{"_id":"6a5fb0e71a3fe41b8c0ce160","slug":"the-25-personnel-engaged-by-the-trust-have-been-removed-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-154418-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: ट्रस्ट की ओर से लगाए गए 25 कर्मी हटाए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: ट्रस्ट की ओर से लगाए गए 25 कर्मी हटाए गए
Tue, 21 Jul 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने कर्मचारियों की व्यापक स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में विभिन्न सेवाओं में कार्यरत ट्रस्ट के 349 कर्मियों के रिकॉर्ड और भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के दौरान अब तक 25 कर्मियों को सेवा से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि ट्रस्ट की ओर से नियुक्त इन कर्मियों को प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक का मानदेय दिया जाता है। ये कर्मचारी दर्शन व्यवस्था, कार्यालय, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा समन्वय और अन्य सेवाओं से जुड़े हैं।
सूत्रों का कहना है कि अधिकतर नियुक्तियां विश्व हिंदू परिषद, संघ या अन्य सिफारिशों के आधार पर हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की भूमिका और कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
विज्ञापन
इसी के बाद ट्रस्ट ने सभी कर्मियों का सत्यापन, जिम्मेदारियों की समीक्षा और पृष्ठभूमि की जांच शुरू की है। जिन कर्मचारियों पर प्रथम दृष्टया संदेह या कार्य में गंभीर अनियमितता मिली है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। वहीं कुछ कर्मी लंबे समय से राम मंदिर में सेवा देने नहीं आ रहे।
सूत्र यह भी बताते हैं कि आने वाले दिनों में स्क्रीनिंग पूरी होने के बाद कुछ और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही संवेदनशील विभागों में नई तैनाती, जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण और निगरानी व्यवस्था को और कड़ा करने की तैयारी है।
हालांकि, 25 कर्मियों को हटाए जाने और 349 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इन कर्मचारियों की ओर से भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि ट्रस्ट की ओर से नियुक्त इन कर्मियों को प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक का मानदेय दिया जाता है। ये कर्मचारी दर्शन व्यवस्था, कार्यालय, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा समन्वय और अन्य सेवाओं से जुड़े हैं।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि अधिकतर नियुक्तियां विश्व हिंदू परिषद, संघ या अन्य सिफारिशों के आधार पर हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की भूमिका और कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
विज्ञापन
इसी के बाद ट्रस्ट ने सभी कर्मियों का सत्यापन, जिम्मेदारियों की समीक्षा और पृष्ठभूमि की जांच शुरू की है। जिन कर्मचारियों पर प्रथम दृष्टया संदेह या कार्य में गंभीर अनियमितता मिली है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। वहीं कुछ कर्मी लंबे समय से राम मंदिर में सेवा देने नहीं आ रहे।
सूत्र यह भी बताते हैं कि आने वाले दिनों में स्क्रीनिंग पूरी होने के बाद कुछ और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही संवेदनशील विभागों में नई तैनाती, जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण और निगरानी व्यवस्था को और कड़ा करने की तैयारी है।
हालांकि, 25 कर्मियों को हटाए जाने और 349 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इन कर्मचारियों की ओर से भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।