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Bareilly News: बरेली से आदि कैलाश तक दौड़ेगी कार रैली, लिपुलेख दर्रे तक जाएगा काफिला
Wed, 16 Sep 2026 03:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 16 Sep 2026 03:13 AM IST
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बरेली। सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, स्थानीय भागीदारी और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुमाऊं कार रैली-2.0 का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को उत्तर भारत क्षेत्र के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा (एवीएसएम) ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का मार्ग बरेली से पिथौरागढ़ और धारचूला होते हुए आदि कैलाश, ओम पर्वत और लिपुलेख दर्रे तक निर्धारित किया गया है।
पंचशूल ब्रिगेड की ओर से रेनो के सहयोग से आयोजित इस रैली में प्रतिभागी कुमाऊं के दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों से होकर गुजरेंगे। रैली का उद्देश्य केवल रोमांचक ड्राइव तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांत गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया जा रहा है।
सैन्य अधिकारियों के अनुसार सीमांत क्षेत्रों में सड़क और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ सकते हैं। रैली के जरिये इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमांत इलाकों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। पिथौरागढ़ और धारचूला से होते हुए रैली का काफिला आदि कैलाश, ओम पर्वत और लिपुलेख दर्रे की ओर बढ़ेगा। आयोजकों ने इसे साहसिक पर्यटन और सीमांत विकास को जोड़ने वाली पहल बताया है।
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पंचशूल ब्रिगेड की ओर से रेनो के सहयोग से आयोजित इस रैली में प्रतिभागी कुमाऊं के दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों से होकर गुजरेंगे। रैली का उद्देश्य केवल रोमांचक ड्राइव तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांत गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया जा रहा है।
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सैन्य अधिकारियों के अनुसार सीमांत क्षेत्रों में सड़क और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ सकते हैं। रैली के जरिये इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमांत इलाकों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। पिथौरागढ़ और धारचूला से होते हुए रैली का काफिला आदि कैलाश, ओम पर्वत और लिपुलेख दर्रे की ओर बढ़ेगा। आयोजकों ने इसे साहसिक पर्यटन और सीमांत विकास को जोड़ने वाली पहल बताया है।
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