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अपराजिता: महिलाएं हर क्षेत्र में निभा रहीं अग्रणी भूमिका, प्रो. नवनीत ने छात्राओं को दिया सशक्तीकरण का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:42 AM IST
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सार
बरेली के कैंट स्थित आरएन टैगोर इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बरेली कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत कौर आहूजा ने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
छात्राओं को संबोधित करतीं प्रो. नवनीत कौर आहूजा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, कर्नल सोफिया कुरैशी जैसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व करने में सक्षम हैं। यह व्यक्तित्व बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, और यह संदेश देते हैं कि आत्मविश्वास और अवसर मिलने पर लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। ये बातें बरेली कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत कौर आहूजा ने बुधवार को कैंट स्थित आरएन टैगोर इंटर कॉलेज की छात्राओं से अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में कहीं।
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प्रो. नवनीत कौर आहूजा ने कहा कि इन प्रेरणास्रोत महिलाओं के संघर्ष और सफलता से सीख लेकर हमें अपने लक्ष्य तय करने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। आज की बेटियां प्रतिभा और क्षमता से भरपूर हैं, जरूरत केवल उन्हें सही दिशा और समर्थन देने की है। कहा कि समाज की आधी आबादी होने के बावजूद महिलाओं की भागीदारी कई क्षेत्रों में अब भी सीमित है। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने छात्राओं से स्कूल आने-जाने के दौरान सुरक्षा, पारिवारिक चिंताओं और सामाजिक व्यवहार जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में यह बताया कि सकारात्मक बदलाव की शुरुआत परिवार से होती है। बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी समान संस्कार, सम्मान और जिम्मेदारी सिखाना समय की जरूरत है। छात्राओं से आग्रह किया गया कि वे स्वयं को कमजोर न समझें, बल्कि अपने अधिकारों और क्षमताओं को पहचानते हुए आगे बढ़ें। इस दौरान कॉलेज की प्रधानाचार्य वंदना मिश्रा, श्रीधर शुक्ला, संदेश राठौर, स्मिता आदि मौजूद रहीं।
ध्यान भटकना सामान्य समस्या
प्रश्न : पढ़ाई करते समय अक्सर ध्यान भटक जाता है। इस समस्या को कैसे पार करें - अर्शे नूर, कक्षा-10
उत्तर : ध्यान भटकना सामान्य समस्या है। पढ़ाई को बोझ समझने के बजाय, उसे अपने लक्ष्य से जोड़कर देखना चाहिए। छोटे समय के अंतराल में पढ़ाई करना, मोबाइल फोन और अन्य व्यवधानों से दूरी बनाना व विषय को समझकर पढ़ने की आदत डालना जरूरी है।
प्रश्न : समाज में इतनी समस्याएं हैं। स्थिति में बदलाव लाने के लिए हम क्या कर सकते हैं। - शगुन, कक्षा-9
उत्तर : समस्याएं बनी रहती हैं क्योंकि सोच में बदलाव धीरे-धीरे आता है। बदलाव की शुरुआत व्यक्ति स्वयं से करता है। सही और गलत के बीच अंतर समझना और नई सोच को अपनाना परिवर्तन की पहली सीढ़ी है।
प्रश्न : पढ़ाई करते समय अक्सर ध्यान भटक जाता है। इस समस्या को कैसे पार करें - अर्शे नूर, कक्षा-10
उत्तर : ध्यान भटकना सामान्य समस्या है। पढ़ाई को बोझ समझने के बजाय, उसे अपने लक्ष्य से जोड़कर देखना चाहिए। छोटे समय के अंतराल में पढ़ाई करना, मोबाइल फोन और अन्य व्यवधानों से दूरी बनाना व विषय को समझकर पढ़ने की आदत डालना जरूरी है।
प्रश्न : समाज में इतनी समस्याएं हैं। स्थिति में बदलाव लाने के लिए हम क्या कर सकते हैं। - शगुन, कक्षा-9
उत्तर : समस्याएं बनी रहती हैं क्योंकि सोच में बदलाव धीरे-धीरे आता है। बदलाव की शुरुआत व्यक्ति स्वयं से करता है। सही और गलत के बीच अंतर समझना और नई सोच को अपनाना परिवर्तन की पहली सीढ़ी है।
