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Ayodhya News: अवध क्षेत्र में पार्टी की सक्रियता का तय होगा रोडमैप
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डॉ. बृजेश कुमार सिंह
अयोध्या। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के दौरे के कई मायने हैं। एक तो वह स्वागत में उमड़ी भीड़ के जरिये जिले के नेताओं की कार्यकर्ताओं में मजबूत पकड़ की जमीनी हकीकत परखेंगे तो दूसरी ओर अवध क्षेत्र के पदाधिकारियों को 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का मंत्र देंगे। संगठन की चूड़ी कसेंगे। साथ ही एसआईआर के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जी जान से जुटने और छूटे कार्यकर्ताओं व मतदाताओं के नाम जोड़वाने के लिए निर्देशित करेंगे। अवध क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की सक्रियता का रोडमैप तय होगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने अपने दौरे के दौरान दो अलग-अलग बैठकें तय की हैं। एक अवध विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में अवध क्षेत्र के 14 जिलों के सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों व अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद करेंगे। दूसरी अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के सभागार में संगठनात्मक क्षेत्रीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी पदाधिकारी व मोर्चों के क्षेत्रीय अध्यक्ष व महामंत्री होंगे। बैठकों में सभी जिलों की संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा के साथ ही उन बिंदुओं के बारे में भी बातचीत हो सकती है जिससे पार्टी मजबूत हो। कमजोर विधानसभा क्षेत्र या जहां से 2022 के चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, वहां की स्थिति के बारे में भी बात हो सकती है। चूंकि प्रदेश अध्यक्ष का दौरा अभी क्षेत्रीय स्तर पर ही है, इस वजह से जिलों के पदाधिकारियों तथा वहां के जन प्रतिनिधियों से संगठन की स्थिति की रिपोर्ट ली जा सकती है। अवध क्षेत्र में 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को तगड़ा झटका लगा था। अवध क्षेत्र की 13 लोकसभा सीटों के 65 विधानसभा क्षेत्रों में 20 पर ही भाजपा आगे रही थी। भाजपा के पास लखनऊ, कैसरगंज, बहराइच और गोंडा की सीटें है, जबकि इंडिया गठबंधन के पास रायबरेली, अमेठी, बाराबंकी व सीतापुर (कांग्रेस ) और श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, फैजाबाद व मोहनलालगंज (सपा ) हैं। इस वजह से अभी से विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन कमियों को दूर कर तैयारी करने पर संगठन का पूरा फोकस होगा।
कई दिनों से चल रही है तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष पहली बार आ रहे हैं तो उनके स्वागत की तैयारियां पिछले कई दिनों से पार्टी स्तर पर चल रही है। क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र और क्षेत्रीय प्रभारी व प्रदेश महामंत्री संजय राय पिछले कई दिनों से यहां कैंप कर स्थिति और तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं। नेता भी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हुए हैं। सभी प्रमुख नेताओं को अलग-अलग इलाकों में जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि उनकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सके। रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर तथा गोसाईगंज के नेता अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर स्वागत के लिए तय स्थानों पर अपनी शक्ति दिखाएंगे। अयोध्या विधानसभा के नेता शहर में अलग-अलग तरीकों से स्वागत करेंगे।
इन बातों पर रखना होगा ध्यान
- पार्टी में गुटबाजी खत्म करना और सभी धड़ों को एक मंच पर लाना
- अयोध्या जिले और महानगर अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए सर्वसम्मति बनाना
- केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाना, मतदाताओं को लाभान्वित करना
अवध क्षेत्र में पार्टी की स्थिति
सदन सीटें सदस्य
लोकसभा 13 04
विधानसभा 82 63
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अयोध्या। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के दौरे के कई मायने हैं। एक तो वह स्वागत में उमड़ी भीड़ के जरिये जिले के नेताओं की कार्यकर्ताओं में मजबूत पकड़ की जमीनी हकीकत परखेंगे तो दूसरी ओर अवध क्षेत्र के पदाधिकारियों को 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का मंत्र देंगे। संगठन की चूड़ी कसेंगे। साथ ही एसआईआर के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जी जान से जुटने और छूटे कार्यकर्ताओं व मतदाताओं के नाम जोड़वाने के लिए निर्देशित करेंगे। अवध क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की सक्रियता का रोडमैप तय होगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने अपने दौरे के दौरान दो अलग-अलग बैठकें तय की हैं। एक अवध विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में अवध क्षेत्र के 14 जिलों के सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों व अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद करेंगे। दूसरी अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के सभागार में संगठनात्मक क्षेत्रीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी पदाधिकारी व मोर्चों के क्षेत्रीय अध्यक्ष व महामंत्री होंगे। बैठकों में सभी जिलों की संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा के साथ ही उन बिंदुओं के बारे में भी बातचीत हो सकती है जिससे पार्टी मजबूत हो। कमजोर विधानसभा क्षेत्र या जहां से 2022 के चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, वहां की स्थिति के बारे में भी बात हो सकती है। चूंकि प्रदेश अध्यक्ष का दौरा अभी क्षेत्रीय स्तर पर ही है, इस वजह से जिलों के पदाधिकारियों तथा वहां के जन प्रतिनिधियों से संगठन की स्थिति की रिपोर्ट ली जा सकती है। अवध क्षेत्र में 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को तगड़ा झटका लगा था। अवध क्षेत्र की 13 लोकसभा सीटों के 65 विधानसभा क्षेत्रों में 20 पर ही भाजपा आगे रही थी। भाजपा के पास लखनऊ, कैसरगंज, बहराइच और गोंडा की सीटें है, जबकि इंडिया गठबंधन के पास रायबरेली, अमेठी, बाराबंकी व सीतापुर (कांग्रेस ) और श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, फैजाबाद व मोहनलालगंज (सपा ) हैं। इस वजह से अभी से विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन कमियों को दूर कर तैयारी करने पर संगठन का पूरा फोकस होगा।
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कई दिनों से चल रही है तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष पहली बार आ रहे हैं तो उनके स्वागत की तैयारियां पिछले कई दिनों से पार्टी स्तर पर चल रही है। क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र और क्षेत्रीय प्रभारी व प्रदेश महामंत्री संजय राय पिछले कई दिनों से यहां कैंप कर स्थिति और तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं। नेता भी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हुए हैं। सभी प्रमुख नेताओं को अलग-अलग इलाकों में जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि उनकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सके। रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर तथा गोसाईगंज के नेता अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर स्वागत के लिए तय स्थानों पर अपनी शक्ति दिखाएंगे। अयोध्या विधानसभा के नेता शहर में अलग-अलग तरीकों से स्वागत करेंगे।
इन बातों पर रखना होगा ध्यान
- पार्टी में गुटबाजी खत्म करना और सभी धड़ों को एक मंच पर लाना
- अयोध्या जिले और महानगर अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए सर्वसम्मति बनाना
- केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाना, मतदाताओं को लाभान्वित करना
अवध क्षेत्र में पार्टी की स्थिति
सदन सीटें सदस्य
लोकसभा 13 04
विधानसभा 82 63