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Ayodhya News: नहीं छोड़ना चाहिए सत्य और धर्म का मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:11 PM IST
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जलालपुर। क्षेत्र के बड़ेपुर में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को भागवत महापुराण के प्रसंगों का वर्णन किया गया। प्रवाचक रामानंद दास ने बताया कि जीवन में किसी भी परिस्थिति में सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है, इसलिए विनम्रता जरूरी है। कठिन समय में धैर्य और विश्वास बनाए रखने से ही समाधान मिलता है। कथा के माध्यम से व्यक्ति को जीवन के मूल्यों और कर्तव्यों की समझ मिलती है। जब-जब अधर्म बढ़ता है और समाज में अन्याय फैलता है, तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान अवतार लेते हैं। कृष्ण की बाल लीलाएं केवल चमत्कार नहीं, बल्कि उनमें जीवन के गहरे संदेश छिपे हुए हैं। कथा के माध्यम से समाज में नैतिकता और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। इन मूल्यों के माध्यम से ही समाज में शांति और सद्भाव कायम रह सकता है।
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अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है, इसलिए विनम्रता जरूरी है। कठिन समय में धैर्य और विश्वास बनाए रखने से ही समाधान मिलता है। कथा के माध्यम से व्यक्ति को जीवन के मूल्यों और कर्तव्यों की समझ मिलती है। जब-जब अधर्म बढ़ता है और समाज में अन्याय फैलता है, तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान अवतार लेते हैं। कृष्ण की बाल लीलाएं केवल चमत्कार नहीं, बल्कि उनमें जीवन के गहरे संदेश छिपे हुए हैं। कथा के माध्यम से समाज में नैतिकता और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। इन मूल्यों के माध्यम से ही समाज में शांति और सद्भाव कायम रह सकता है।
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