{"_id":"695759fbe6e79a4b5f0fe0e4","slug":"meta-to-acquire-manus-ai-agent-startup-digital-employee-features-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"AI की दुनिया में Meta की बड़ी छलांग: अब डिजिटल कर्मचारी संभालेंगे आपका काम, जानें क्यों खास है Manus AI डील","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
AI की दुनिया में Meta की बड़ी छलांग: अब डिजिटल कर्मचारी संभालेंगे आपका काम, जानें क्यों खास है Manus AI डील
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 02 Jan 2026 11:09 AM IST
विज्ञापन
सार
Meta Manus AI Deal: फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने एआई की रेस में बढ़त बनाने के लिए सिंगापुर के स्टार्टअप Manus के साथ डील की है। यह एआई एजेंट एक डिजिटल कर्मचारी की तरह काम करता है, जो रिसर्च और ऑटोमेशन जैसे मुश्किल काम बिना किसी मदद के खुद पूरे कर सकता है।
मेटा एआई
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया अब केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रह गई है। दिग्गज टेक कंपनी Meta अब ऐसे फीचर्स पर काम कर रही है, जो आपके लिए एक डिजिटल असिस्टेंट नहीं बल्कि एक डिजिटल कर्मचारी की तरह काम करेंगे। इसी कड़ी में मार्क जुकरबर्ग की कंपनी ने सिंगापुर स्थित एआई स्टार्टअप Manus को खरीदने का ऐलान किया है। इस अधिग्रहण की मुख्य बातें और इसके पीछे की रणनीति को यहां विस्तार से समझें।
क्या है Manus AI और यह क्यों है खास?
Manus एक साधारण एआई नहीं है, बल्कि यह एक जनरल-पर्पज एआई एजेंट है। इसका मतलब है कि यह केवल जानकारी नहीं देता, बल्कि दिए गए काम को खुद अंजाम भी देता है। चाहे वह डेटा रिसर्च हो या मुश्किल ऑटोमेशन टास्क, यह एआई एजेंट बहुत कम इनपुट मिलने पर भी एक पेशेवर कर्मचारी की तरह काम को पूरा करने की क्षमता रखता है।
इसी साल Manus ने अपना एआई एजेंट लॉन्च किया था, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि इसकी परफॉर्मेंस OpenAI के DeepResearch से भी बेहतर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कंपनी ने यूजर्स के दर्जनों काम मुफ्त में पूरे करके अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है, जिसके बाद मेटा ने इसे अपनी टीम में शामिल करने में देर नहीं की।
मेटा के प्रोडक्ट्स में दिखेगा असर
मेटा इस तकनीक को केवल एक सर्विस के तौर पर ही नहीं बेचेगी, बल्कि इसे अपने सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook, Instagram और WhatsApp (Meta AI) में भी जोड़ेगी। आने वाले समय में बिजनेस यूजर्स और आम लोग मेटा एआई के जरिए अपने जटिल कामों को ऑटोमेट कर सकेंगे।
चीन से सिंगापुर का सफर और जियोपॉलिटिक्स
Manus की शुरुआत बीजिंग की 'बटरफ्लाई इफेक्ट टेक्नोलॉजी' के हिस्से के तौर पर हुई थी। हालांकि, चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और तकनीकी प्रतिबंधों के डर से यह कंपनी सिंगापुर शिफ्ट हो गई। सिंगापुर में मुख्यालय होने की वजह से इसे वैश्विक बाजार में विस्तार करने और मेटा जैसी अमेरिकी कंपनियों के साथ डील करने में आसानी हुई।
एआई की जंग में मेटा की बड़ी तैयारी
पिछले कुछ समय से Meta समेत कई बड़ी टेक कंपनियां AI सेक्टर में आक्रामक निवेश कर रही हैं। इसका मकसद बढ़ती प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करना है। इसी साल की शुरुआत में Meta ने डेटा लेबलिंग कंपनी Scale AI में निवेश किया था, जिसकी वैल्यूएशन करीब 29 अरब डॉलर आंकी गई थी। इस डील के साथ 28 वर्षीय CEO अलेक्जेंडर वांग भी Meta से जुड़े थे।
Trending Videos
क्या है Manus AI और यह क्यों है खास?
Manus एक साधारण एआई नहीं है, बल्कि यह एक जनरल-पर्पज एआई एजेंट है। इसका मतलब है कि यह केवल जानकारी नहीं देता, बल्कि दिए गए काम को खुद अंजाम भी देता है। चाहे वह डेटा रिसर्च हो या मुश्किल ऑटोमेशन टास्क, यह एआई एजेंट बहुत कम इनपुट मिलने पर भी एक पेशेवर कर्मचारी की तरह काम को पूरा करने की क्षमता रखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी साल Manus ने अपना एआई एजेंट लॉन्च किया था, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि इसकी परफॉर्मेंस OpenAI के DeepResearch से भी बेहतर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कंपनी ने यूजर्स के दर्जनों काम मुफ्त में पूरे करके अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है, जिसके बाद मेटा ने इसे अपनी टीम में शामिल करने में देर नहीं की।
मेटा के प्रोडक्ट्स में दिखेगा असर
मेटा इस तकनीक को केवल एक सर्विस के तौर पर ही नहीं बेचेगी, बल्कि इसे अपने सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook, Instagram और WhatsApp (Meta AI) में भी जोड़ेगी। आने वाले समय में बिजनेस यूजर्स और आम लोग मेटा एआई के जरिए अपने जटिल कामों को ऑटोमेट कर सकेंगे।
चीन से सिंगापुर का सफर और जियोपॉलिटिक्स
Manus की शुरुआत बीजिंग की 'बटरफ्लाई इफेक्ट टेक्नोलॉजी' के हिस्से के तौर पर हुई थी। हालांकि, चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और तकनीकी प्रतिबंधों के डर से यह कंपनी सिंगापुर शिफ्ट हो गई। सिंगापुर में मुख्यालय होने की वजह से इसे वैश्विक बाजार में विस्तार करने और मेटा जैसी अमेरिकी कंपनियों के साथ डील करने में आसानी हुई।
एआई की जंग में मेटा की बड़ी तैयारी
पिछले कुछ समय से Meta समेत कई बड़ी टेक कंपनियां AI सेक्टर में आक्रामक निवेश कर रही हैं। इसका मकसद बढ़ती प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करना है। इसी साल की शुरुआत में Meta ने डेटा लेबलिंग कंपनी Scale AI में निवेश किया था, जिसकी वैल्यूएशन करीब 29 अरब डॉलर आंकी गई थी। इस डील के साथ 28 वर्षीय CEO अलेक्जेंडर वांग भी Meta से जुड़े थे।