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Ayodhya News: चिकित्सकों के आधे से अधिक पद खाली, जुगाड़ से चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 20 Apr 2026 10:55 PM IST
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अयोध्या। प्रदेश व केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रामनगरी की चिकित्सीय सेवाएं विशेषज्ञों के अभाव में बेपटरी हो रही हैं। सिर्फ जिला अस्पताल में ही चिकित्सकों के आधे से अधिक पद रिक्त हैं। ऐसे में किसी तरह से जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है।
जिले की लगभग 31 लाख की आबादी के लिए मेडिकल कॉलेज के अलावा जिला अस्पताल, श्रीराम अस्पताल, महिला अस्पताल, कुमारगंज अस्पताल समेत 14 सीएचसी और 28 पीएचसी संचालित हैं। इन अस्पतालों में संसाधन तो कमोबेश उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञों की भारी कमी है। सिर्फ जिला अस्पताल में स्वीकृत 50 विशेषज्ञों के सापेक्ष महज 20 की तैनाती है। सबसे ज्यादा कमी चेस्ट फिजिशियन, फिजिशियन, जनरल सर्जन, ईएनटी सर्जन आदि की है।
इन दिनों अधिक है मारामारी
इन दिनों संक्रामक बीमारियों ने पांव फैलाना शुरू किया है। ओपीडी में वायरल बुखार, सीने में जकड़न, सर्दी, खांसी, जुकाम, बदन दर्द जैसे रोगियों की भरमार है। इनके इलाज के लिए एकमात्र फिजिशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी ही तैनात हैं। जबकि, फिजिशियन के यहां तीन पद स्वीकृत हैं। 55 बेड का मेडिसिन वार्ड भी रोगियों से लगभग भरा रहता है, जिनके राउंड लेने में ही काफी वक्त गुजर जाता है। ऐसे में फिजिशियन के ओपीडी तक पहुंचने में लगभग 12 बज जाते हैं। इस बीच दूरदराज से आए सैंकड़ों रोगियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
एक भी ईएनटी सर्जन व चेस्ट फिजिशियन नहीं
ईएनटी सर्जन और चेस्ट फिजिशियन के दो-दो पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष एक भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। श्रीराम अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. सौम्य तिवारी को सप्ताह में तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है, जबकि चेस्ट फिजिशियन का कोई जुगाड़ नहीं हो सका है। इसके लिए रोगियों को मेडिकल कॉलेज दर्शननगर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसके अलावा बाल रोग विशेषज्ञ के एक, रेडियोलॉजिस्ट के दो, ब्लडबैंक चिकित्साधिकारी के छह, कार्डियोलॉजिस्ट के दो, निश्चेतक के एक, जनरल सर्जन के एक, सुपर स्पेशियलिटी के पां, ईएमओ के चार पद रिक्त हैं।
वर्जन...
चिकित्सकों की कमी तो है ही। इसकी सूचना शासन भेजी जा चुकी है। जल्द ही तैनाती का आश्वासन मिला है। मौजूद मानव संसाधन से बेहतर ढंग से कार्य करने की कोशिश की जा रही है। एनएचएम से मिले चार ईएमओ कार्यरत हैं।
-डॉ. राजेश सिंह, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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जिले की लगभग 31 लाख की आबादी के लिए मेडिकल कॉलेज के अलावा जिला अस्पताल, श्रीराम अस्पताल, महिला अस्पताल, कुमारगंज अस्पताल समेत 14 सीएचसी और 28 पीएचसी संचालित हैं। इन अस्पतालों में संसाधन तो कमोबेश उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञों की भारी कमी है। सिर्फ जिला अस्पताल में स्वीकृत 50 विशेषज्ञों के सापेक्ष महज 20 की तैनाती है। सबसे ज्यादा कमी चेस्ट फिजिशियन, फिजिशियन, जनरल सर्जन, ईएनटी सर्जन आदि की है।
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इन दिनों अधिक है मारामारी
इन दिनों संक्रामक बीमारियों ने पांव फैलाना शुरू किया है। ओपीडी में वायरल बुखार, सीने में जकड़न, सर्दी, खांसी, जुकाम, बदन दर्द जैसे रोगियों की भरमार है। इनके इलाज के लिए एकमात्र फिजिशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी ही तैनात हैं। जबकि, फिजिशियन के यहां तीन पद स्वीकृत हैं। 55 बेड का मेडिसिन वार्ड भी रोगियों से लगभग भरा रहता है, जिनके राउंड लेने में ही काफी वक्त गुजर जाता है। ऐसे में फिजिशियन के ओपीडी तक पहुंचने में लगभग 12 बज जाते हैं। इस बीच दूरदराज से आए सैंकड़ों रोगियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
एक भी ईएनटी सर्जन व चेस्ट फिजिशियन नहीं
ईएनटी सर्जन और चेस्ट फिजिशियन के दो-दो पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष एक भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। श्रीराम अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. सौम्य तिवारी को सप्ताह में तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है, जबकि चेस्ट फिजिशियन का कोई जुगाड़ नहीं हो सका है। इसके लिए रोगियों को मेडिकल कॉलेज दर्शननगर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसके अलावा बाल रोग विशेषज्ञ के एक, रेडियोलॉजिस्ट के दो, ब्लडबैंक चिकित्साधिकारी के छह, कार्डियोलॉजिस्ट के दो, निश्चेतक के एक, जनरल सर्जन के एक, सुपर स्पेशियलिटी के पां, ईएमओ के चार पद रिक्त हैं।
वर्जन...
चिकित्सकों की कमी तो है ही। इसकी सूचना शासन भेजी जा चुकी है। जल्द ही तैनाती का आश्वासन मिला है। मौजूद मानव संसाधन से बेहतर ढंग से कार्य करने की कोशिश की जा रही है। एनएचएम से मिले चार ईएमओ कार्यरत हैं।
-डॉ. राजेश सिंह, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल

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