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Etawah News: घर के बाहर पेड़ के नीचे सो रहे वृद्ध की धारदार हथियार से हत्या
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इकदिल। परमधाम गांव में मंगलवार रात वृद्ध की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। वह अपने घर के बगल स्थित प्लॉट में जामुन के पेड़ के नीचे चारपाई पर सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे पत्नी मंजू देवी ने उन्हें खून से लथपथ मृत पाया, जिससे गांव में सनसनी फैल गई। बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं।
परमधाम निवासी सिद्ध स्वरूप (70) मंगलवार रात घर के बगल में स्थित प्लॉट पर पशुओं के पास अकेले सो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य अपने कमरों में थे। रात में किसी हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। सिर और गर्दन पर गंभीर वार से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया। बुधवार सुबह पत्नी मंजू उन्हें जगाने पहुंची तो खून से लथपथ शव देखकर उनकी चीख निकल गई। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधीक्षक सिटी अभयनाथ त्रिपाठी और सीओ सिटी अवनीश कुमार ने भी जायजा लिया। अधिकारियों ने परिजन व ग्रामीणों से पूछताछ की। बेटे अवनीश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वृद्ध सिद्ध स्वरूप की हत्या के बाद परिवार के पालतू कुत्ते को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विदेशी नस्ल का यह कुत्ता आमतौर पर सिद्ध स्वरूप के साथ ही रहता था। मंगलवार रात उसे जंगली सुअरों के डर से घर के अंदर बंद किया गया था। देर रात करीब तीन से चार बजे के बीच कुत्ता भौंकने लगा। परिवार ने उसे शौचालय के लिए बाहर छोड़ा, जिसके बाद वह खेतों की ओर गया और लौट आया। उस समय किसी को सिद्ध स्वरूप के साथ अनहोनी की आशंका नहीं हुई। परिवार के लोग अब रात में कुत्ते के भौंकने और खेतों की ओर जाने की घटना को अहम मान रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास और कुत्ते जिस ओर गया, उस स्थान तक भी जांच की है।
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सिद्ध स्वरूप के दो मकान हैं, जिनके बीच करीब 100 मीटर की दूरी है। परिवार के सदस्य दोनों मकानों में रहते हैं। जिस मकान के बाहर हत्या हुई, उसे करीब दो वर्ष पहले बनवाया गया था। मृतक के चार बेटे दिलीप, अनिल, अवनीश, मनीष और दो बेटियां निर्मला, वर्षा हैं। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। सबसे बड़ा बेटा दिलीप जयपुर में एक रंग कंपनी में नौकरी करता है और मंगलवार रात ही जयपुर के लिए निकला था। पिता की मौत की खबर मिलते ही वह वापस चल दिया। अनिल और अवनीश गांव में सब्जी की दुकान चलाते हैं, जबकि मनीष बिजली मिस्त्री का काम करता है। अवनीश की पत्नी ने एक सप्ताह पहले बेटे को जन्म दिया था, जिससे परिवार में खुशी थी, पर हत्या से वह मातम में बदल गई।
अवनीश ने बताया कि उनकी मां मंजू देवी करीब दस दिन पहले आंगन में फिसलकर गिर गई थीं, जिससे उनका एक हाथ टूट गया था। अवनीश के बच्चे के जन्म के बाद वह उसकी पत्नी के पास सो रही थीं, जबकि आमतौर पर वह पति सिद्ध स्वरूप के पास सोती थीं। मंगलवार रात सिद्ध स्वरूप घर के बाहर प्लॉट में पशुओं के पास अकेले सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब पांच बजे अवनीश और अनिल अपनी दुकान के लिए निकल गए थे, तब उन्हें हत्या की जानकारी नहीं थी। बाद में मंजू देवी के शोर मचाने पर परिवार को घटना का पता चला। सिद्ध स्वरूप भैंस का दूध बेचते थे और अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। चारों भाइयों के नाम सवा बीघा खेत है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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परमधाम निवासी सिद्ध स्वरूप (70) मंगलवार रात घर के बगल में स्थित प्लॉट पर पशुओं के पास अकेले सो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य अपने कमरों में थे। रात में किसी हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। सिर और गर्दन पर गंभीर वार से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया। बुधवार सुबह पत्नी मंजू उन्हें जगाने पहुंची तो खून से लथपथ शव देखकर उनकी चीख निकल गई। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधीक्षक सिटी अभयनाथ त्रिपाठी और सीओ सिटी अवनीश कुमार ने भी जायजा लिया। अधिकारियों ने परिजन व ग्रामीणों से पूछताछ की। बेटे अवनीश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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वृद्ध सिद्ध स्वरूप की हत्या के बाद परिवार के पालतू कुत्ते को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विदेशी नस्ल का यह कुत्ता आमतौर पर सिद्ध स्वरूप के साथ ही रहता था। मंगलवार रात उसे जंगली सुअरों के डर से घर के अंदर बंद किया गया था। देर रात करीब तीन से चार बजे के बीच कुत्ता भौंकने लगा। परिवार ने उसे शौचालय के लिए बाहर छोड़ा, जिसके बाद वह खेतों की ओर गया और लौट आया। उस समय किसी को सिद्ध स्वरूप के साथ अनहोनी की आशंका नहीं हुई। परिवार के लोग अब रात में कुत्ते के भौंकने और खेतों की ओर जाने की घटना को अहम मान रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास और कुत्ते जिस ओर गया, उस स्थान तक भी जांच की है।
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सिद्ध स्वरूप के दो मकान हैं, जिनके बीच करीब 100 मीटर की दूरी है। परिवार के सदस्य दोनों मकानों में रहते हैं। जिस मकान के बाहर हत्या हुई, उसे करीब दो वर्ष पहले बनवाया गया था। मृतक के चार बेटे दिलीप, अनिल, अवनीश, मनीष और दो बेटियां निर्मला, वर्षा हैं। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। सबसे बड़ा बेटा दिलीप जयपुर में एक रंग कंपनी में नौकरी करता है और मंगलवार रात ही जयपुर के लिए निकला था। पिता की मौत की खबर मिलते ही वह वापस चल दिया। अनिल और अवनीश गांव में सब्जी की दुकान चलाते हैं, जबकि मनीष बिजली मिस्त्री का काम करता है। अवनीश की पत्नी ने एक सप्ताह पहले बेटे को जन्म दिया था, जिससे परिवार में खुशी थी, पर हत्या से वह मातम में बदल गई।
अवनीश ने बताया कि उनकी मां मंजू देवी करीब दस दिन पहले आंगन में फिसलकर गिर गई थीं, जिससे उनका एक हाथ टूट गया था। अवनीश के बच्चे के जन्म के बाद वह उसकी पत्नी के पास सो रही थीं, जबकि आमतौर पर वह पति सिद्ध स्वरूप के पास सोती थीं। मंगलवार रात सिद्ध स्वरूप घर के बाहर प्लॉट में पशुओं के पास अकेले सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब पांच बजे अवनीश और अनिल अपनी दुकान के लिए निकल गए थे, तब उन्हें हत्या की जानकारी नहीं थी। बाद में मंजू देवी के शोर मचाने पर परिवार को घटना का पता चला। सिद्ध स्वरूप भैंस का दूध बेचते थे और अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। चारों भाइयों के नाम सवा बीघा खेत है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।