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Ayodhya News: कमीशन के आरोपों की भी एसआईटी ने की पड़ताल, ठेकेदारों-इंजीनियरों से हुई पूछताछ
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अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा प्रकरण की जांच के दौरान विशेष जांच दल (एसआईटी) ने केवल दान और वित्तीय व्यवस्थाओं तक ही जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि मंदिर परिसर में कराए गए छोटे निर्माण एवं रखरखाव कार्यों की प्रक्रिया की भी गहन पड़ताल की। जांच के दौरान विभिन्न ठेकेदारों, साइट इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी को शिकायतें मिली थीं कि मंदिर परिसर में छोटे-छोटे निर्माण, मरम्मत और रखरखाव कार्य दिलाने के नाम पर कमीशन लिए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर जांच दल ने संबंधित लोगों से कई चरणों में पूछताछ कर कार्य आवंटन, भुगतान प्रक्रिया, बिल, माप पुस्तिका (एमबी) और अनुमोदन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया।
सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ने यह जानने का प्रयास किया कि कार्य आवंटन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुआ या नहीं, भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली के प्रमाण हैं या नहीं तथा किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है या नहीं।
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जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में ठेकेदारों और इंजीनियरों से हुई पूछताछ के निष्कर्ष भी दर्ज किए हैं। रिपोर्ट में प्रत्येक बयान का उल्लेख करते हुए उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनका परीक्षण किया गया है। यदि किसी स्तर पर प्रक्रियागत खामियां या जिम्मेदारी तय होती है तो उस संबंध में भी रिपोर्ट में टिप्पणियां की गई हैं।
फिलहाल एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट शासन के समक्ष विचाराधीन है। रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कमीशन संबंधी शिकायतों पर जांच दल का अंतिम निष्कर्ष क्या रहा और क्या किसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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सूत्रों के अनुसार, एसआईटी को शिकायतें मिली थीं कि मंदिर परिसर में छोटे-छोटे निर्माण, मरम्मत और रखरखाव कार्य दिलाने के नाम पर कमीशन लिए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर जांच दल ने संबंधित लोगों से कई चरणों में पूछताछ कर कार्य आवंटन, भुगतान प्रक्रिया, बिल, माप पुस्तिका (एमबी) और अनुमोदन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया।
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सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ने यह जानने का प्रयास किया कि कार्य आवंटन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुआ या नहीं, भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली के प्रमाण हैं या नहीं तथा किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है या नहीं।
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जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में ठेकेदारों और इंजीनियरों से हुई पूछताछ के निष्कर्ष भी दर्ज किए हैं। रिपोर्ट में प्रत्येक बयान का उल्लेख करते हुए उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनका परीक्षण किया गया है। यदि किसी स्तर पर प्रक्रियागत खामियां या जिम्मेदारी तय होती है तो उस संबंध में भी रिपोर्ट में टिप्पणियां की गई हैं।
फिलहाल एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट शासन के समक्ष विचाराधीन है। रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कमीशन संबंधी शिकायतों पर जांच दल का अंतिम निष्कर्ष क्या रहा और क्या किसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की संस्तुति की गई है।