Ayodhya News: अयोध्या में चलेगी वॉटर मेट्रो, गुप्तार घाट से रामनगरी तक विकसित होगा वॉटर चैनल; बनाई जाएगी जेटी
अयोध्या में वॉटर मेट्रो का संचालन होगा। इसके लिए गुप्तार घाट से रामनगरी तक वॉटर चैनल विकसित होगा। जेटी बनाई जाएगी। इससे अयोध्या के जलमार्ग को नया स्वरूप मिलेगा। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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रामनगरी अयोध्या में यातायात और पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां के जलमार्ग को नए सिरे से विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत गुप्तारघाट से अयोध्या तक सरयू नदी में ड्रेजिंग कर सुव्यवस्थित वॉटर चैनल तैयार किया जाएगा। इससे भविष्य में वॉटर मेट्रो और अन्य जल परिवहन सेवाओं का संचालन संभव हो सकेगा।
रामनगरी में प्रस्तावित वॉटर मेट्रो योजना के अनुसार नदी के जलस्तर और प्रवाह को ध्यान में रखते हुए चैनल को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि छोटे और मध्यम आकार के यात्री जलयान आसानी से संचालित हो सकें। माना जा रहा है कि इस परियोजना के लागू होने से रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सड़क मार्ग के अतिरिक्त एक नया और आकर्षक परिवहन विकल्प मिलेगा।
यात्रा अधिक सहज और आकर्षक बनेगी
अलकनंदा क्रूज लाइन के निदेशक विकास मालवीय के अनुसार, गुप्तार घाट से राम की पैड़ी और अन्य प्रमुख घाटों तक जलमार्ग विकसित होने से धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। श्रद्धालु सरयू नदी के जरिये रामनगरी के विभिन्न स्थलों तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा अधिक सहज और आकर्षक बनेगी।
उन्होंने बताया कि परियोजना को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ड्रेजिंग के माध्यम से नदी की गहराई और जल प्रवाह को संतुलित किए जाने की योजना है। ताकि, पूरे मार्ग पर जल परिवहन सुचारू रूप से संचालित हो सके। क्रूज संचालन के लिए भी दिसंबर 2024 में ड्रेजिंग शुरू कराई गई थी, लेकिन यह योजना पूरी नहीं हो सकी। इससे क्रूज संचालन की योजना को झटका लगा। यात्रियों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने के लिए फ्लोटिंग जेट्टी भी बनाना होगा।
सड़क यातायात का बोझ कम करेगी वॉटर मेट्रो
अयोध्या में लगातार बढ़ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के कारण शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर जाम की स्थिति आम हो जाती है। ऐसे में वॉटर मेट्रो का संचालन सड़क यातायात का बोझ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे एक ओर लोगों को सुगम आवागमन मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर पर्यावरण अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह परियोजना अयोध्या के आधुनिक विकास और धार्मिक पर्यटन के नए मॉडल के रूप में देखी जा रही है।