Bareilly News: फाइनेंस कंपनी के ऑडिटर की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, अवैध संबंधों में दोस्त ने ली थी जान
बरेली में फाइनेंस कंपनी के ऑडिटर की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 23 हजार रुपये का जर्माना भी लगाया गया है। दोषी ने अवैध संबंधों में वारदात को अंजाम दिया था।
विस्तार
बरेली में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कक्ष संख्या-दो नरेंद्र प्रकाश ने शनिवार को फाइनेंस कंपनी के ऑडिटर बदायूं के थाना बिनावर क्षेत्र के गांव भूरीपुर कुरीना निवासी मुनीष पाल की हत्या में दोषी गांव के ही शंकर लाल उर्फ हरीशंकर को उम्रकैद व 23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मुनीष पाल की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे कचौली गांव में फेंक दिया गया था।
बदायूं के थाना बिनावर क्षेत्र के गांव भूरीपुर कुरीना निवासी सुनील कुमार ने बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उनका भाई एक गोल्ड फाइनेंस कंपनी में ऑडिटर के पद पर नौकरी करता था। उसके गांव के ही शंकर लाल उर्फ हरीशंकर की पत्नी से संबंध थे। इस कारण शंकर लाल उनके भाई को कई बार हत्या की धमकी दे चुका था।
दावत के बहाने बुलाकर ले गया था आरोपी
बाद में शंकर लाल ने मुनीष से दोस्ती कर ली। पांच फरवरी 2020 की शाम पांच बजे शंकर लाल उसके भाई को दावत खाने के बहाने घर से बुलाकर ले गया। इसके बाद अपने भाई अच्छू लाल के साथ मिलकर मुनीष की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे कचौली गांव में फेंक दिया। सात फरवरी को उसको मनीष की हत्या के बारे में मालूम हुआ।
विवेचना के बाद पुलिस ने अप्रैल 2020 में शंकर लाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। जुलाई 2021 में कोर्ट ने अभियुक्त पर आरोप तय करते हुए सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शंकर लाल उर्फ हरीशंकर काे मनीष की हत्या में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
भतीजे की हत्या में दोषी चाचा को उम्रकैद
स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट तबरेज अहमद ने शनिवार को भमोरा थाना क्षेत्र के गांव ब्रहमपुर निवासी प्रधान के देवर जंडैल सिंह की हत्या में दोषी वेदपाल (मृतक का चचेरा चाचा) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 61 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जंडैल सिंह की मेड़ के विवाद में 24 जून 2019 को दिनदहाड़े 315 बोर की पौनिया से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जंडैल सिंह ब्रहपुर की ग्राम प्रधान सीता देवी के देवर थे। प्रधान के पति रमेश ने भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह और उनका छोटा भाई जंडैल सिंह 26 जून 2019 को दोपहर खेत पर मेड़ बनाने का काम कर रहे थे। वहां देवपाल, उसका बहनोई सूरजपाल और भांजा सूरज पहले से मौजूद थे।
ये लोग मेड़ बांधने का विरोध करने लगे। कारण पूछने पर वेदपाल ने 315 बोर की पौनिया से जंडैल सिंह के सीने पर गोली मार दी। इससे उनके भाई की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद रमेश पर भी जान से मारने की नीयत से फायर किया। गोली लगने से वह घायल हो गए।
विवेचना के बाद पुलिस ने वेदपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने वेदपाल को जंडैल सिंह की हत्या और रमेश पर जानलेवा हमले में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
