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TRAI: Samsung, LG, Xiaomi के स्मार्ट टीवी देखने वालों के लिए बुरी खबर, फ्री चैनल्स पर लग सकता है ब्रेक
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Fri, 10 Apr 2026 06:17 PM IST
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सार
अगर आप सैमसंग, एलजी या शाओमी के स्मार्ट टीवी पर मुफ्त चैनलों का लुत्फ उठा रहे हैं, तो तैयार हो जाइए। ट्राई (TRAI) अब इन सेवाओं पर लगाम कसने की तैयारी कर रहा है, जिससे इंटरनेट के जरिए मुफ्त दिखने वाले चैनल जल्द ही सशुल्क हो सकते हैं।
स्मार्ट टीवी
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
आजकल कई लोग केबल या डीटीएच के बजाय सीधे इंटरनेट से स्मार्ट टीवी पर चैनल देखना पसंद करते हैं। सैमसंग और एलजी जैसी कंपनियां फास्ट (FAST) प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 150 चैनल मुफ्त दिखाती हैं। लेकिन अब भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) इन्हें औपचारिक निगरानी के दायरे में लाने का मन बना चुका है। ट्राई ने एक परामर्श पत्र जारी किया है जिसमें इन इंटरनेट आधारित चैनलों के लिए एक नया और सख्त ढांचा प्रस्तावित किया गया है।
बंद हो सकता है मुफ्त एंटरटेनमेंट का जरिया
दरअसल, पारंपरिक केबल और डीटीएच ऑपरेटरों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्हें चैनल दिखाने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है और नियमों का पालन करना पड़ता है, जबकि स्मार्ट टीवी के ये एप्स बिना किसी लाइसेंस के वही कंटेंट फ्री दिखा रहे हैं। इसी असंतुलन को खत्म करने के लिए ट्राई इन सेवाओं को 'एप्लिकेशन बेस्ड लीनियर टेलीविजन डिस्ट्रीब्यूशन' (ALTD) श्रेणी में लाने जा रही है। इसका मतलब है कि अब इन प्लेटफॉर्म्स को भी लाइसेंस लेना होगा और विज्ञापन के कड़े कोड्स का पालन करना होगा।
ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर
नियमों के इस दायरे में आने के बाद कंपनियों का खर्चा बढ़ना तय है। लाइसेंस फीस और कंटेंट रेगुलेशन की जिम्मेदारी के चलते कंपनियां मुफ्त सेवाओं के बदले अब यूजर्स से सब्सक्रिप्शन फीस मांग सकती हैं। ट्राई ने इस मामले पर सभी संबंधित पक्षों से 4 मई तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद नई पॉलिसी लागू की जा सकती है, जिससे आने वाले दिनों में आपके लिए मुफ्त टीवी चैनल देखना एक पुराना सपना बन सकता है।
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बंद हो सकता है मुफ्त एंटरटेनमेंट का जरिया
दरअसल, पारंपरिक केबल और डीटीएच ऑपरेटरों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्हें चैनल दिखाने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है और नियमों का पालन करना पड़ता है, जबकि स्मार्ट टीवी के ये एप्स बिना किसी लाइसेंस के वही कंटेंट फ्री दिखा रहे हैं। इसी असंतुलन को खत्म करने के लिए ट्राई इन सेवाओं को 'एप्लिकेशन बेस्ड लीनियर टेलीविजन डिस्ट्रीब्यूशन' (ALTD) श्रेणी में लाने जा रही है। इसका मतलब है कि अब इन प्लेटफॉर्म्स को भी लाइसेंस लेना होगा और विज्ञापन के कड़े कोड्स का पालन करना होगा।
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ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर
नियमों के इस दायरे में आने के बाद कंपनियों का खर्चा बढ़ना तय है। लाइसेंस फीस और कंटेंट रेगुलेशन की जिम्मेदारी के चलते कंपनियां मुफ्त सेवाओं के बदले अब यूजर्स से सब्सक्रिप्शन फीस मांग सकती हैं। ट्राई ने इस मामले पर सभी संबंधित पक्षों से 4 मई तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद नई पॉलिसी लागू की जा सकती है, जिससे आने वाले दिनों में आपके लिए मुफ्त टीवी चैनल देखना एक पुराना सपना बन सकता है।
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