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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Yamuna floodwaters reach the threshold of Sikrodi village; the road to Badera village is submerged.

Auraiya News: सिकरोड़ी गांव की दहलीज पर पहुंची यमुना की बाढ़, बड़ेरा गांव का रास्ता डूबा

Wed, 09 Sep 2026 01:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 09 Sep 2026 01:47 AM IST
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Yamuna floodwaters reach the threshold of Sikrodi village; the road to Badera village is submerged.
सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद
अजीतमल (औरैया)। लगातार हो रही बारिश और चंबल व सिंध नदियों में बांध का पानी छोड़े जाने से पचनद के बाद यमुना उफान पर आ गई है। सोमवार को जहां यमुना का जलस्तर 108.6 मीटर रहा। वहीं, मंगलवार को यह 108.8 मीटर तक पहुंच गया। उफान पर आई यमुना की बाढ़ इटावा सीमा से सटे औरैया के सिकरोड़ी गांव की दहलीज तक पहुंच गई है। पानी गांव के अंत्येष्टि स्थल तक पहुंच गया है। इसके अलावा बड़ेरा गांव को जाने वाला रास्ता भी डूब गया है। अब बड़ेरा के लोगों को पांच किमी दूर दूसरे रास्ते से गांव आना जाना पड़ेगा।
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इस बार बारिश के मौसम में यमुना का जलस्तर स्थिर बना रहने से लोग बाढ़ न आने के कयास लगा रहे थे लेकिन सीजन के अंतिम दौर में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ यमुना में भी पानी बढ़ा है। ऐसे में यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर बीहड़ के गांवों में दहशत छाने लगी है। यमुना का जलस्तर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को 24 घंटे के अंदर यमुना के जलस्तर में चार मीटर की बढ़ोतरी हुई। सिकरोड़ी गांव में यमुना का पानी दोनों छोरों तक पहुंच गया है।
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वहीं, सिकरोड़ी से बड़ेरा जाने वाला यमुना किनारे का रास्ता भी पानी भरने के कारण बंद हो गया है। ग्रामीणों के बीच पिछले वर्षों में आई बाढ़ की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यमुना में बाढ़ का असर सबसे पहले सिकरोड़ी गांव में दिखाई देता है। जलस्तर बढ़ने पर गांव का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। रास्ता बंद होने से अब यहां के लोगों को पांच किमी का चक्कर लगाकर बड़ेरा गांव जाना होगा। सोमवार को अधिकारियों ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया था।
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सामान व मवेशियों समेत ऊंचे स्थानों पर समय से पहुंचने को कहा गया था। ऐसे में मंगलवार को ग्रामीण घरों में सामान को समेटने और सुरक्षित करने में लगे रहे। हालांकि अभी भी यमुना के जलस्तर का खतरे का निशान 113 मीटर दूर है लेकिन लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ा दी है।
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जरूरी सामान सुरक्षित कर रहे
फोटो- 27- शिववीर सिंह। संवाद
सोमवार रात से पानी लगातार बढ़ता रहा। सिकरोड़ी गांव के दोनों छोर पर पानी पहुंच गया है। हालांकि मंगलवार को जलस्तर स्थिर रहा है। ऐसे में जरूरी सामान को सुरक्षित कर रहे हैं।
- शिववीर सिंह, प्रधान सिकरोड़ी गांव
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प्रशासन स्थायी समाधान निकाले
फोटो-26 - मनोज कुमार। संवाद
बाढ़ के दिनों में कामकाज पूरी तरह ठप हो जाता है। अब सामान को समेटने के साथ प्रवासी के तौर पर रहना पड़ सकता है। बाढ़ की तबाही हर साल झेलनी पड़ रही है। प्रशासन को इसके लिए कोई ठोस रणनीति बनानी चाहिए। ताकि बाढ़ से निजात मिले।
-मनोज कुमार
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कई गांवों के लोगों की यमुना पर टिकी निगाहें
जैसे-जैसे यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। बीहड़ में यमुना नदी से सटे हुए गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ रही हैं। उनकी निगाहें यमुना के जलस्तर पर टिकीं हुई है। मोबाइल के जरिये लेखपाल से लेकर पुलिस लगातार स्थानीय लोगों से संपर्क में बने हुए हैं। यमुना में आने वाली बाढ़ अजीतमल तहसील के साथ सदर के गांवों को भी चपेट में लेती है। इनमें मुख्य तौर पर बड़ेरा, सिकरोड़ी, गोहानी खुर्द, गोहानी कला, जुहीखा, गूंज, असेवटा, बीझलपुर, फरीहा, असेवा, क्योंटरा, अस्ता, नौरी आदि गांव सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इन गांवों के लोग बारिश के दिनों में हमेशा दहशत में रहते हैं।
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वर्जन---
सोमवार रात में जलस्तर बढ़ा लेकिन सुबह से स्थिति स्थिर बनी हुई है। चंबल नदी का पानी अब कम होने लगा है, जिससे यमुना में पानी का दबाव भी कम होने की संभावना है और आने वाले समय में जलस्तर घट सकता है। फिर भी गांवों के साथ यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें जागरूक किया जा रहा है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।

-निखिल राजपूत, एसडीएम अजीतमल
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फोटो-28 असेवा गांव किनारे यमुना का जलस्तर देखते ग्रामीण। संवाद
बीहड़ पट्टी के 12 गांवों में बाढ़ का खतरा
अयाना। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बीहड़ पट्टी के नदी किनारे असेवा, असेवटा, फरिहा, बीझलपुर, गूंज, ततारपुर समेत करीब 12 गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका है। ग्रामीण पल-पल नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहे थे। (संवाद)

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

सिकरोड़ी गांव में अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा यमुना नदी का पानी। संवाद

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