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बच्चों के सोशल मीडिया हैंडल पर मेटा का शिकंजा: 7.5 लाख से ज्यादा अकाउंट्स हटाए, एआई से पकड़े जा रहे यूजर्स

Thu, 13 Aug 2026 01:01 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Thu, 13 Aug 2026 01:01 PM IST
सार

Meta under 16 accounts: फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के संदिग्ध यूजर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी का कहना है उसने नए सोशल मीडिया बैन के लागू होने के बाद लाखों संदिग्ध अकाउंट्स को डीएक्टिवेट कर दिया है। तो क्या अब अंडरएज यूजर्स की पहचान और सख्त होगी? आइए जानते हैं इस पूरे मामले का विस्तार से...
 

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Meta Removes 750,000+ Suspected Under-16 Accounts Australia
सोशल मीडिया बैन पर दिखा मेटा का असर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

Meta Australia social media ban: मेटा ने जानकारी देते हुए कहा कि उसने ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के 7.50 लाख (7,50,000) से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। इनमें इंस्टाग्राम और फेसबुक दोनों के अकाउंट शामिल हैं। यह एक्शन बच्चों और किशोरों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लागू किए गए दुनिया के पहले टीन सोशल मीडिया बैन के बाद की गई है। साथ कंपनी ने कहा कि वह कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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इंस्टाग्राम और फेसबुक के कितने अकाउंट्स हटाए गए?
  • रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा का कहना है कि दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया का सोशल मीडिया बैन लागू होने से ठीक पहले  से लेकर जून तक कंपनी ने कुल 7.56 लाख संदिग्ध अकाउंट्स डीएक्टिवेट किए। इनमें इंस्टाग्राम के 4,62,000 संदिग्ध अकाउंट्स और फेसबुक के 2,94,000 संदिग्ध अकाउंट शामिल हैं।
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  • हालांकि जनवरी तक हटाए गए अकाउंट्स की संख्या इससे काफी कम थी। उस समय इंस्टाग्राम के 3,31,000 और फेसबुक के 1,73,000 संदिग्ध अकाउंट्स डीएक्टिवेट किए गए थे।
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अकाउंट्स को क्यों किया गया डिएक्टिवेट?
  • ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों या किशोरों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। बच्चों और किशोरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया था।
  • यह कानून दस दिसंबर को लागू हुआ और इसे दुनिया का पहला ऐसा प्रमुख कानून माना गया है, जिसमें सोशल मीडिया के लिए इस तरह की उम्र सीमा लागू की गई। इसी वजह से मेटा 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के संदिग्ध अकाउंट हटा रहा है।

मेटा और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने किया था विरोध
  • मेटा समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भी इस कानून का पहले कड़ा विरोध किया था। इसके बावजूद मेटा का कहना है कि वह अब कानून का पालन करना चाहती है। कंपनी ने यह भी कहा कि प्रवर्तन कार्रवाई जारी है और संदिग्ध अकाउंट्स की संख्या आगे भी बढ़ सकती है।
  • मेटा ने बयान में कहा कि वह ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस लक्ष्य से सहमत है कि युवाओं को ऑनलाइन सुरक्षित और उम्र के अनुरूप अनुभव मिले और कंपनी कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है।

रेगुलेटर कर सकता है कानूनी कार्रवाई
  • ऑस्ट्रेलिया का इंटरनेट रेगुलेटर उन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ प्रवर्तन मुकदमा करने पर विचार कर रहा है, जिनके बारे में उसका मानना है कि उन्होंने कानून का पर्याप्त पालन नहीं किया है।
  • अब तक Meta ने इस तरह की तारीख आधारित अनुपालन जानकारी सार्वजनिक की है, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने इसी तरह का विस्तृत डेटा जारी नहीं किया है।
  • हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई सरकार के आंकड़ों और कई स्वतंत्र अध्ययनों के अनुसार बैन लागू होने के पहले तीन महीनों में भी 16 साल से कम उम्र के 80 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे सोशल मीडिया पर सक्रिय थे।

सरकार ने बढ़ाया जुर्माना
  • साथ ही ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कानून के उल्लंघन पर कार्रवाई को और सख्त करते हुए अधिकतम जुर्माना दोगुना करके 99 मिलियन डॉलर कर दिया है। यह राशि करीब 69.75 मिलियन डॉलर के बराबर बताई गई है।
  • इसके अलावा रेगुलेटर को सोशल मीडिया कंपनियों से दस्तावेज मांगने के लिए पहले से ज्यादा अधिकार भी दिए गए हैं।

Meta, TikTok, YouTube और Snapchat की होगी सुनवाई
  • यह भी जानकारी सामने आ रही है कि इस मामले में शुक्रवार को संसदीय जांच भी होनी है। इसमें मेटा, टिकटॉक, यूट्यूब की मालिक गूगल और Snapchat की पैरेंट कंपनी Snap के प्रतिनिधियों को गवाही देनी है। इसके साथ ही सरकारी और रेगुलेटरी अधिकारी भी सुनवाई में शामिल होंगे।
  • इस जांच के दौरान यह समझने की कोशिश की जाएगी कि प्लेटफॉर्म्स नए उम्र प्रतिबंधों को कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर रहे हैं और नाबालिग यूजर्स की पहचान में कितनी सफलता मिल रही है।

अंडरएज अकाउंट्स को कैसे पहचाना जा रहा है?
  • मेटा ने बताया कि वह AI का इस्तेमाल यूजर प्रोफाइल का विश्लेषण करने के लिए कर रही है। इसका मकसद ऐसे संदर्भ संबंधी संकेत तलाशना है, जिनसे पता चल सके कि कोई अकाउंट 16 साल से कम उम्र के व्यक्ति का हो सकता है।
  • कंपनी ऐसे संकेतों को देख सकती है, जैसे किसी प्रोफाइल में जन्मदिन समारोह या स्कूल ग्रेड का जिक्र होना। Meta संदिग्ध अंडरएज अकाउंट्स के बारे में मिलने वाली रिपोर्ट्स का भी विश्लेषण करती है।

नया अकाउंट बनाने की कोशिश पर भी रोक
  • कंपनी सिर्फ अकाउंट्स को बैन करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह किशोरों को नए अकाउंट्स बनाने से भी रोक रही है।
  • यानी अगर किसी व्यक्ति का पिछला अकाउंट अंडरएज होने के कारण डिलीट किया जा चुका है, तो दोबारा नया अकाउंट बनाने की कोशिश करने का विकल्प भी हटाया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे यूजर्स को दोबारा प्लेटफॉर्म पर लौटने से रोकना है।

Age Verification Technology का भी इस्तेमाल
  • 2025 में ऑस्ट्रेलिया में किए गए उम्र-पुष्टि तकनीक के ट्रायल में पाया गया था कि बाजार में उपलब्ध तकनीक इस तरह के बैन को प्रभावी तरीके से सपोर्ट कर सकती है।
  • ज्यादातर बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जिनमें मेटा भी शामिल है, ने फोटो आधारित उम्र अनुमान सॉफ्टवेयर लागू किया है। हालांकि कंपनियों का कहना है कि आम तौर पर वे सबसे पहले यूजर की ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर उसकी संभावित उम्र का अनुमान लगाने की कोशिश करती हैं।

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