SIM Card Scam: आपके नाम का सिम इस्तेमाल कर रहे स्कैमर्स, ऐसे चलता है पूरा रैकेट, बचने का तरीका जानें
पुलिस ने भी 400 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं जिनका इस्तेमाल वर्क फ्रॉम होम जॉब स्कैम में हो रहा था। यहां यह समझना जरूरी है कि सिम कार्ड फर्जी तो नहीं हो सकता, उसका इस्तेमाल फर्जी तरीके से होता है। आइए समझते हैं कि आखिर इस तरह के सिम कार्ड जारी कैसे होते हैं और आपके इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?
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SIM Card Scam: पिछले 24 घंटे में पुलिस ने दो ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो सिम कार्ड के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। पुलिस ने कहा है कि फर्जी नाम-पते से जारी सिम कार्ड के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड में लिप्त 39 मोबाइल सिम कार्ड डीलरों (प्वाइंट ऑफ सेल) में से नौ यूपी के हैं। यह फर्जीवाड़ा प्रदेश के छह जिलों में हो रहा था। सीबीआई ने इनके ठिकानों पर बीते दिनों छापा मारा था। फर्जीवाड़े में पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, बिहार, तामिलनाडु और कर्नाटक के तमाम सिम कार्ड डीलर भी शामिल हैं।
इन फर्जी सिम कार्ड के जरिये डिजिटल अरेस्ट, जासूसी, फर्जी विज्ञापन, निवेश संबंधी फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड आदि साइबर क्राइम अंजाम दिया जा रहा था। इससे पहले बेंगलूरू पुलिस ने भी 400 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं जिनका इस्तेमाल वर्क फ्रॉम होम जॉब स्कैम में हो रहा था। यहां यह समझना जरूरी है कि सिम कार्ड फर्जी तो नहीं हो सकता, उसका इस्तेमाल फर्जी तरीके से होता है। आइए समझते हैं कि आखिर इस तरह के सिम कार्ड जारी कैसे होते हैं और आपके इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?
कैसे काम करता है सिम कार्ड का गैंग?
आमतौर पर हम जब सिम कार्ड लेने जाते हैं तो आधार वेरिफिकेशन होता है और उसके बाद आपके नाम पर सिम कार्ड जारी होता है। ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि जब आधार वेरिफिकेशन के बाद सिम जारी हो रहा है तो फिर किसी और के नाम पर सिम कार्ड स्कैमर्स कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक इसमें सिम कार्ड वेंडर ही शामिल हैं। ये ग्राहकों का केवाईसी वेरिफिकेशन करते हैं और कह देते हैं कि वेरिफिकेशन फेल हो गया, जबकि वेरिफिकेशन फेल नहीं हुआ होता है। उसके बाद ये फिर से केवाईसी करते हैं और एक दूसरा सिम उसी नाम और एड्रेस पर जारी करते हैं। एक सिम आपको थमा दिया जाता है और दूसरा साइबर स्कैमर्स को। ऐसे में आपको भनक भी नहीं लगती और आपके नाम पर सिम कार्ड जारी हो जाता है।
सिम कार्ड स्कैम से बचने का तरीका क्या है?
जब भी सिम कार्ड लें तो ऑथराइज डीलर या कंपनियों के किओस्क प्वाइंट से लें। राह चलते ऑफर के चक्कर में सिम कार्ड ना खरीदें। इसके बावजूद किसी भी सूरत में दोबारा केवाईसी ना करें। यदि बहुत ही जरूरी हो तो पहले केवाईसी मैसेज चेक करें, उसमें फेल दिखा रहा हो तो उसके बाद ही दोबारा केवाईसी करें। इसके बाद भी समय-समय पर यह चेक करते रहें कि आपके नाम पर कोई दूसरा सिम कार्ड इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है। इसके लिए आप संचार साथी पोर्टल या एप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
https://tafcop.sancharsaathi.gov.in/telecomUser/ पर जाकर भी आप मोबाइल नंबर डालकर साइन करें और देखें कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं। यदि कोई दूसरा सिम एक्टिव है जिसके आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उसे तुरंत ब्लॉक करें।