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Alert: फोन में एप इंस्टॉल करते समय भूलकर भी न दें ये परमिशन, चोरी हो सकता है आपका डेटा; जानें बचने का तरीका
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Sun, 17 May 2026 07:23 AM IST
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सार
Mobile App Permissions: फोन में नई एप इंस्टॉल करते समय अक्सर लोग एक बड़ी गलती कर देते हैं, बिना पढ़े सभी परमिशन अलाउ की। इससे कई एप्स जरूरत से ज्यादा एक्सेस मांगने लगते हैं, साथ ही आपकी निजी जानकारी, बैंक ओटीपी और पासवर्ड भी खतरे में पड़ सकते हैं। ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि कौन-सी परमिशन सुरक्षित है और किन्हें तुरंत deny कर देना चाहिए...
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : freepik
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विस्तार
Online Fraud Prevention: फोन में हम जब भी कोई नया एप डाउनलोड करते हैं, तो वह हमसे कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स और मैसेज जैसी कई परमिशन्स मांगता है। एप के सही काम करने के लिए कुछ परमिशन्स जरूरी होती हैं, लेकिन कई एप्स ऐसी गैर-जरूरी परमिशन्स भी मांग लेती हैं जिनका उनके काम से कोई लेना-देना नहीं होता। ज्यादातर यूजर्स बिना पढ़े ही सभी परमिशन्स को Allow कर देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आपकी यह एक छोटी सी लापरवाही आपका बैंक अकाउंट खाली करवा सकती है और साथ ही आपका डाटा भी चोरी हो सकता है।
एक्सेसिबिलिटी एक्सेस (Accessibility Access): स्क्रीन की हर हलचल पर नजर
यह फीचर खासकर दिव्यांग यूजर्स की सुविधा के लिए बनाया गया है, जो टेक्स्ट को जोर से पढ़कर सुनाने के लिए होता है। यहां पर ये जानना जरूरी है कि अगर आप किसी अनट्रस्टेड एप को यह परमिशन दे देते हैं, तो वह आपकी स्क्रीन पर होने वाली हर एक्टिविटी को रिकॉर्ड कर सकती है। यह इतना खतरनाक होती है कि ये आपके पासवर्ड, पर्सनल मैसेज और बिना आपकी परमिशन के बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन तक को अंजाम दे सकती हे। इसलिए जब तक बहुत जरूरी न हो, इसे डिनाई ही रखें।
अपीयर ऑन टॉप (Appear on Top) : नकली स्क्रीन का खतरा
इसका अलग-अलग फोन्स में डिस्प्ले ओवर अदर एप्स या ड्रॉ ओवर अदर एप्स कहा जाता है। यह परमिशन मिलने के बाद कोई एप बैकग्राउंड में रहकर भी एक्टिव एप के ऊपर अपना कंटेंट दिखा सकती है। इसका फायदा अधिकतर साइबर अपराधी उठाते हैं। वे आपके बैंकिंग या सोशल मीडिया एप्स के ऊपर एक फर्जी लॉग-इन स्क्रीन (Overlay) फिट कर देते हैं। जैसे ही आप वहां अपनी क्रेडेंशियल्स डालते हैं, आपकी बैंकिंग डिटेल्स उनके पास पहुंच जाती हैं।
इंस्टॉल अननोन एप्स (Install Unknown Apps): मालवेयर के लिए आसान रास्ता
यह परमिशन आपके फोन के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकती है। इसे ऑन करने का मतलब है कि आप एप्स को गूगल प्ले स्टोर के बाहर किसी भी अंजान या असुरक्षित एप्स डाउनलोड करने की खुली छूट दे रहे हैं। साइबर हैकर्स इसी इस्तेमाल करके आपके फोन में वायरस या मालवेयर प्लांट करते हैं। किसी भी अनजान सोर्स से APK फाइल डाउनलोड करने की गलती कभी न करें।
कॉन्टैक्ट्स और SMS एक्सेस (Contacts and SMS Access): OTP और पर्सनल डेटा पर खतरा
सोचिए, एक टॉर्चलाइट एप को आपके कॉन्टैक्ट्स या मैसेज देखने की क्या जरूरत हो सकती है? लेकिन कई एप्स ऐसा करती हैं। आपके कॉन्टैक्ट्स में सिर्फ फोन नंबर नहीं, बल्कि ईमेल आईडी और अन्य निजी जानकारियां होती हैं। वहीं, SMS एक्सेस मिलने पर एप आपके बैंक OTP और पर्सनल चैट्स को आसानी से पढ़ सकती है। गलत हाथों में जाने पर इस डेटा का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए किया जा सकता है।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये उपाय
स्कैम के मामले लगातार बढ़ते जा रहा है, ऐसे में अगर आप भी इससे बचना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रख लें...
सावधानी से दें एक्सेस: कॉन्टैक्ट्स और SMS जैसी संवेदनशील परमिशन्स देने से पहले दो बार सोचें कि क्या उस एप को वाकई इसकी जरूरत है।
जरूरत के हिसाब से परमिशन: एप इंस्टॉल करते समय सिर्फ वही परमिशन Allow करें, जिसके बिना एप का चलना नामुमकिन हो।
रिव्यू: आज ही अपने फोन की सेटिंग में जाएं, फिर एप्स में जाकर परमिशन में जाएं। वहां उन सभी एप्स की लिस्ट देखें जिन्हें आपने परमिशन दी हुई है और जो एप्स गैर-जरूरी लगें, उनकी परमिशन को तुरंत Deny कर दें।
एक्सेसिबिलिटी एक्सेस (Accessibility Access): स्क्रीन की हर हलचल पर नजर
यह फीचर खासकर दिव्यांग यूजर्स की सुविधा के लिए बनाया गया है, जो टेक्स्ट को जोर से पढ़कर सुनाने के लिए होता है। यहां पर ये जानना जरूरी है कि अगर आप किसी अनट्रस्टेड एप को यह परमिशन दे देते हैं, तो वह आपकी स्क्रीन पर होने वाली हर एक्टिविटी को रिकॉर्ड कर सकती है। यह इतना खतरनाक होती है कि ये आपके पासवर्ड, पर्सनल मैसेज और बिना आपकी परमिशन के बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन तक को अंजाम दे सकती हे। इसलिए जब तक बहुत जरूरी न हो, इसे डिनाई ही रखें।
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अपीयर ऑन टॉप (Appear on Top) : नकली स्क्रीन का खतरा
इसका अलग-अलग फोन्स में डिस्प्ले ओवर अदर एप्स या ड्रॉ ओवर अदर एप्स कहा जाता है। यह परमिशन मिलने के बाद कोई एप बैकग्राउंड में रहकर भी एक्टिव एप के ऊपर अपना कंटेंट दिखा सकती है। इसका फायदा अधिकतर साइबर अपराधी उठाते हैं। वे आपके बैंकिंग या सोशल मीडिया एप्स के ऊपर एक फर्जी लॉग-इन स्क्रीन (Overlay) फिट कर देते हैं। जैसे ही आप वहां अपनी क्रेडेंशियल्स डालते हैं, आपकी बैंकिंग डिटेल्स उनके पास पहुंच जाती हैं।
इंस्टॉल अननोन एप्स (Install Unknown Apps): मालवेयर के लिए आसान रास्ता
यह परमिशन आपके फोन के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकती है। इसे ऑन करने का मतलब है कि आप एप्स को गूगल प्ले स्टोर के बाहर किसी भी अंजान या असुरक्षित एप्स डाउनलोड करने की खुली छूट दे रहे हैं। साइबर हैकर्स इसी इस्तेमाल करके आपके फोन में वायरस या मालवेयर प्लांट करते हैं। किसी भी अनजान सोर्स से APK फाइल डाउनलोड करने की गलती कभी न करें।
कॉन्टैक्ट्स और SMS एक्सेस (Contacts and SMS Access): OTP और पर्सनल डेटा पर खतरा
सोचिए, एक टॉर्चलाइट एप को आपके कॉन्टैक्ट्स या मैसेज देखने की क्या जरूरत हो सकती है? लेकिन कई एप्स ऐसा करती हैं। आपके कॉन्टैक्ट्स में सिर्फ फोन नंबर नहीं, बल्कि ईमेल आईडी और अन्य निजी जानकारियां होती हैं। वहीं, SMS एक्सेस मिलने पर एप आपके बैंक OTP और पर्सनल चैट्स को आसानी से पढ़ सकती है। गलत हाथों में जाने पर इस डेटा का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए किया जा सकता है।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये उपाय
स्कैम के मामले लगातार बढ़ते जा रहा है, ऐसे में अगर आप भी इससे बचना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रख लें...
सावधानी से दें एक्सेस: कॉन्टैक्ट्स और SMS जैसी संवेदनशील परमिशन्स देने से पहले दो बार सोचें कि क्या उस एप को वाकई इसकी जरूरत है।
जरूरत के हिसाब से परमिशन: एप इंस्टॉल करते समय सिर्फ वही परमिशन Allow करें, जिसके बिना एप का चलना नामुमकिन हो।
रिव्यू: आज ही अपने फोन की सेटिंग में जाएं, फिर एप्स में जाकर परमिशन में जाएं। वहां उन सभी एप्स की लिस्ट देखें जिन्हें आपने परमिशन दी हुई है और जो एप्स गैर-जरूरी लगें, उनकी परमिशन को तुरंत Deny कर दें।