{"_id":"69e8b98e2d64d3f79c00ab2c","slug":"online-gaming-regulation-act-2025-effective-from-may-2026-new-authority-formed-2026-04-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Online Gaming Act: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन किया, 1 मई से लागू होंगे नए नियम","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
Online Gaming Act: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन किया, 1 मई से लागू होंगे नए नियम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Wed, 22 Apr 2026 05:40 PM IST
विज्ञापन
सार
Online Gaming Act 2025: ऑनलाइन गेमिंग को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025' आगामी 1 मई 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। गेमिंग सेक्टर को रेगुलेट करने के लिए सरकार ने एक नई गेमिंग प्राधिकरण का भी गठन किया है।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 1 मई से होगा लागू
- फोटो : UN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
भारत में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025’ को 1 मई 2026 से लागू किया जाएगा। इस कानून का मकसद ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को एक तय ढांचे में लाना और इसके संचालन को व्यवस्थित करना है।
सरकार ने बनाया ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण
इस नए कानून को सही तरीके से लागू करने और गेमिंग से जुड़ी हर गतिविधि पर निगरानी रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक विशेष प्राधिकरण का भी गठन कर दिया है। सरकार ने इसे 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया' का नाम दिया है। यह भारत में गेमिंग कंपनियों के कामकाज के तरीके तय करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि नियमों का सही से पालन हो।
इन्हें सौंपी गई प्राधिकरण की कमान
गेमिंग सेक्टर की इस सबसे बड़े प्राधिकरण का नेतृत्व एक बेहद अहम पद को सौंपा गया है। सरकार के फैसले के अनुसार, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अपर सचिव इस नई 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया' के पदेन अध्यक्ष होंगे। उनकी अध्यक्षता में यह संस्था भारत के ऑनलाइन गेमिंग बाजार को एक सुरक्षित और विश्वस्तरीय दिशा देने का काम करेगी।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025: आपके सभी सवालों के जवाब
सवाल 1: ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 क्या है?
जवाब: यह केंद्र सरकार द्वारा लाया गया एक नया कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स सेक्टर को एक कानूनी ढांचे के तहत लाना, इसे बढ़ावा देना और गेमिंग कंपनियों के कामकाज को नियंत्रित करना है ताकि यूजर्स सुरक्षित रहें।
सवाल 2: यह नया गेमिंग कानून देश में कब से लागू होगा?
जवाब: केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, यह नया कानून (2025 का अधिनियम संख्या 32) 1 मई 2026 से पूरे देश में आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा।
सवाल 3: ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 की जरूरत क्यों पड़ी?
जवाब: भारत में ऑनलाइन गेमिंग का दायरा जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से धोखाधड़ी, आर्थिक नुकसान और गेमिंग की लत जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आई हैं। पहले कोई सख्त केंद्रीय कानून न होने के कारण कई फर्जी और विदेशी सट्टेबाजी वाले एप्स युवाओं को अपना शिकार बना रहे थे, जिससे डेटा चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा बढ़ गया था। इसके अलावा, 'कौशल आधारित खेल' और 'किस्मत आधारित खेल' (सट्टेबाजी) के बीच का अंतर स्पष्ट करना भी जरूरी था। यूजर्स की गाढ़ी कमाई, उनके मानसिक स्वास्थ्य और निजी डेटा को सुरक्षित रखने के साथ-साथ इस पूरे सेक्टर को एक पारदर्शी लीगल फ्रेमवर्क के तहत लाने के लिए ही सरकार को यह सख्त कानून लाना पड़ा।
सवाल 4: ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के तहत दंड और जुर्माने के क्या प्रावधान हैं?
नए गेमिंग एक्ट को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने उल्लंघन पर दंड और जुर्माने के कई तरह के प्रावधान किए हैं:
ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश करना: यदि कोई व्यक्ति या कंपनी अवैध रूप से ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाएं प्रदान करती है, तो उसे 3 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
प्रतिबंधित खेलों का विज्ञापन: ऐसे खेलों का विज्ञापन करने या बढ़ावा देने पर 2 वर्ष तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित है।
वित्तीय लेनदेन की सुविधा देना: प्रतिबंधित गेमिंग सेवाओं के लिए धन के हस्तांतरण या लेनदेन को सक्षम करने पर भी 3 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध: ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं की पेशकश और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं।
कंपनियों की जवाबदेही: अपराध होने की स्थिति में कंपनियों के साथ-साथ उनके शीर्ष अधिकारियों को भी उत्तरदायी ठहराया जाएगा। हालांकि, स्वतंत्र और गैर-कार्यकारी निदेशकों को छूट मिल सकती है यदि वे यह सिद्ध कर सकें कि उन्होंने उचित सावधानी बरती थी।
पंजीकरण रद्द करना: नियमों का पालन न करने पर ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण द्वारा कंपनी का पंजीकरण निलंबित या रद्द किया जा सकता है और 10 लाख रुपये तक का नागरिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सवाल 5: भारत में कितनी बड़ी है ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री?
जवाब: भारत आज पूरी दुनिया में सबसे बड़े और तेजी से उभरते ऑनलाइन गेमिंग बाजारों में से एक है। सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन्स की आसान पहुंच के कारण देश में आज लगभग 50 से 60 करोड़ एक्टिव गेमर्स हैं। इंडस्ट्री की हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय गेमिंग मार्केट का आकार वर्तमान में करीब 3 से 3.5 अरब डॉलर (लगभग 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये) के बीच है। सबसे खास बात यह है कि यह इंडस्ट्री हर साल 20 से 30 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रही है। ई-स्पोर्ट्स, कैजुअल गेमिंग और रियल मनी गेमिंग के बढ़ते चलन को देखते हुए अनुमान है कि अगले 3-4 वर्षों में यह बाजार 8 से 10 अरब डॉलर के विशाल आंकड़े को पार कर जाएगा।
Trending Videos
सरकार ने बनाया ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण
इस नए कानून को सही तरीके से लागू करने और गेमिंग से जुड़ी हर गतिविधि पर निगरानी रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक विशेष प्राधिकरण का भी गठन कर दिया है। सरकार ने इसे 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया' का नाम दिया है। यह भारत में गेमिंग कंपनियों के कामकाज के तरीके तय करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि नियमों का सही से पालन हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन्हें सौंपी गई प्राधिकरण की कमान
गेमिंग सेक्टर की इस सबसे बड़े प्राधिकरण का नेतृत्व एक बेहद अहम पद को सौंपा गया है। सरकार के फैसले के अनुसार, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अपर सचिव इस नई 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया' के पदेन अध्यक्ष होंगे। उनकी अध्यक्षता में यह संस्था भारत के ऑनलाइन गेमिंग बाजार को एक सुरक्षित और विश्वस्तरीय दिशा देने का काम करेगी।
Central Government constitutes the Online Gaming Authority of India, consisting of the following persons, namely- Additional Secretary, Ministry of Electronics and Information Technology as Chairperson, ex officio pic.twitter.com/om0kTtr8C3
— ANI (@ANI) April 22, 2026
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025: आपके सभी सवालों के जवाब
सवाल 1: ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 क्या है?
जवाब: यह केंद्र सरकार द्वारा लाया गया एक नया कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स सेक्टर को एक कानूनी ढांचे के तहत लाना, इसे बढ़ावा देना और गेमिंग कंपनियों के कामकाज को नियंत्रित करना है ताकि यूजर्स सुरक्षित रहें।
सवाल 2: यह नया गेमिंग कानून देश में कब से लागू होगा?
जवाब: केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, यह नया कानून (2025 का अधिनियम संख्या 32) 1 मई 2026 से पूरे देश में आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा।
सवाल 3: ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 की जरूरत क्यों पड़ी?
जवाब: भारत में ऑनलाइन गेमिंग का दायरा जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से धोखाधड़ी, आर्थिक नुकसान और गेमिंग की लत जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आई हैं। पहले कोई सख्त केंद्रीय कानून न होने के कारण कई फर्जी और विदेशी सट्टेबाजी वाले एप्स युवाओं को अपना शिकार बना रहे थे, जिससे डेटा चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा बढ़ गया था। इसके अलावा, 'कौशल आधारित खेल' और 'किस्मत आधारित खेल' (सट्टेबाजी) के बीच का अंतर स्पष्ट करना भी जरूरी था। यूजर्स की गाढ़ी कमाई, उनके मानसिक स्वास्थ्य और निजी डेटा को सुरक्षित रखने के साथ-साथ इस पूरे सेक्टर को एक पारदर्शी लीगल फ्रेमवर्क के तहत लाने के लिए ही सरकार को यह सख्त कानून लाना पड़ा।
सवाल 4: ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के तहत दंड और जुर्माने के क्या प्रावधान हैं?
नए गेमिंग एक्ट को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने उल्लंघन पर दंड और जुर्माने के कई तरह के प्रावधान किए हैं:
ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश करना: यदि कोई व्यक्ति या कंपनी अवैध रूप से ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाएं प्रदान करती है, तो उसे 3 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
प्रतिबंधित खेलों का विज्ञापन: ऐसे खेलों का विज्ञापन करने या बढ़ावा देने पर 2 वर्ष तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित है।
वित्तीय लेनदेन की सुविधा देना: प्रतिबंधित गेमिंग सेवाओं के लिए धन के हस्तांतरण या लेनदेन को सक्षम करने पर भी 3 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध: ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं की पेशकश और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं।
कंपनियों की जवाबदेही: अपराध होने की स्थिति में कंपनियों के साथ-साथ उनके शीर्ष अधिकारियों को भी उत्तरदायी ठहराया जाएगा। हालांकि, स्वतंत्र और गैर-कार्यकारी निदेशकों को छूट मिल सकती है यदि वे यह सिद्ध कर सकें कि उन्होंने उचित सावधानी बरती थी।
पंजीकरण रद्द करना: नियमों का पालन न करने पर ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण द्वारा कंपनी का पंजीकरण निलंबित या रद्द किया जा सकता है और 10 लाख रुपये तक का नागरिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सवाल 5: भारत में कितनी बड़ी है ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री?
जवाब: भारत आज पूरी दुनिया में सबसे बड़े और तेजी से उभरते ऑनलाइन गेमिंग बाजारों में से एक है। सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन्स की आसान पहुंच के कारण देश में आज लगभग 50 से 60 करोड़ एक्टिव गेमर्स हैं। इंडस्ट्री की हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय गेमिंग मार्केट का आकार वर्तमान में करीब 3 से 3.5 अरब डॉलर (लगभग 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये) के बीच है। सबसे खास बात यह है कि यह इंडस्ट्री हर साल 20 से 30 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रही है। ई-स्पोर्ट्स, कैजुअल गेमिंग और रियल मनी गेमिंग के बढ़ते चलन को देखते हुए अनुमान है कि अगले 3-4 वर्षों में यह बाजार 8 से 10 अरब डॉलर के विशाल आंकड़े को पार कर जाएगा।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X