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UP Politics: अयोध्या से सपा का पहला चुनावी संदेश, पवन पांडेय का नाम लेकर अखिलेश ने दिए बड़े संकेत

Thu, 06 Aug 2026 04:51 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Bhupendra Singh Updated Thu, 06 Aug 2026 04:51 PM IST
सार

अयोध्या से सपा ने अपना पहला चुनावी संदेश दे दिया है। पवन पांडेय का नाम लेकर अखिलेश ने बड़े संकेत दिए हैं। पवन 2012 में भगवा दुर्ग ढहाकर पहली बार विधायक बने थे। वह राम मंदिर समेत जनहित के मुद्दों पर लगातार मोर्चा संभालते रहे हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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SP first election message from Ayodhya Akhilesh drops major hints by naming Pawan Pandey
अखिलेश के साथ पवन पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की औपचारिक सरगर्मियां भले अभी तेज न हुई हों, लेकिन सपा ने अयोध्या से अपना पहला बड़ा चुनावी संदेश दे दिया है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंच से पूर्व मंत्री पवन पांडेय का नाम लिया। राजनीतिक हलकों में इसे महज एक चुनावी टिप्पणी नहीं, बल्कि अयोध्या विधानसभा को लेकर पार्टी की रणनीति का सार्वजनिक संकेत माना जा रहा है।

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जनेश्वर मिश्र की जयंती पर लखनऊ पार्टी कार्यालय में बुधवार को कार्यक्रम आयोजित था। इसमें सपा प्रमुख ने मंच से बयान दिया कि 'अयोध्या से पवन पांडेय भारी मतों से जीतकर आएंगे।' सपा ने अभी तक किसी भी विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों की औपचारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सीटों में शामिल अयोध्या का नाम लेकर पवन पांडेय के लिए जीत का भरोसा जताना कई मायनों में अहम माना जा रहा है।

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पांच बार के विधायक लल्लू को हराकर विधायक बने थे पवन

मूलरूप से पूरा ब्लॉक के कृष्णापुर निवासी तेज नारायण पांडेय पवन लंबे समय से जिले में सपा का सबसे प्रमुख चेहरा रहे हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता लल्लू सिंह को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। लगातार पांच बार विधायक रहे लल्लू सिंह की हार को उस समय भगवा राजनीति के बड़े झटके के रूप में देखा गया था। अखिलेश सरकार में उन्हें राज्यमंत्री भी बनाया गया। इसके बाद से पवन अयोध्या में सपा की राजनीति का केंद्रीय चेहरा बने हुए हैं।

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संगठन में भी बढ़ा कद

पार्टी संगठन में भी पवन का कद लगातार बढ़ा है। उन्हें अखिलेश यादव के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है। राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर वह टीवी चैनलों की बहसों में पार्टी का पक्ष रखते हैं। अयोध्या से जुड़े हर बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे पर वह लगातार सक्रिय रहते हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में भी उन्होंने मजबूती से पक्ष रखा और भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए।

भाजपा-सपा के लिए होगा प्रतिष्ठा का चुनाव

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के बाद होने वाला पहला विधानसभा चुनाव भाजपा और सपा, दोनों के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव होगा। ऐसे समय में अखिलेश का सार्वजनिक मंच से पवन का नाम लेकर उन्हें जीत का चेहरा बताना कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। वहीं, पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का निरंतर प्रयास रहेगा। पार्टी उन पर विश्वास जताती है, इसके लिए वह और उनका परिवार ऋणी है।

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