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मस्क से स्पेस में लोहा लेंगे जेफ बेजोस: क्या है TeraWave जो बन सकता है स्टारलिंक की राह का कांटा?
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 23 Jan 2026 05:01 PM IST
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सार
Blue Origin TeraWave: जेफ बेजोस की कंपनी Blue Origin ने TeraWave नाम का नया सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क लॉन्च करने की घोषणा की है। यह नेटवर्क दुनिया के किसी भी कोने में 6 Tbps तक की हाई-स्पीड और समान अपलोड-डाउनलोड इंटरनेट सुविधा देने का दावा करता है।
टेरावेव से मिलेगी स्टारलिंक को टक्कर
- फोटो : TeraWave
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विस्तार
जैसे-जैसे तकनीक प्रगति कर रही है, दुनिया में सबसे तेज इंटरनेट देने की जंग भी दिलचस्प होती जा रही है। अब इस कड़ी में अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस का नाम भी शामिल हो गया है। बेजोस की एयरोस्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) ने 21 जनवरी को हाई-स्पीड सैटेलाइट कम्यूनिकेशन नेटवर्क 'टेरावेव' (TeraWave) को लॉन्च करने का एलान किया है। बता दें कि सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में पहले से ही अमेरिकी अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) के स्टारलिंक (Starlink) का दबदबा है। ऐसे में अब एलन मस्क और जेफ बेजोस की कंपनियां एक दूसरे को स्पेस में टक्कर देती नजर आएंगी।
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लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : AI
सबको नहीं मिलेगा ये इंटरनेट
टेरावेव की बात करें, तो इसका फोकस स्टारलिंक के जैसे आम ग्राहकों पर नहीं होगा। कंपनी इसकी सर्विस कुछ ऐसे खास ग्राहकों को देगी जिन्हें जरूरी सेवाओं के लिए हाई-स्पीड और स्थिर डेटा की जरूरत होती है। ब्लू ओरिजिन के मुताबिक, यह नेटवर्क एंटरप्राइज कंपनियों, डेटा सेंटर्स और सरकारी संस्थानों को सेवाएं देगा। कंपनी का कहना है कि इससे दुनियाभर में हजारों बड़े यूजर्स को फायदा मिलेगा।
यह भी पढ़ें: दावोस में एलन मस्क की बड़ी भविष्यवाणी; 5 साल में संपूर्ण मानव जाति से ज्यादा बुद्धिमान हो जाएगा एआई
5,400 से ज्यादा सैटेलाइट्स से बनेगा नेटवर्क
टेरावेव की सबसे बड़ी खासियत इसका मल्टी-ऑर्बिट आर्किटेक्चर है। इस नेटवर्क में कुल 5,408 सैटेलाइट शामिल होंगे, जो लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) और मीडियम अर्थ ऑर्बिट (MEO) में तैनात किए जाएंगे। ये सैटेलाइट्स ऑप्टिकल लिंक के जरिए आपस में जुड़े होंगे, जिससे ग्लोबल हब्स और यूजर्स के बीच अल्ट्रा-हाई-थ्रूपुट कनेक्शन संभव होगा।
टेरावेव की बात करें, तो इसका फोकस स्टारलिंक के जैसे आम ग्राहकों पर नहीं होगा। कंपनी इसकी सर्विस कुछ ऐसे खास ग्राहकों को देगी जिन्हें जरूरी सेवाओं के लिए हाई-स्पीड और स्थिर डेटा की जरूरत होती है। ब्लू ओरिजिन के मुताबिक, यह नेटवर्क एंटरप्राइज कंपनियों, डेटा सेंटर्स और सरकारी संस्थानों को सेवाएं देगा। कंपनी का कहना है कि इससे दुनियाभर में हजारों बड़े यूजर्स को फायदा मिलेगा।
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5,400 से ज्यादा सैटेलाइट्स से बनेगा नेटवर्क
टेरावेव की सबसे बड़ी खासियत इसका मल्टी-ऑर्बिट आर्किटेक्चर है। इस नेटवर्क में कुल 5,408 सैटेलाइट शामिल होंगे, जो लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) और मीडियम अर्थ ऑर्बिट (MEO) में तैनात किए जाएंगे। ये सैटेलाइट्स ऑप्टिकल लिंक के जरिए आपस में जुड़े होंगे, जिससे ग्लोबल हब्स और यूजर्स के बीच अल्ट्रा-हाई-थ्रूपुट कनेक्शन संभव होगा।
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वाई-फाई
- फोटो : Adobe Stock
6 Tbps तक की होगी इंटरनेट स्पीड
टेरावेव नेटवर्क ग्राहकों को सिमेट्रिकल यानी समान अपलोड और डाउनलोड स्पीड देगा। लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद 5,280 सैटेलाइट्स के जरिए यूजर्स को 144 Gbps तक की स्पीड मिल सकेगी। वहीं, 128 मीडियम अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स ऑप्टिकल लिंक के जरिए 6 टेराबाइट प्रति सकेंड (Tbps) तक की क्षमता उपलब्ध कराएंगे। कंपनी का दावा है कि यह नेटवर्क ज्यादा रेडंडेंसी, तेज स्केलेबिलिटी और बेहतर नेटवर्क रेजिलिएंस देगा।
यह भी पढ़ें: TikTok की डील हुई फाइनल, नए मालिक और सीईओ का हुआ एलान, जानिए ट्रंप के हाथ में कैसे होगा कंट्रोल
2027 से शुरू होगी तैनाती
कंपनी के अनुसार टेरावेव सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन की तैनाती 2027 की चौथी तिमाही से शुरू की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। ब्लू ओरिजिन के मुताबिक टेरावेव खासतौर पर उन इलाकों के लिए फायदेमंद होगा, जहां फाइबर नेटवर्क बिछाना महंगा, तकनीकी रूप से मुश्किल या समय लेने वाला होता है। इसमें रिमोट, ग्रामीण और सब-अर्बन क्षेत्र शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इसके एंटरप्राइज-ग्रेड टर्मिनल और गेटवे बहुत तेजी से दुनिया के किसी भी हिस्से में तैनात किए जा सकते हैं और यह मौजूदा हाई-कैपेसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आसानी से काम करेंगे।
टेरावेव नेटवर्क ग्राहकों को सिमेट्रिकल यानी समान अपलोड और डाउनलोड स्पीड देगा। लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद 5,280 सैटेलाइट्स के जरिए यूजर्स को 144 Gbps तक की स्पीड मिल सकेगी। वहीं, 128 मीडियम अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स ऑप्टिकल लिंक के जरिए 6 टेराबाइट प्रति सकेंड (Tbps) तक की क्षमता उपलब्ध कराएंगे। कंपनी का दावा है कि यह नेटवर्क ज्यादा रेडंडेंसी, तेज स्केलेबिलिटी और बेहतर नेटवर्क रेजिलिएंस देगा।
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2027 से शुरू होगी तैनाती
कंपनी के अनुसार टेरावेव सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन की तैनाती 2027 की चौथी तिमाही से शुरू की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। ब्लू ओरिजिन के मुताबिक टेरावेव खासतौर पर उन इलाकों के लिए फायदेमंद होगा, जहां फाइबर नेटवर्क बिछाना महंगा, तकनीकी रूप से मुश्किल या समय लेने वाला होता है। इसमें रिमोट, ग्रामीण और सब-अर्बन क्षेत्र शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इसके एंटरप्राइज-ग्रेड टर्मिनल और गेटवे बहुत तेजी से दुनिया के किसी भी हिस्से में तैनात किए जा सकते हैं और यह मौजूदा हाई-कैपेसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आसानी से काम करेंगे।
SpaceX Starlink
- फोटो : SpaceX
सैटेलाइट इंटरनेट में मस्क का दबदबा
- स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट प्रदान करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है, जो दुनियाभर में हाई-स्पीड और लो लेटेंसी इंटरनेट पहुंचाती है।
- 2026 के शुरुआत तक कंपनी पृथ्वी के लो अर्थ ऑर्बिट में 9,400 से ज्यादा सैटेलाइट तैनात कर चुकी है।
- मौजूदा समय में कंपनी 150 से ज्यादा देशों में सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचा रही है, जिसकी कीमत 50-120 डॉलर के बीच है।
- 2024 में कंपनी ने एक सर्विस शुरू की थी जिससे LTE फोन को सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट किया जा सकता है।
- स्टारलिंक इंटरनेट की औसत स्पीड 45–280 Mbps के बीच होती है।