्सी का पता लगाया है। इस गैलेक्सी को जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से खोजा गया है। इस गैलेक्सी में खास ये है कि इसका रंग और आसार आलू के जैसा दिखता है, इसलिए वैज्ञानिक इसे 'रेड पोटैटो' कह रहे हैं। यह गैलेक्सी पृथ्वी से अरबों प्रकाश वर्ष दूर एक खास जगह पर है।
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सूर्य से 110 अरब गुना भारी है रेड पोटैटो
यह गैलेक्सी आकार में हमारे सूर्य से 110 अरब गुना भारी है। यह गैलेक्सी जितनी विशाल है, उतनी ही रहस्यमयी भी है क्योंकि इसके आसपास तारों को जन्म देने वाली गैस का भंडार होने के बावजूद, यहां नए तारों का निर्माण लगभग रुक गया है। आमतौर पर इतनी बड़ी गैलेक्सियां हर साल सैकड़ों नए तारों को जन्म देती हैं, लेकिन रेड पोटैटो में यह रफ्तार बहुत धीमी है। आधिकारिक तौर पर इसे MQN01 J004131.9-493704 नाम दिया गया है।
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जांच में पता चला कि इसके पास एक दूसरी गैलेक्सी है जो बहुत शक्तिशाली एक्स-रे किरणें (X-ray jets) छोड़ रही है। ये किरणें आसपास की गैस को इतना अशांत कर देती हैं कि 'रेड पोटैटो' उसे इस्तेमाल ही नहीं कर पाती।  सरल शब्दों में कहें तो पड़ोसी के शोर-शराबे ने इस गैलेक्सी की प्रगति को पूरी तरह रोक दिया है।

जेम्स वेब टेलीस्कोप (JWST) क्या है?
जेम्स वेब टेलीस्कोप को पुराने पड़ चुके 'हबल टेलीस्कोप' के जगह लाया गया है। आप इसे अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे शक्तिशाली कैमरा मान सकते हैं। इसे 25 दिसंबर 2021 को लॉन्च किया गया था। इसे बनाने में नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी जैसी बड़ी संस्थाओं ने अरबों डॉलर खर्च किए हैं। यह टेलीस्कोप 'हीट विजन' यानी इन्फ्रारेड टेक्नोलॉजी पर काम करता है। जैसे अंधेरे में देखने वाले इन्फ्रारेड चश्मे गर्मी पहचान लेते हैं, वैसे ही यह टेलीस्कोप धूल और धुएं के पार छिपे हुए तारों को देख सकता है।

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टेलीस्कोप में लगें हैं सोने की परत वाले आइने
इस टेलीस्कोप में लगभग 6.5 मीटर (21 फीट) चौड़ा आईना लगा है, जिसमें सोने की पतली परत चढ़ाई गई है। यह इसलिए क्योंकि सोना इन्फ्रारेड तरंगों को सबसे ज्यादा रिफ्लेक्ट करता है। टेलिस्कोप को सूरज की गर्मी से बचाने के लिए इसमें टेनिस कोर्ट के आकार की एक सनशील्ड लगी है। यह टेलिस्कोप को -233°C जैसे ठंडे तापमान में रखने में मदद करती है, जो इन्फ्रारेड सेंसर के काम करने के लिए जरूरी है

क्या है जेम्स वेब टेलीस्कोप का काम?
यह धरती से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर एक ऐसी जगह पर है जहां से यह बिना किसी रुकावट के अंतरिक्ष की गहराई देख सकता है। जब हम बहुत दूर की गैलेक्सी को देखते हैं, तो हम असल में उसके अरबों साल पुराने अतीत को देख रहे होते हैं क्योंकि उसकी रोशनी हम तक पहुंचने में इतना समय लेती है। जेम्स वेब हमें ब्रह्मांड के जन्म यानी बिग बैंग (Big Bang) के समय की पहली चमक दिखाने की कोशिश कर रहा है।

इस टेलीस्कोप का मुख्य काम ब्रह्मांड की उन सुदूर जगहों को देखना है जहां हम पहले कभी नहीं देख पाए। इसी कोशिश में ये तारों और गैलेक्सियों को खोज निकालता है। यह वहां पानी, ऑक्सीजन या मीथेन जैसी गैसों का पता लगाता है, ताकि यह संकेत मिल सके कि वहां जीवन मुमकिन हो सकता है।

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