Ayodhya: नदी में डूबे किशोर, बुझ गया तीन परिवारों का चिराग, सभी के शव बरामद
रौनाही थाना के तहसीनपुर गांव निवासी सरयू में डूबे तीनों किशोर बालकों के शव रविवार को दोपहर बाद बरामद हो गए। लखनऊ से आए एनडीआरफ की टीम ने इन्हें खोजने में सफलता पा ली है। 17 वर्षीय बालक गांव में छुट्टियां मनाने लौटा था।
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कुदरत के कहर की चपेट में आये सोहावल के तहसीनपुर गांव में कोहराम के बीच मातमी सन्नाटा फैला है। शनिवार की शाम सरयू की धारा में डूबे तीन हम उम्र किशोर की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। हम उम्र तीनों किशोर 15 से 18 वर्ष के बीच के हैं। ये सभी अपने माता -पिता के इकलौते पुत्र थे जिनकी मौत ने तीनों परिवारों के घर का चिराग बुझा दिया।
एक ही खानदान से जुड़ा मौत का शिकार बना अमित (मानस ) पाण्डेय पुत्र अमर बहादुर पाण्डेय अपने बाबा के साथ गांव में छुट्टियां मनाने 10 वर्ष बाद मुंबई से लौटा था। परिजन बताते हैं अंडर-19 क्रिकेट मैं इसका सिलेक्शन हो चुका हैं तैयारी चल रही थी। दूसरा किशोर शिवांश पुत्र कृपा शंकर पांडे और सत्यम पुत्र विनय कुमार पाण्डेय क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में माध्यमिक और हायर सेकेंडरी के ब्रिलियंट छात्र है।
तीनों किशोर बालकों का एक दूसरे से मित्रवत व्यवहार बहुत गहरा हैं। इसी सखा प्रेम में बंध कर तीनों नदी में शाम को नहाने पहुंचे हैं। इनके साथ रिश्तेदारी में आए दो अन्य किशोर भी थे जिनकी हिम्मत नदी में नहाने की नहीं पड़ी लेकिन वह तीनों के डूबने के चश्मदीद गवाह जरूर बन गए।
गांव के इतिहास में इतनी बड़ी घटना अब तक नहीं हुई थी। पारिवारिक सदस्य वाल्मीकि पांडे बताते हैं अमित सहित तीनों का जन्म बड़ी मनौती के बाद हुआ था। तीनों बच्चे परिवार में आंखों के तारे थे। इन्हीं के ऊपर परिवार का भविष्य टिका था। भरपाई अब इस जन्म में नहीं हो पाएगी। इस पर अब प्रश्न चिन्ह लग गया हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों का सिलसिला चल निकला हैं। विधायक से लेकर क्षेत्रीय नेता तक ग्रामीणों से लेकर रिश्तेदारों तक सभी पहुंच रहे हैं लेकिन आयी शून्यता को भर पाने की ताकत किसी में नहीं हैं।
रविवार दोपहर बरामद हुए तीनों के शव
सरयू में डूबे तीनों किशोर बालकों के शव रविवार को दोपहर बाद बरामद हो गए। लखनऊ से आए एनडीआरफ की टीम ने इन्हें खोजने में सफलता पा ली। शनिवार को एक ही खानदान से जुड़े यह तीनों किशोर अमित पांडे, शिवांश पांडे और सत्यम पाण्डेय, शाम को नहाने के दौरान नदी में डूब गए थे। पुलिस और प्रशासन ने एसडीआरएफ के साथ मिलकर कल शाम से ही लगातार खोजने का अभियान चलाया था लेकिन रात भर खोजने के बावजूद एक भी शव बरामद नहीं हो पाया।
एनडीआरएफ की टीम सुबह तक न पहुंचने के कारण ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 गांव के सामने जाम करने के लिए हुंकार भरी लेकिन पुलिस और कुछ बुद्धिजीवी लोगों के समझाने पर आक्रोश ठंडा पड़ गया। शव बरामदगी के बाद पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मौके पर रोते बिलखते लापता बच्चों के परिजन
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी, सीओ सदर अरविंद सिंह, निरीक्षक लालचंद सरोज, उप जिलाधिकारी सविता देवी, तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह, नायब तहसीलदार रेशु जैन, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, बीकापुर विधायक डॉ अमित सिंह चौहान, रालोद नेता सुड्डू मिश्रा, सुनील तिवारी शास्त्री, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं आदि मौजूद रहीं।