फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Former General Secretary's ID cards deactivated; entry of engineers and staff into the Ram Mandir restricted

Ayodhya News: पूर्व महासचिव के आई-कार्ड हुए बेअसर, राम मंदिर में इंजीनियरों व कर्मचारियों की एंट्री पर रोक

Sat, 18 Jul 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sat, 18 Jul 2026 10:53 PM IST
विज्ञापन
Former General Secretary's ID cards deactivated; entry of engineers and staff into the Ram Mandir restricted

विज्ञापन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक बदलाव का असर अब निर्माण कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। पूर्व महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर से जारी पहचान पत्र (आई-कार्ड) पर अब मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ी संख्या में इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य अधिकृत कर्मियों को प्रवेश द्वार से ही वापस लौटना पड़ रहा है, जबकि उनके नए आई-कार्ड अब तक जारी नहीं किए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर में इस समय कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर एक साथ काम चल रहा है। इनमें बाउंड्री वॉल का निर्माण, संग्रहालय भवन, ट्रस्ट कार्यालय, विश्राम गृह तथा अन्य सहायक संरचनाओं का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं में राजकीय निर्माण निगम, इंडिया इंजीनियर्स लिमिटेड, एलएंडटी, टाटा तथा अन्य एजेंसियों के इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ प्रतिदिन मंदिर परिसर में प्रवेश कर कार्यों की निगरानी करते हैं।
विज्ञापन


इन अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रस्ट की ओर से अधिकृत आई-कार्ड जारी किए गए थे। अधिकांश कार्ड तत्कालीन महासचिव चंपत राय के कार्यकाल में जारी हुए थे। लेकिन हाल में बदली प्रशासनिक व्यवस्था के बाद सुरक्षा कर्मी इन पुराने कार्डों को मान्य नहीं मान रहे हैं। परिणामस्वरूप कई इंजीनियरों को कार्यस्थल तक पहुंचने से रोक दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक इंजीनियर ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि उनके पास ट्रस्ट की ओर से जारी अधिकृत आई-कार्ड है, लेकिन उस पर पूर्व महासचिव के हस्ताक्षर होने के कारण प्रवेश नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि अब तक नया कार्ड भी जारी नहीं हुआ है, जिससे नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई बार साइट निरीक्षण भी टालना पड़ रहा है।

मंदिर परिसर में निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में तकनीकी अधिकारियों और साइट इंजीनियरों के नियमित प्रवेश में बाधा आने से कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। निर्माण एजेंसियों से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द नई पास व्यवस्था लागू नहीं हुई तो परियोजनाओं की निगरानी और समन्वय में कठिनाई बढ़ सकती है।




सभी प्रवेश पास और पहचान पत्रों का हो रहा पुनः सत्यापन

सूत्रों का कहना है कि केवल बाहरी निर्माण एजेंसियों के इंजीनियर ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के कई कर्मचारी भी इस नई व्यवस्था से प्रभावित हैं। पहले अधिकृत आई-कार्ड के आधार पर वे ड्यूटी के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश करने के साथ आवश्यकतानुसार रामलला के दर्शन भी कर लेते थे। अब उन्हें आई-कार्ड के आधार पर प्रवेश नहीं मिल रहा है। दर्शन करने के लिए उन्हें सामान्य श्रद्धालुओं की तरह निर्धारित समय में लाइन से होकर प्रवेश करना पड़ रहा है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी प्रवेश पास और पहचान पत्रों का पुनः सत्यापन किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के कारण पुराने कार्डों पर रोक लगाई गई है। हालांकि, नए आई-कार्ड कब तक जारी होंगे, इस पर अभी आधिकारिक रूप से कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed