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TikTok की डील हुई फाइनल: नए मालिक और सीईओ का हुआ एलान, जानिए ट्रंप के हाथ में कैसे होगा कंट्रोल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:35 PM IST
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सार
TikTok US Deal: टिकटॉक प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। अमेरिका में शॉर्ट वीडियो एप पर मंडरा रहा बैन का खतरा अब टल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि एक नए 'जॉइंट वेंचर' के जरिए यह एप अब अमेरिकी नेतृत्व में चलेगा, जिससे करोड़ों यूजर्स का डेटा और देश की सुरक्षा अब पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
यूएस में टिकटॉक के जॉइंट वेंचर का एलान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका में टिकटॉक का भविष्य अब साफ हो गया है। अमेरिका में टिकटॉक के जॉइंट वेंचर को लेकर चल रही डील फाइनल हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका खुद एलान किया है। इस जॉइंट वेंचर के तहत नई कंपनी को अमेरिका में 'TikTok USDS Joint Venture' के नाम से जाना जाएगा है। यह कंपनी पूरी तरह से एक स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करेगी। खास बात यह है कि इसका नेतृत्व अब अमेरिकी हाथों में होगा। वहीं, एप की पेरेंट कंपनी बाइटडांस (ByteDance) का अधिकार अब कम हो गया है।
कैसे काम करेगा ज्वाइंट वेंचर?
टिकटॉक में लंबे समय से काम कर रहे एडम प्रेसर को इस नए वेंचर का सीईओ (CEO) बनाया गया है, जबकि ग्लोबल सीईओ शाउ च्यू इसके बोर्ड डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगे। मालिकाना हक की बात करें तो टिकटॉक की पैरेंट कंपनी 'बाइटडांस' के पास अब इस नए वेंचर का केवल 19.9% हिस्सा ही बचेगा। बाकी का बड़ा हिस्सा सिल्वर लेक (Silver Lake), ओरेकल (Oracle) और एमजीएक्स (MGX) जैसे दिग्गज अमेरिकी निवेशकों के पास होगा।
यह भी पढ़ें: अमेजन ने पेश किया Health AI असिस्टेंट: अब चुटकियों में मिलेगी मेडिकल सलाह, 'चैटजीपीटी हेल्थ' से होगी टक्कर
किसके पास होगा मालिकाना अधिकार?
इस जॉइंट वेंचर को चलाने के लिए 7 सदस्यों का एक बोर्ड बनाया गया है, जिसमें बहुमत अमेरिकियों का है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एप का ग्लोबल अनुभव तो बना रहे, लेकिन नियंत्रण अमेरिका के पास ही रहे। अमेरिकी कानून के अनुसार टिकटॉक को अपनी हिस्सेदारी 20 प्रतिशत की सीमा से नीचे ही रखनी थी। यानी अमेरिका में बाइटडांस के हाथों से टिकटॉक का मालिकाना अधिकार चला गया है।
जॉइंट वेंचर से क्या होगा?
इस जॉइंट वेंचर में अमेरिकी कंपनियों के पास 50% से ज्यादा हिस्सा है। इससे अमेरिका में टिकटॉक की कंट्रोलिंग पावर अमेरिकी कंपनियों के पास आ गई है। अब अमेरिका के पास अपने यूजर्स के लिए सुरक्षा नीतियों को बनाने और कंटेंट मॉडरेशन पर निर्णय लेने का अधिकार होगा, जबकि टिकटॉक की वैश्विक संस्थाएं ई-कॉमर्स और विज्ञापन सहित इंटरनेशनल कंटेंट इंटिग्रेशन और वाणिज्यिक गतिविधियों का प्रबंधन करेंगी।
यह भी पढ़ें: आईफोन से ChatGPT की होगी छुट्टी, मिलेगा 'सीरी चैटबॉच' का सपोर्ट, जानिए कब मिलेगा अपडेट
डेटा सुरक्षा और एल्गोरिदम पर बड़ा फैसला
इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा डेटा सुरक्षा से जुड़ा है, जिसके तहत टिकटॉक को अमेरिका में ही डेटा स्टोर करना होगा। इसे ओरेकल (Oracle) के डेटा सेंटर्स में रखा जाएगा। इसे अमेरिकी डेटा के आधार पर ही अपडेट और टेस्ट किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन और कंटेंट मॉडरेशन की सभी चिंताएं दूर हो जाएंगी। इससे न केवल टिकटॉक, बल्कि कैपकट (CapCut) और लेमन8 (Lemon8) जैसे अन्य एप्स भी अमेरिका में चलते रहेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने डील पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डील का स्वागत करते हुए इसे "महान अमेरिकी देशभक्तों और निवेशकों" की जीत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस समझौते को अपनी मंजूरी दी। ट्रंप के मुताबिक, यह डील अमेरिका के हक में है। गौरतलब है कि इससे पहले जो बाइडन प्रशासन के दौरान टिकटॉक को बेचने या बैन करने का कानून लाया गया था, जिसे ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेशों के जरिए रोक दिया था ताकि इस समझौते का रास्ता साफ हो सके।
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कैसे काम करेगा ज्वाइंट वेंचर?
टिकटॉक में लंबे समय से काम कर रहे एडम प्रेसर को इस नए वेंचर का सीईओ (CEO) बनाया गया है, जबकि ग्लोबल सीईओ शाउ च्यू इसके बोर्ड डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगे। मालिकाना हक की बात करें तो टिकटॉक की पैरेंट कंपनी 'बाइटडांस' के पास अब इस नए वेंचर का केवल 19.9% हिस्सा ही बचेगा। बाकी का बड़ा हिस्सा सिल्वर लेक (Silver Lake), ओरेकल (Oracle) और एमजीएक्स (MGX) जैसे दिग्गज अमेरिकी निवेशकों के पास होगा।
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किसके पास होगा मालिकाना अधिकार?
इस जॉइंट वेंचर को चलाने के लिए 7 सदस्यों का एक बोर्ड बनाया गया है, जिसमें बहुमत अमेरिकियों का है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एप का ग्लोबल अनुभव तो बना रहे, लेकिन नियंत्रण अमेरिका के पास ही रहे। अमेरिकी कानून के अनुसार टिकटॉक को अपनी हिस्सेदारी 20 प्रतिशत की सीमा से नीचे ही रखनी थी। यानी अमेरिका में बाइटडांस के हाथों से टिकटॉक का मालिकाना अधिकार चला गया है।
जॉइंट वेंचर से क्या होगा?
इस जॉइंट वेंचर में अमेरिकी कंपनियों के पास 50% से ज्यादा हिस्सा है। इससे अमेरिका में टिकटॉक की कंट्रोलिंग पावर अमेरिकी कंपनियों के पास आ गई है। अब अमेरिका के पास अपने यूजर्स के लिए सुरक्षा नीतियों को बनाने और कंटेंट मॉडरेशन पर निर्णय लेने का अधिकार होगा, जबकि टिकटॉक की वैश्विक संस्थाएं ई-कॉमर्स और विज्ञापन सहित इंटरनेशनल कंटेंट इंटिग्रेशन और वाणिज्यिक गतिविधियों का प्रबंधन करेंगी।
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डेटा सुरक्षा और एल्गोरिदम पर बड़ा फैसला
इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा डेटा सुरक्षा से जुड़ा है, जिसके तहत टिकटॉक को अमेरिका में ही डेटा स्टोर करना होगा। इसे ओरेकल (Oracle) के डेटा सेंटर्स में रखा जाएगा। इसे अमेरिकी डेटा के आधार पर ही अपडेट और टेस्ट किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन और कंटेंट मॉडरेशन की सभी चिंताएं दूर हो जाएंगी। इससे न केवल टिकटॉक, बल्कि कैपकट (CapCut) और लेमन8 (Lemon8) जैसे अन्य एप्स भी अमेरिका में चलते रहेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने डील पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डील का स्वागत करते हुए इसे "महान अमेरिकी देशभक्तों और निवेशकों" की जीत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस समझौते को अपनी मंजूरी दी। ट्रंप के मुताबिक, यह डील अमेरिका के हक में है। गौरतलब है कि इससे पहले जो बाइडन प्रशासन के दौरान टिकटॉक को बेचने या बैन करने का कानून लाया गया था, जिसे ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेशों के जरिए रोक दिया था ताकि इस समझौते का रास्ता साफ हो सके।
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