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Ayodhya News: स्वामी पागल दास की रचनाओं की प्रस्तुति ने किया भाव विभोर
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 20 Jan 2026 09:56 PM IST
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फोटो 43 ध्रुपद गायन
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ और श्रीहनुमत विश्व कला आश्रम अयोध्या के संयुक्त तत्वावधान में पागल दास की पुण्य स्मृति में ध्रुपद समारोह का भव्य समापन हुआ।
सरस्वती वंदना और गुरु वंदना के साथ कलाकारों सौरभ, तरुण, अमन, राघवेंद्र और हर्षित ने प्रस्तुति दी। इनके साथ पखावज पर संगत देव प्रकाश दुबे ने किया। इसके बाद मंच पर वैभव रामदास के साथ वैभव निगले प्रति निगले और देव प्रकाश दुबे ने पखवाज वादन से गणेश वंदना, परन, शिव स्तुति, विष्णु सहस्त्रनाम, ताल चौताल समेत स्वामी पागल दास की अनेक रचनाओं को ताल के माध्यम से जिस तरह से प्रस्तुत किया उपस्थित जनसमूह भीतर तक भीग गया। तालियों की गूंज के साथ पखावज की गूंज मिलकर मानो एक आध्यात्मिक वातावरण को रच रही थी जहां संगीत के रसिक उसका रसास्वादन कर रहे थे।
अगली प्रस्तुति में दिल्ली से आए पंडित बृजभूषण गोस्वामी ने ध्रुपद गायन किया। अंतिम प्रस्तुति जयपुर से आए डॉ. अश्विन दलवी ने सुरबहार वादन से किया। ध्रुपद गायकी का अभिन्न अंग सुरबहार के सुरों ने सभी को मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने शास्त्रीय शैली में करके श्रोताओं को बांधे रखा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, सेवानिवृत आईएएस अजय दीप सिंह, विजय रामदास बृजभूषण गोस्वामी अश्विन दलवी, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, डॉक्टर हरिश्चंद्र मिश्र, डॉक्टर जनार्दन उपाध्याय समेत अनेक संत और संगीत प्रेमी देर रात तक आनंद लेते रहे।
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अगली प्रस्तुति में दिल्ली से आए पंडित बृजभूषण गोस्वामी ने ध्रुपद गायन किया। अंतिम प्रस्तुति जयपुर से आए डॉ. अश्विन दलवी ने सुरबहार वादन से किया। ध्रुपद गायकी का अभिन्न अंग सुरबहार के सुरों ने सभी को मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने शास्त्रीय शैली में करके श्रोताओं को बांधे रखा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, सेवानिवृत आईएएस अजय दीप सिंह, विजय रामदास बृजभूषण गोस्वामी अश्विन दलवी, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, डॉक्टर हरिश्चंद्र मिश्र, डॉक्टर जनार्दन उपाध्याय समेत अनेक संत और संगीत प्रेमी देर रात तक आनंद लेते रहे।
