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Ayodhya News: छात्रों को आधुनिक डिजिटल कौशल से लैस करने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:45 PM IST
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9-अवध विश्वविद्यालय में वेब टेक्नोलॉजी पर कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागी
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग ने ''वेब टेक्नोलॉजी विथ सीएमएस'' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आज के डिजिटल युग की आवश्यक वेब तकनीकों और कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना था। कार्यशाला में बीसीए के विभिन्न सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने वेब डिजाइनिंग की मूलभूत अवधारणाओं, डोमेन और होस्टिंग की जानकारी के साथ-साथ सीएमएस का उपयोग करके कम कोडिंग में प्रभावी वेबसाइट बनाने की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया। विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यशाला छात्रों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर व्यावहारिक दक्षता प्रदान करेगी, जो उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण साबित होगी। बीसीए समन्वयक डॉ. अनुराग तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए, क्योंकि सीएमएस आधारित वेबसाइट निर्माण कौशल रोजगार और स्वरोजगार के अवसर खोलता है।
उद्योग जगत की आवश्यकताएं और भविष्य की राह
कार्यशाला में आमंत्रित अतिथि एस प्राइवेट टेक्नोलॉजी के निदेशक यश साहू ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान मांगों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आज की कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास वेब टेक्नोलॉजी और सीएमएस का व्यावहारिक अनुभव हो। यह कौशल फ्रीलांसिंग, स्टार्टअप और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी अत्यंत उपयोगी है। कार्यशाला में सहायक आचार्य डॉ. संजीत पांडेय, डॉ. प्रवीन कुमार राय, डॉ. कपिल देव, पावनी रस्तोगी, श्याम श्रीवास्तव और पवन कुमार ने भी विचार साझा किए। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
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विशेषज्ञों ने वेब डिजाइनिंग की मूलभूत अवधारणाओं, डोमेन और होस्टिंग की जानकारी के साथ-साथ सीएमएस का उपयोग करके कम कोडिंग में प्रभावी वेबसाइट बनाने की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया। विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यशाला छात्रों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर व्यावहारिक दक्षता प्रदान करेगी, जो उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण साबित होगी। बीसीए समन्वयक डॉ. अनुराग तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए, क्योंकि सीएमएस आधारित वेबसाइट निर्माण कौशल रोजगार और स्वरोजगार के अवसर खोलता है।
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उद्योग जगत की आवश्यकताएं और भविष्य की राह
कार्यशाला में आमंत्रित अतिथि एस प्राइवेट टेक्नोलॉजी के निदेशक यश साहू ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान मांगों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आज की कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास वेब टेक्नोलॉजी और सीएमएस का व्यावहारिक अनुभव हो। यह कौशल फ्रीलांसिंग, स्टार्टअप और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी अत्यंत उपयोगी है। कार्यशाला में सहायक आचार्य डॉ. संजीत पांडेय, डॉ. प्रवीन कुमार राय, डॉ. कपिल देव, पावनी रस्तोगी, श्याम श्रीवास्तव और पवन कुमार ने भी विचार साझा किए। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
