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Telecom: Jio, Airtel और Vi यूजर्स को लग सकता है बड़ा झटका, जल्द 15% तक महंगे हो सकते हैं रिचार्ज प्लान
Wed, 08 Jul 2026 07:01 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Wed, 08 Jul 2026 07:01 AM IST
सार
अगर आप Jio, Airtel या Vodafone Idea (Vi) का सिम इस्तेमाल करते हैं, तो जल्द ही रिचार्ज पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, निजी टेलीकॉम कंपनियां अगले 3-4 महीनों में अपने प्लान 12 से 15 फीसदी तक महंगे कर सकती हैं। इतना ही नहीं, रिचार्ज की पूरी प्राइसिंग स्ट्रक्चर भी बदल सकती है।
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महंगे हो सकते हैं रिचार्ज प्लान्स
- फोटो : Adobestock
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विस्तार
अगर आप Reliance Jio, Bharti Airtel या Vodafone Idea (Vi) का मोबाइल नंबर इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले महीनों में रिचार्ज के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। एक नई रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश की निजी टेलीकॉम कंपनियां जल्द ही अपने प्रीपेड प्लान की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती हैं।
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रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि बाजार में अब केवल 3 प्राइवेट और 1 सरकारी खिलाड़ी ही बचे हैं, जिससे प्राइसिंग का माहौल कंपनियों के काफी अनुकूल हो गया है। ऐसे में हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में टैरिफ में 12 से 15% का इजाफा होगा।
मौजूदा समय में कंपनियों के ARPU में जो थोड़ा-बहुत सुधार दिख रहा है, वह सिर्फ 2G ग्राहकों के 4G/5G नेटवर्क पर शिफ्ट होने और डेटा की खपत बढ़ने की वजह से है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अगर टेलीकॉम कंपनियों को अपने मुनाफे और ARPU में वास्तविक वृद्धि चाहिए, तो उनके पास टैरिफ बढ़ाने के अलावा कोई और मजबूत विकल्प नहीं है।
इसका मतलब है कि जो ग्राहक ज्यादा डेटा इस्तेमाल करेंगे, उन्हें ज्यादा भुगतान करना होगा, जबकि कम डेटा इस्तेमाल करने वाले अपेक्षाकृत कम खर्च करेंगे।
हालांकि, फिलहाल किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कीमत बढ़ाने की घोषणा नहीं की है। अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो आने वाले कुछ महीनों में मोबाइल रिचार्ज पहले से महंगा हो सकता है।
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अगले 3-4 महीनों में लग सकता है झटका
हाल ही में वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए टेलीकॉम और इंटरनेट सेक्टर पर सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च (Centrum Institutional Research) ने एक प्रीव्यू रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया है कि प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स अपने प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में सीधे 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं। ग्राहकों के लिए चिंता की बात यह है कि यह बढ़ोतरी लागू होने में बहुत ज्यादा समय नहीं लगेगा; रिपोर्ट के मुताबिक अगले 3 से 4 महीनों के भीतर ही नए और महंगे प्लान्स बाजार में आ सकते हैं।
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आखिर क्यों महंगे हो रहे हैं प्लान्स?
इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का गणित है। पिछले एक या दो तिमाहियों से कंपनियों के प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU - Average Revenue Per User) में कोई खास और ठोस उछाल नहीं देखा गया है। इसके अलावा, रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में पिछले दो वर्षों से कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
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रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि बाजार में अब केवल 3 प्राइवेट और 1 सरकारी खिलाड़ी ही बचे हैं, जिससे प्राइसिंग का माहौल कंपनियों के काफी अनुकूल हो गया है। ऐसे में हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में टैरिफ में 12 से 15% का इजाफा होगा।
मौजूदा समय में कंपनियों के ARPU में जो थोड़ा-बहुत सुधार दिख रहा है, वह सिर्फ 2G ग्राहकों के 4G/5G नेटवर्क पर शिफ्ट होने और डेटा की खपत बढ़ने की वजह से है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अगर टेलीकॉम कंपनियों को अपने मुनाफे और ARPU में वास्तविक वृद्धि चाहिए, तो उनके पास टैरिफ बढ़ाने के अलावा कोई और मजबूत विकल्प नहीं है।
सिर्फ महंगा रिचार्ज नहीं, बदल सकता है पूरा सिस्टम
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि इस बार टैरिफ बढ़ोतरी सिर्फ रिचार्ज महंगा करने तक सीमित नहीं रह सकती। कंपनियां प्राइसिंग स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव कर सकती हैं। मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग तरह के इस्तेमाल के बावजूद कई यूजर्स एक जैसी कीमत चुकाते हैं। भविष्य में कंपनियां यूसेज-आधारित प्राइसिंग मॉडल अपना सकती हैं।इसका मतलब है कि जो ग्राहक ज्यादा डेटा इस्तेमाल करेंगे, उन्हें ज्यादा भुगतान करना होगा, जबकि कम डेटा इस्तेमाल करने वाले अपेक्षाकृत कम खर्च करेंगे।
हालांकि, फिलहाल किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कीमत बढ़ाने की घोषणा नहीं की है। अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो आने वाले कुछ महीनों में मोबाइल रिचार्ज पहले से महंगा हो सकता है।