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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों के रहन-सहन में हुए बदलाव की जांच, अनुकल्प की कथा और मनीष के भंडारे की भी जांच

Thu, 02 Jul 2026 03:53 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 02 Jul 2026 03:53 PM IST
सार

जांच टीम आरोपियों की ओर से कराए गए सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च की भी जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी लवकुश मिश्रा की जीवनशैली में पिछले कुछ समय में उल्लेखनीय बदलाव आया। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि उसने हाल ही में अपने पिता को चारधाम यात्रा कराई थी। 

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Ram Mandir Donation Scam Investigation into the change in the accused lifestyle
राम मंदिर के चढ़ावे की राशि में गबन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जांच अब उनकी जीवनशैली तक पहुंच गई है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मंदिर से जुड़ने के बाद उनके रहन-सहन और खर्च करने के तौर-तरीकों में किस तरह का बदलाव आया। इसके लिए बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों, मोबाइल लेनदेन और परिजनों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी के साथ पुलिस की जांच भी तेज हो गई है। मामले की जांच में करीब 11 टीमें लगी हैं, जो अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, देर रात सीओ अयोध्या और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक होती है, जिसमें सभी टीमें अपने-अपने इनपुट साझा करती हैं। इसके आधार पर अगले दिन की जांच की दिशा तय की जाती है और टीमों का रूट भी निर्धारित किया जाता है। इसकी जानकारी केवल संबंधित टीमों और चुनिंदा अधिकारियों तक ही सीमित रहती है। (संवाद)
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धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च का भी जुटाया जा रहा ब्योरा
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम आरोपियों की ओर से कराए गए सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च की भी जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी लवकुश मिश्रा की जीवनशैली में पिछले कुछ समय में उल्लेखनीय बदलाव आया। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि उसने हाल ही में अपने पिता को चारधाम यात्रा कराई थी। 

 

यात्रा से लौटने के बाद वह गांव में एक बड़े भंडारे की तैयारी भी कर रहा था। ग्रामीणों के हवाले से जांच टीम को यह भी जानकारी मिली है कि गांव जाने पर वह खुले हाथ से खर्च करता था। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में राजनीति में सक्रिय होने की उसकी योजना भी बताई जा रही है। इसी उद्देश्य से वह लोगों का एक समूह तैयार कर रहा था और उन पर भी अच्छा-खासा खर्च करता था।
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अनुकल्प की कथा और मनीष के भंडारे की भी जांच
आरोपी अनुकल्प मिश्रा की ओर से कुछ समय पहले कराई गई धार्मिक कथा भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के अनुसार, कथा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को साड़ियां वितरित की गई थीं और आयोजन पर पर्याप्त धनराशि खर्च हुई थी। जांच एजेंसियां साड़ियों की आपूर्ति करने वाले दुकानदार का भी पता लगाने में जुटी हैं। वहीं, आरोपी मनीष यादव की ओर से कराए गए भंडारे की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां इन आयोजनों पर हुए खर्च और उनके वित्तीय स्रोतों का मिलान कर रही हैं।

 

रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ
सूत्र बताते हैं कि आरोपी अविनाश शुक्ला के संबंध में अब तक किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन की जानकारी जांच में सामने नहीं आई है। हालांकि, उसके इस्तेमाल किए गए वाहनों, महंगे मोबाइल फोन और अन्य खर्चों से जुड़ी सूचनाओं का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसियां ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ कर रही हैं ताकि पिछले कुछ वर्षों में आरोपियों की आर्थिक स्थिति, रहन-सहन और खर्च करने की शैली में आए बदलाव का आकलन किया जा सके। इन सभी तथ्यों के आधार पर उनकी आय, संपत्ति और खर्च का मिलान कर विस्तृत आर्थिक प्रोफाइल तैयार की जा रही है।
 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी करेगी पांच साल के ऑडिट की जांच, गड़बड़ी की आशंका
राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले में प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर ट्रस्ट द्वारा पिछले पांच साल में कराए गए ऑडिट की जांच का निर्णय लिया है। एसआईटी इस जांच में ऑडिट में मौजूद खामियों का पता लगाएगी। सूत्रों के अनुसार, इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है।

अब तक की जांच में एसआईटी को ऐसे कई सुबूत मिले हैं, जो गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हैं। माना जा रहा है कि इन सुबूतों से अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसआईटी के तीन वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन शामिल हैं, बृहस्पतिवार को एक बैठक कर सकते हैं।
 

इस बैठक के बाद वे अयोध्या के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के मुताबिक, अनिल मिश्रा ने पूछताछ के दौरान पूरा ठीकरा गणनाकर्मी टिन्नू यादव पर फोड़ा है। उन्होंने दावा किया कि सभी गणनाकर्मी टिन्नू के इशारे पर ही काम करते थे। अनिल मिश्रा ने अपनी भूमिका को पूरी तरह से नकार दिया है।

आपको बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी अब ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट का ऑडिट करेगी। शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को देखते हुए हर वित्तीय लेनदेन की बारीकी से तफ्तीश की जाएगी। एसआईटी को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं। जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं। 

निर्माण कार्यों की भी जांच होगी। यही वजह है कि शासन ने बुधवार को एसआईटी जांच का समय दो सप्ताह बढ़ा दिया है। एसआईटी अब 15 जुलाई को रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। दरअसल, एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में आपराधिक पहलू की जांच की है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसआईटी ने वहां की खामियों के साथ मंदिर की सुरक्षा और गणना प्रक्रिया की लापरवाही को जांच में शामिल किया। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी से जुड़े अधिकारी लगातार अयोध्या में हैं और साक्ष्य जुटा रहे हैं। 
 
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