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Amethi News: हर स्कूल में बनेगा रीडिंग क्लब, किताबों से बढ़ेगी दोस्ती
Wed, 05 Aug 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:26 AM IST
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. पीएम श्री विद्यालय पश्चिम दुआरा में अखबार पढ़ती छात्राएं। स्रोत : स्कूल
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अमेठी सिटी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए सभी 1,570 विद्यालयों में रीडिंग क्लब बनाए जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने डीईएआर अभियान के तहत इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अभियान के अंतर्गत सप्ताह में एक दिन 30 मिनट का विशेष पुस्तक पठन सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले के करीब 1.37 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
रीडिंग सत्र के दौरान नियमित पढ़ाई रोककर केवल पुस्तक पठन कराया जाएगा। विद्यार्थी कहानी, कविता, बाल साहित्य, प्रेरक प्रसंग और समाचार पत्र पढ़ेंगे। इसके बाद उन्हें पुस्तक समीक्षा, कहानी वाचन, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। शिक्षक बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार पुस्तकें चुनने के लिए प्रेरित करेंगे, जिससे उनमें नियमित पठन की आदत विकसित हो सके।
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि डीईएआर अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करना है। सभी विद्यालयों को निर्धारित समय पर रीडिंग सत्र और क्लब की गतिविधियां संचालित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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रीडिंग क्लब में होंगी ये गतिविधियां
रीडिंग क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ी गई पुस्तकों पर अपने विचार साझा करने और स्वयं लेखन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि नियमित पुस्तक पठन से बच्चों की भाषा दक्षता, शब्दावली, लेखन क्षमता, विषयों की समझ और अभिव्यक्ति में सुधार होगा। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और विद्यालयों में पढ़ने का सकारात्मक माहौल बनेगा।
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रीडिंग सत्र के दौरान नियमित पढ़ाई रोककर केवल पुस्तक पठन कराया जाएगा। विद्यार्थी कहानी, कविता, बाल साहित्य, प्रेरक प्रसंग और समाचार पत्र पढ़ेंगे। इसके बाद उन्हें पुस्तक समीक्षा, कहानी वाचन, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। शिक्षक बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार पुस्तकें चुनने के लिए प्रेरित करेंगे, जिससे उनमें नियमित पठन की आदत विकसित हो सके।
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बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि डीईएआर अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करना है। सभी विद्यालयों को निर्धारित समय पर रीडिंग सत्र और क्लब की गतिविधियां संचालित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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रीडिंग क्लब में होंगी ये गतिविधियां
रीडिंग क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ी गई पुस्तकों पर अपने विचार साझा करने और स्वयं लेखन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि नियमित पुस्तक पठन से बच्चों की भाषा दक्षता, शब्दावली, लेखन क्षमता, विषयों की समझ और अभिव्यक्ति में सुधार होगा। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और विद्यालयों में पढ़ने का सकारात्मक माहौल बनेगा।