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Basti News: 45 दिन में तैयार होगी हरी प्याज, किसान कमा सकते हैं अच्छा मुनाफा

Wed, 02 Sep 2026 01:22 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:22 AM IST
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Green onions will be ready in 45 days; farmers can earn a good profit.
नगर बाजार। प्याज की बढ़ती कीमतों और बारिश के बाद किसानों के लिए कम अवधि में तैयार होने वाली हरी प्याज की खेती बेहतर विकल्प बन सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके तोमर ने किसानों को सब्जी के लिए हरी प्याज की खेती करने की सलाह दी है।
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डॉ. तोमर के अनुसार, कम अवधि में तैयार होने के कारण हरी प्याज की खेती किसानों के लिए लाभकारी हो सकती है। अक्टूबर-नवंबर में बाजार में सब्जियों की उपलब्धता कम होने पर हरी प्याज की मांग बढ़ती है। इस दौरान अच्छी गुणवत्ता की हरी प्याज को 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक भाव मिलने की संभावना रहती है। समय पर बोआई कर किसान बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि अनुकूल परिस्थितियों में प्रति एकड़ करीब 125 से 150 क्विंटल हरी प्याज का उत्पादन हो सकता है। खेत से थोक में 25 से 30 रुपये प्रति किलो का भाव मिलने पर 125 क्विंटल उत्पादन से करीब 3.12 लाख रुपये की सकल आय हो सकती है। उत्पादन और बाजार भाव बेहतर रहने पर सकल आय 3.75 लाख से 4.50 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
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खेती में खाद, बीज, जुताई और दवाओं समेत कुल लागत करीब 96 हजार से एक लाख रुपये प्रति एकड़ तक आने का अनुमान है। इस हिसाब से लागत निकालने के बाद करीब 2.12 लाख से 3.54 लाख रुपये तक शुद्ध आय संभव है। वास्तविक लाभ उत्पादन, बाजार भाव और खेती की लागत पर निर्भर करेगा।
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जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर
डॉ. तोमर के अनुसार हरी प्याज की खेती के लिए अच्छे जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त रहती है। भारी और जलभराव वाली भूमि में इसकी खेती से बचना चाहिए। खेत की तैयारी के दौरान प्रति एकड़ चार से पांच ट्रॉली अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद डालें। इसमें नीम की खली और दो किलोग्राम ट्राइकोडर्मा मिलाकर खेत में डालना लाभकारी रहता है।अंतिम जुताई के समय प्रति एकड़ 100 किलोग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट, 50 किलोग्राम यूरिया और 25 किलोग्राम मैग्नीशियम सल्फेट मिट्टी में अच्छी तरह मिला सकते हैं।

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एग्रीफाउंड डार्क रेड किस्म की छोटी गांठें चुनें
अगेती खेती के लिए एग्रीफाउंड डार्क रेड किस्म की छोटी गांठों का चयन करने की सलाह दी गई है। प्रति एकड़ करीब सात से आठ क्विंटल गांठों की जरूरत होती है। फसल में पहला छिड़काव जमाव के करीब 15 दिन बाद किया जाता है। इसके बाद फसल की जरूरत के अनुसार दूसरा और तीसरा छिड़काव पोषण और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जाता है।
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