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Amroha News: गंगा के उफान से हसनपुर व मंडी धनौरा की 10 हजार बीघा फसलें बर्बादी की कगार पर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:29 AM IST
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Crops across 10,000 bighas in Hasanpur and Mandi Dhanaura are on the verge of destruction due to the surging Ganges.
अमरोहा। गंगा में उफान के बाद खेतों में पानी भरने से हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों में करीब 10 हजार बीघा फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। खेतों में पानी उतरने के बाद नुकसान की तस्वीर साफ होने लगी है। धान, गन्ना और अन्य फसलें गलकर खराब हो गई हैं। वहीं गंगा के कटान में कई खेत और फसलें भी समा चुकी हैं। पिछले करीब डेढ़ महीने से खादर क्षेत्र के ग्रामीण गंगा के कटान की मार झेल रहे हैं।
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हसनपुर तहसील क्षेत्र के करीब 25 और मंडी धनौरा क्षेत्र के करीब 35 गांवों के खेतों में गंगा का पानी पहुंचा है। प्रशासन ने भी दोनों तहसील क्षेत्रों के 23 गांवों को अति संवेदनशील और 87 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा था। जलभराव के कारण खेतों में खड़ी फसलें लंबे समय तक पानी में डूबी रहीं। अब पानी कम होने पर धान समेत अन्य फसलें पूरी तरह गल चुकी हैं, जबकि गन्ने को भी भारी नुकसान हुआ है।
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गंगा के लगातार कटान ने भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाई है। कई जगह फसलें नदी में समा गईं। लाखों रुपये की लागत वाले श्मशान घाट और पेड़-पौधे भी कटान की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों के सामने खेत और फसल बचाने के साथ पशुओं के लिए चारा जुटाने का संकट भरा है। चारा लाने के लिए उन्हें गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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बाढ़ के कारण कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग कट गया। अधिकांश गांवों में आवागमन के लिए नाव ही सहारा बनी हुई है। पिछले तीन दिनों में गंगा का जलस्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। पानी उतरने के साथ फसलों की बर्बादी सामने आने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ और कटान ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब फसल के नुकसान के साथ खेतों के कटाव से जमीन बचाने की चिंता भी सताने लगी है। प्रभावित ग्रामीण प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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यह गांव गंगा के पानी से प्रभावित
खादर क्षेत्र के पपसरी खादर, मुकारमपुर, शाहजहांपुर छात, रानी बस्तौरा, विशावली, रमपुरा खादर, चांदरा फार्म और रसूलपुर भांवर समेत करीब 12 गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है। वहीं चकनवाला, अलीनगर, मुरादपुर, पपसरा खादर, तिगरी, मोहरका पट्टी, ओसीता जगदेवपुर और मोहम्मदाबाद के खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। इसके अलावा धौरिया, बिड़ला, दियावली खालसा, चक की मढ़ैया, सतेड़ा एतमाली, गंगाचोली, श्यामपुरी, सिरसा गुर्जर, सिरसा गुर्जर की मढ़ैया, पिपलौती कला, पिपलौती खुर्द, गंगानगर, महमूदाबाद, शाहवापुर गुर्जर, वंशीवाला महरपुर, चकफेरी वाला महरपुर, बुद्धावाला महरपुर, देहरी गुर्जर, जल्लोपुर, नानई, विरामपुर, विहारीपुर, जामनोवाली, हैदलपुर, मंगटा, पौरारा, पौरारा की मढ़ैया, मुबारिकपुर, जीवपुर और सलारा गांवों की फसलें भी लगातार पानी भरने से बर्बाद हो गई हैं।

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गंगा का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि फसल नुकसान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
- गरिमा सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व, अमरोहा
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