बिजनौर: काम आई वन विभाग की ट्रिक, मुर्गियों के लालच में पिंजरे में फंसा आठ साल का नर गुलदार, कराया रेस्क्यू
नूरपुर हट्टी गांव में मंगलवार सुबह वन विभाग ने करीब आठ से नौ वर्ष के नर गुलदार को पिंजरे से सुरक्षित रेस्क्यू किया। पिंजरे में मुर्गियों को चारे के रूप में रखा गया था।
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बिजनौर के नगीना क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच दहशत का कारण बना नर गुलदार आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे नूरपुर हट्टी गांव में वन विभाग की टीम ने गुलदार का सफल रेस्क्यू किया। करीब आठ से नौ वर्ष के गुलदार को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नगीना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र लाया गया है।
काफी समय से इलाके में सक्रिय था गुलदार
नगीना रेंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैदपुरा गज्जू के नूरपुर हट्टी गांव और आसपास के कृषि क्षेत्र में यह गुलदार काफी समय से सक्रिय था। वन रेंजर प्रदीप शर्मा के अनुसार, गुलदार आवारा पशुओं को भी अपना शिकार बना रहा था। नजदीकी डिग्री कॉलेज के आसपास भी उसकी गतिविधियां देखी जा रही थीं। लगातार गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।
17 अगस्त को लगाया था पिंजरा
गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने 17 अगस्त को क्षेत्र में पिंजरा लगाया था। गुलदार को आकर्षित करने के लिए पिंजरे में मुर्गियों को चारे के तौर पर रखा गया था। कई दिनों के इंतजार के बाद मंगलवार सुबह करीब पांच बजे गुलदार मुर्गियों के लालच में पिंजरे के अंदर पहुंच गया और उसमें फंस गया।
सुरक्षित रेस्क्यू कर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भेजा
गुलदार के पिंजरे में फंसने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित कब्जे में लिया। इसके बाद गुलदार को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नगीना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र लाया गया। रेस्क्यू टीम में वन रेंजर प्रदीप शर्मा के अलावा वन दारोगा नईम अली, धर्मेंद्र कुमार, विशाल प्रताप सिंह और लाल सिंह शामिल रहे।