Starlink को टक्कर देगा Jio: 1,650 सैटेलाइट्स से पूरे भारत में पहुंचाएगा इंटरनेट, आकाश अंबानी ने किया बड़ा एलान
Jio Satellite Internet: टेलीकॉम सेक्टर में अपना दबदबा बनाने के बाद, रिलायंस जिओ अब आसमान से इंटरनेट देने की तैयारी में है। आकाश अंबानी ने 'स्वदेशी सैटेलाइट इंटरनेट' नेटवर्क बनाने का बड़ा एलान किया है, जो एलन मस्क की स्टारलिंक जैसी विदेशी कंपनियों को सीधी टक्कर देगा।
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रिलायंस जिओ ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में जमीन पर अपना दबदबा बनाने के बाद, अब आसमान से भी इंटरनेट कनेक्टिविटी देने की पूरी तैयारी कर ली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में जिओ के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी अपना खुद का स्वदेशी सैटेलाइट नेटवर्क बनाने की योजना पर काम कर रही है।
दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचेगा इंटरनेट
वर्तमान में सैटेलाइट इंटरनेट (सैटकॉम) बाजार में एलन मस्क की स्टारलिंक और फ्रेंच ऑपरेटर यूरटेलसैट (Eutelsat) जैसी विदेशी कंपनियों का दबदबा है। जिओ अब इस बाजार में कदम रख रहा है।
आकाश अंबानी ने कहा, "जिओ ने भारत को जमीन पर कनेक्ट किया है, अब हमें आसमान से भारत को जोड़ना होगा। आज भी कई ऐसे दूरदराज के गांव, द्वीप और सीमा चौकियां हैं जहां जिओ का नेटवर्क नहीं पहुंच सकता। उनके लिए सैटेलाइट कनेक्टिविटी एक पुल का काम करेगी।"
1,650 सैटेलाइट्स का है मेगा प्लान
सूत्रों के मुताबिक, जिओ ने भारत के अंतरिक्ष रेगुलेटर IN-SPACe को 1,650 सैटेलाइट्स का एक लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) नेटवर्क स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी की सैटेलाइट ब्रांच (जिओ सैटेलाइट कम्यूनिकेशन) के पास पहले से ही सैटेलाइट सर्विस देने का लाइसेंस मौजूद है।
क्या है जिओ की दोहरी रणनीति?
जिओ इस प्रोजेक्ट को लेकर दो तरीके से काम कर रहा है:
- तुरंत सर्विस के लिए: जिओ फिलहाल ग्लोबल सैटेलाइट कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है ताकि उनकी सैटेलाइट कैपेसिटी को किराए पर लेकर भारत में जल्द से जल्द सर्विस शुरू की जा सके।
- भविष्य की तैयारी: इसके साथ ही कंपनी अपना खुद का स्वदेशी सैटेलाइट नेटवर्क तैयार कर रही है ताकि लंबे समय के लिए भारत की कनेक्टिविटी जरूरतें पूरी हो सकें।
डेटा सिक्योरिटी और आत्मनिर्भर भारत
विदेशी कंपनियों के सैटेलाइट्स के जरिए डेटा ट्रांसफर में सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की कुछ चिंताएं रही हैं, क्योंकि उनका कंट्रोल विदेशी कंपनियों के पास होता है। इस समस्या को सुलझाने के लिए जिओ भारत में ही अपना ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है। आकाश अंबानी ने बताया कि यह कदम स्पेस सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा और देश को ग्लोबल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड मैप पर स्थापित करेगा।
5G और 6G को लेकर भी दिए बड़े अपडेट्स
सैटेलाइट के अलावा आकाश अंबानी ने जिओ के मोबाइल नेटवर्क के आंकड़े भी शेयर किए:
- सबसे बड़ा 5G नेटवर्क: जिओ के 5G यूजर्स की संख्या 26.8 करोड़ के पार हो गई है। चीन के बाहर किसी भी देश में यह सबसे बड़ा 5G यूजर बेस है।
- कुल सब्सक्राइबर्स: जिओ 52.4 करोड़ यूजर्स के साथ भारतीय बाजार में सबसे आगे है।
- भविष्य का लक्ष्य: आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपने सभी यूजर्स को 5G पर शिफ्ट करना है। साथ ही, कंपनी भारत को 6G तकनीक में भी लीडर बनाने की दिशा में काम कर रही है।