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Ayodhya News: हफ्ते में दो दिन छुट्टी के लिए हड़ताल, 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 27 Jan 2026 10:12 PM IST
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15-सिविल लाइन स्थित सेंट्रल बैंक के समक्ष प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी व अन्य।-संवाद
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अयोध्या। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को जिले में बैंक कर्मियों ने कामकाज ठप रखा। हड़ताल के कारण अयोध्या में लगभग 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की अयोध्या इकाई के बैनर तले विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने-अपने बैंकों में ताले बंद रखे और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा सिविल लाइन के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यूएफबीयू के संयोजक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों से बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सात दिसंबर 2023 को इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच पांच दिवसीय कार्य प्रणाली को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक भारत सरकार की ओर से इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसी उपेक्षा के विरोध में हड़ताल की गई।
सेंट्रल बैंक यूनियन के प्रांतीय महामंत्री केके रस्तोगी ने कहा कि बीते दो महीनों से बैंक कर्मचारी धरना, प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को अनसुना कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विभिन्न बैंकों के यूनियन बैंक के एकांत सिन्हा, बैंक ऑफ बड़ौदा के अमित यादव, पंजाब नेशनल बैंक के अशोक पांडे, यूको बैंक के मनोज सिंह, केनरा बैंक के निशांत सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, एलआईसी और अन्य वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, तो फिर बैंकों में इसे क्यों नहीं लागू किया जा रहा।
हड़ताल के कारण सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित अन्य बैंकों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। बैंक कर्मियों ने स्पष्ट किया कि वह रोज 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए भी तैयार हैं, बशर्ते पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू की जाए। अंत में सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि एक दिन की हड़ताल से जिले में लगभग 100 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आगे की रणनीति बनाकर हड़ताल की अवधि बढ़ाई जाएगी।
बैंक कर्मियों की हड़ताल से आम उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सिविल लाइन स्थित सेंट्रल बैंक शाखा पर पहुंचे राजेश सिंह ने बताया कि उन्हें जरूरी घरेलू खर्च के लिए पैसे निकालने थे, लेकिन बैंक बंद मिलने से उन्हें लौटना पड़ा। वहीं, पेंशन निकालने आए अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि बैंक बंद होने से उनको दिक्कत हुई और दवाइयों के लिए भी घर से सदस्यों से कहकर दवाई मंगवानी पड़ी। व्यापारी दीपू मिश्रा ने बताया कि बैंकिंग कार्य ठप रहने से उनका व्यापार प्रभावित हुआ।
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प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यूएफबीयू के संयोजक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों से बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सात दिसंबर 2023 को इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच पांच दिवसीय कार्य प्रणाली को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक भारत सरकार की ओर से इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसी उपेक्षा के विरोध में हड़ताल की गई।
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सेंट्रल बैंक यूनियन के प्रांतीय महामंत्री केके रस्तोगी ने कहा कि बीते दो महीनों से बैंक कर्मचारी धरना, प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को अनसुना कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विभिन्न बैंकों के यूनियन बैंक के एकांत सिन्हा, बैंक ऑफ बड़ौदा के अमित यादव, पंजाब नेशनल बैंक के अशोक पांडे, यूको बैंक के मनोज सिंह, केनरा बैंक के निशांत सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, एलआईसी और अन्य वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, तो फिर बैंकों में इसे क्यों नहीं लागू किया जा रहा।
हड़ताल के कारण सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित अन्य बैंकों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। बैंक कर्मियों ने स्पष्ट किया कि वह रोज 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए भी तैयार हैं, बशर्ते पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू की जाए। अंत में सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि एक दिन की हड़ताल से जिले में लगभग 100 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आगे की रणनीति बनाकर हड़ताल की अवधि बढ़ाई जाएगी।
बैंक कर्मियों की हड़ताल से आम उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सिविल लाइन स्थित सेंट्रल बैंक शाखा पर पहुंचे राजेश सिंह ने बताया कि उन्हें जरूरी घरेलू खर्च के लिए पैसे निकालने थे, लेकिन बैंक बंद मिलने से उन्हें लौटना पड़ा। वहीं, पेंशन निकालने आए अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि बैंक बंद होने से उनको दिक्कत हुई और दवाइयों के लिए भी घर से सदस्यों से कहकर दवाई मंगवानी पड़ी। व्यापारी दीपू मिश्रा ने बताया कि बैंकिंग कार्य ठप रहने से उनका व्यापार प्रभावित हुआ।
