MRM Portal: क्या ऑनलाइन ठगी में आपके भी पैसे डूबे हैं? अब इस सरकारी पोर्टल से घर बैठे पाएं रिफंड!
Money Restoration Module For Cyber Scam Refund: साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने नया मिनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके जरिए डिजिटल अरेस्ट, OTP फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों के पीड़ित घर बैठे रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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क्या आपके साथ कोई ऑनलाइन ठगी, ओटीपी स्कैम या डिजिटल अरेस्ट जैसा फ्रॉड हुआ है? साइबर ठगी का शिकार होना अपने आप में बहुत तकलीफदेह है, लेकिन उससे भी ज्यादा मुश्किल होता है अपना ही पैसा वापस पाना। अमूमन बैंकों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते इंसान थक जाता है।
लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है! गृह मंत्रालय के इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है जिसका नाम मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) है। अब आप घर बैठे अपना फंसा हुआ पैसा वापस पाने की ऑनलाइन रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
पैसा वापस पाने की 2 सबसे जरूरी शर्तें
यह MRM पोर्टल जादुई तरीके से काम नहीं करता, बल्कि इसके लिए दो जरूरी क्राइटेरिया तय किए गए हैं:
- तुरंत शिकायत: आपने घटना के तुरंत बाद 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई हो।
- अकाउंट फ्रीज होना: आपका पैसा स्कैमर के बैंक अकाउंट में सफलतापूर्वक फ्रीज हो चुका हो।
- नोट: यह पोर्टल तभी रिफंड प्रोसेस कर पाएगा जब ठग के अकाउंट में पैसे पहले ही ब्लॉक किए जा चुके हों।

रकम के हिसाब से रिफंड के 3 नियम
आपके कितने पैसे फ्रीज हुए हैं, उसके आधार पर सरकार ने तीन अलग-अलग कैटेगरी बनाई हैं:
- पहली कैटेगरी (50,000 रुपये से कम): अगर ठग के अकाउंट में फ्रीज की गई कुल रकम 50 हजार रुपये से कम है, तो आपको किसी FIR कॉपी या कोर्ट ऑर्डर की जरूरत नहीं है। आपकी पुलिस शिकायत के आधार पर ही पैसा सीधे रिफंड कर दिया जाएगा।
- दूसरी कैटेगरी (रकम 50,000 से ज्यादा, लेकिन कई अकाउंट्स में): अगर फ्रीज की गई कुल रकम 50 हजार से ज्यादा है। लेकिन वह अलग-अलग अकाउंट्स में बंटी हुई है और किसी एक अकाउंट में 50 हजार से ज्यादा नहीं है, तो भी यहां पहली कैटेगरी वाले नियम ही लागू होंगे। आपको FIR की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- तीसरी कैटेगरी (एक ही अकाउंट में 50,000 रुपये से ज्यादा): अगर किसी एक सिंगल बैंक अकाउंट में फ्रीज हुई रकम 50 हजार रुपये से ज्यादा है, तो पोर्टल पर रिफंड रिक्वेस्ट डालने से पहले FIR दर्ज करना जरूरी है। रिक्वेस्ट सबमिट होने के बाद, एक स्पेशल पुलिस टीम पोर्टल पर जरूरी बॉन्ड और नोटिस अपलोड करेगी। इसके बाद बैंक सीधे आपके अकाउंट में पैसा वापस ट्रांसफर कर देगा।

MRM पोर्टल पर रिफंड के लिए अप्लाई कैसे करें?
अपना पैसा वापस पाने के लिए आपको बस ये आसान स्टेप्स फॉलो करने हैं:
- पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले MRM पोर्टल पर जाएं और सिटिजेन लॉगिन बटन पर टैप करें।
- लॉगिन करें: अपने उसी मोबाइल नंबर से लॉगिन करें जो NCRP पोर्टल (साइबर क्राइम शिकायत) पर रजिस्टर्ड है।
- रिक्वेस्ट डालें: रेज रिफंड रिक्वेस्ट सेक्शन में जाएं और अपनी 14-अंकों वाली कंप्लेंट आईडी (जो आपको NCRP पोर्टल से मिली थी) दर्ज करें।
- डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें: मांगे गए जरूरी डॉक्युमेंट्स जैसे- पैन कार्ड, बैंक अकाउंट की डिटेल्स और FIR की कॉपी (अगर आपकी कैटेगरी में लागू हो) अपलोड करें।
- स्टेटस चेक करें: सबमिट करने के बाद पोर्टल एक ट्रैकिंग कोड जनरेट करेगा जो 'MR2026' से शुरू होगा। इस कोड की मदद से आप भविष्य में अपने रिफंड का लाइव स्टेटस आसानी से चेक कर सकते हैं।