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Ayodhya News: एसआईटी ने गोविंद देव गिरि की भूमिका भी खंगाली
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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के दौरान गठित विशेष जांच दल ने केवल तत्कालीन महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव तक ही अपनी पड़ताल सीमित नहीं रखी, बल्कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की भूमिका और जिम्मेदारियों से जुड़े बिंदुओं की भी विस्तार से जांच की थी। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान एसआईटी ने उनके अयोध्या प्रवास और ट्रस्ट से जुड़े कार्यों की भी जानकारी जुटाई।
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की टीम अयोध्या धाम स्थित वैदेही भवन भी पहुंची थी, जहां स्वामी गोविंद देव गिरि अयोध्या प्रवास के दौरान ठहरते हैं। जांच टीम ने वहां के महंत और सेवादारों से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाई कि वह किस कक्ष में ठहरते हैं। वहां उनकी किसी प्रकार की स्थायी व्यवस्था या संपत्ति है अथवा नहीं, और उनके प्रवास की प्रकृति क्या रहती है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी यह भी परख रही थी कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में गोविंद देव गिरि की प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां क्या थीं तथा चढ़ावा प्रबंधन की व्यवस्था में उनकी भूमिका किस सीमा तक थी। इसी क्रम में उनसे जुड़े विभिन्न तथ्यों का सत्यापन किया गया।
हालांकि, एसआईटी की इस पड़ताल में क्या निष्कर्ष निकले और अंतिम रिपोर्ट में गोविंद देव गिरि के संबंध में क्या टिप्पणी की गई है, इसका आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है। फिलहाल सभी को एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की टीम अयोध्या धाम स्थित वैदेही भवन भी पहुंची थी, जहां स्वामी गोविंद देव गिरि अयोध्या प्रवास के दौरान ठहरते हैं। जांच टीम ने वहां के महंत और सेवादारों से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाई कि वह किस कक्ष में ठहरते हैं। वहां उनकी किसी प्रकार की स्थायी व्यवस्था या संपत्ति है अथवा नहीं, और उनके प्रवास की प्रकृति क्या रहती है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी यह भी परख रही थी कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में गोविंद देव गिरि की प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां क्या थीं तथा चढ़ावा प्रबंधन की व्यवस्था में उनकी भूमिका किस सीमा तक थी। इसी क्रम में उनसे जुड़े विभिन्न तथ्यों का सत्यापन किया गया।
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हालांकि, एसआईटी की इस पड़ताल में क्या निष्कर्ष निकले और अंतिम रिपोर्ट में गोविंद देव गिरि के संबंध में क्या टिप्पणी की गई है, इसका आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है। फिलहाल सभी को एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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