Sony Robot: चैंपियन खिलाड़ियों पर भारी पड़ा सोनी का 'ACE' रोबोट, टेबल टेनिस में दी कड़ी मात; देखें वीडियो
Sony Ace Robot: सोनी ने 'Ace' नाम का एक ऐसा एडवांस AI रोबोट तैयार किया है, जो टेबल टेनिस में इंसानों को चुनौती दे रहा है और उन्हें हरा भी रहा है। यह रोबोट हाई-टेक कैमरों और सटीक रोबोटिक आर्म की मदद से गेंद की गति और दिशा को समझकर तेज और सटीक शॉट लगाता है।
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विस्तार
कैसे काम करता है यह रोबोट?
सोनी का Ace रोबोट जिस तकनीक पर काम करता है, वह इसे डिजिटल गेम्स के मुकाबले कहीं ज्यादा एडवांस बनाती है। जहां शतरंज या वीडियो गेम सॉफ्टवेयर तक सीमित हैं, वहीं असली दुनिया में टेबल टेनिस खेलने के लिए यह रोबोट अपनी 'तेज आंखों' और 'सटीक हाथ' के तालमेल का इस्तेमाल करता है।
इसमें 9 बेहद हाई-टेक कैमरे लगे हैं जो इंसानी आंखों से भी कहीं ज्यादा तेजी से गेंद की स्पीड और उसके घुमाव को ट्रैक कर लेते हैं। जैसे ही कैमरे गेंद की दिशा भांपते हैं, इसका 8 जोड़ों वाला खास रोबोटिक हाथ हरकत में आता है और एक प्रोफेशनल खिलाड़ी की तरह सही ताकत के साथ सटीक शॉट लगाता है।
कैसा रहा रोबोट का प्रदर्शन?
Ace रोबोट के प्रदर्शन का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। शुरुआत में इसने उन माहिर एमेच्योर खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी ताकत दिखाई जो हर हफ्ते करीब 20 घंटे प्रैक्टिस करते हैं। रोबोट ने शानदार खेल दिखाते हुए 5 में से 3 मैचों में उन्हें मात दे दी। हालांकि, जब इसका सामना जापान के मंझे हुए प्रोफेशनल खिलाड़ियों से हुआ तो शुरुआत में इसे काफी संघर्ष करना पड़ा और वह उनके अनुभव के आगे टिक नहीं पाया।लेकिन रिपोर्ट बताती है कि इस रोबोट ने अपने खेल में गजब का सुधार किया। इसी का नतीजा रहा कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच Ace ने न केवल अपनी कमियों को दूर किया, बल्कि खेल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचकर एलीट और प्रोफेशनल खिलाड़ियों को भी हराने में एतिहासिक सफलता हासिल की।
New @Nature paper today : Sony's Ace robot beats 3 of 5 elite table tennis players. Loses to professionals.
— Bo Wang (@BoWang87) April 22, 2026
Human players win points with faster-than-average shots (p<0.001 between won vs returned). Ace wins with ordinary shots. Same speed and spin profile whether it wins or… pic.twitter.com/5grv3Q03ZZ
इतनी खास क्यों है यह जीत?
यह जीत वाकई एतिहासिक है क्योंकि Ace ने पिछले 40 वर्षों से चले आ रहे उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जिसके तहत दुनिया भर के वैज्ञानिक फिजिकल स्पोर्ट्स में इंसानों को टक्कर देने वाला रोबोट बनाने की कोशिश कर रहे थे। अब तक किसी भी रोबोट ने मैदानी खेल में इस स्तर का प्रदर्शन नहीं किया था।
सबसे खास बात यह रही कि यह कोई बंद कमरे या लैब में किया गया साधारण टेस्ट नहीं था, बल्कि इन मैचों का आयोजन इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन के बिल्कुल असली नियमों और पेशेवर अंपायरों की निगरानी में किया गया था, जो इसे एक प्रामाणिक और बड़ी कामयाबी बनाता है।
इंसानी खिलाड़ियों का क्या अनुभव रहा?
खिलाड़ियों के अनुभवों की बात करें तो Ace के साथ मुकाबला करना उनके लिए एक मनोवैज्ञानिक चुनौती भी रहा है, क्योंकि इस रोबोट की कोई 'बॉडी लैंग्वेज' नहीं होती। आम तौर पर खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी के चेहरे के हाव-भाव या थकान को देखकर उसकी मानसिक स्थिति का अंदाजा लगा लेते हैं, लेकिन रोबोट के मामले में ऐसा कोई संकेत न मिलने से उसके अगले शॉट को भांपना नामुमकिन हो जाता है।
हालांकि, इस मजबूती के बावजूद चतुर खिलाड़ियों ने इसकी एक तकनीकी कमजोरी भी ढूंढ निकाली है। असल में यह रोबोट काफी हद तक खिलाड़ी के शॉट की नकल करता है। जहां यह मुश्किल स्पिन वाली सर्विस का जवाब उतने ही कड़े रिटर्न से देता है, वहीं आसान और साधारण सर्विस करने पर यह उतनी ही सीधी गेंद वापस भेज देता है। इससे इंसानी खिलाड़ियों के लिए उस पर जोरदार हमला करना और अंक जीतना आसान हो जाता है।
फैक्ट्रियों और सर्विस सेक्टर में रोबोट उतारने का लक्ष्य
Ace के भविष्य और इसके सीखने के तरीके की बात करें तो इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसने किसी इंसान की नकल करके नहीं, बल्कि कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए खुद को ट्रेन करके यह मुकाम हासिल किया है। यही वजह है कि इसके खेलने का अंदाज पारंपरिक नहीं बल्कि एकदम अनोखा है। हालांकि, सोनी का अंतिम लक्ष्य सिर्फ टेबल टेनिस का मैच जीतना नहीं है।
कंपनी इस रोबोट की गजब की फुर्ती और सटीक काम करने की काबिलियत को फैक्ट्रियों और सर्विस सेक्टर में उतारना चाहती है। मकसद एक ऐसा भविष्य तैयार करना है जहां मशीनें और इंसान कंधे से कंधा मिलाकर, बिना किसी गलती के और बिजली की रफ्तार से काम कर सकें। फिलहाल, सोनी की टीम उन बारीक तकनीकी खामियों को दूर करने में जुटी है, जिन्हें मंझे हुए खिलाड़ियों ने मैच के दौरान भांप लिया था, ताकि यह फिजिकल एआई आने वाले समय में और भी बेहतर और भरोसेमंद बन सके।
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