फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   32 sub-health centres and health units to be built at a cost of 14.9 crore.

Fatehpur News: 14.9 करोड़ से बनेंगे 32 उपस्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ यूनिट

Mon, 31 Aug 2026 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
32 sub-health centres and health units to be built at a cost of 14.9 crore.
फतेहपुर। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जिला पंचायत विभाग की ओर से 22 उपस्वास्थ्य केंद्र और 10 हेल्थ यूनिट का निर्माण कराया जाएगा। इनकी लागत 14.9 करोड़ रुपये आएगी। प्रत्येक उपस्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर 41.19 लाख और हेल्थ यूनिट पर 50.34 लाख रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन

अमौली ब्लॉक के मानेपुर, खजुहा ब्लॉक के खूंटाझाल, मौहारी, गौरा, नामामऊ, देवमई ब्लॉक के गलाथा, हथगाम ब्लॉक के नहवइया, राजापुर, विजयीपुर ब्लॉक के अहमदगंज, गुरुवल, गढ़ीवा मझिगंवा, खेमकनरपुर बसई, ऐरायां ब्लॉक के इजुराखुर्द, कोरका, असोथर ब्लॉक के भौली, गढ़ी, भिटौरा ब्लॉक के सिहर, केवई, सेनपुर, पड़री, पिलखिनी और बहुआ ब्लॉक के बावन गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे।
विज्ञापन

भिटौरा ब्लॉक के सेमरहटा सीएचसी परिसर, विजयीपुर ब्लॉक के खखरेरू सीएचसी परिसर, देवमई के जहानाबाद सीएचसी परिसर, ऐरायां के खागा सीएचसी परिसर, असोथर के खालिसपुर सीएचसी परिसर, मलवां के गोपालगंज सीएचसी परिसर, भिटौरा के हुसैनगंज सीएचसी परिसर, हथगाम सीएचसी परिसर, खजुहा के बिंदकी सीएचसी परिसर और बहुआ के गाजीपुर सीएचसी परिसर में हेल्थ यूनिट का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

निर्माण पूरा होने के बाद इनमें स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। इससे ग्रामीणों को इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी ज्ञानधन सिंह ने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी किया गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे।




स्टॉफ न होने से जिला पंचायत के उपस्वास्थ्य केंद्र बंद हो चुके
जिला पंचायत विभाग की ओर से करीब दो से ढाई दशक पूर्व जिले भर में आठ से नौ उपस्वास्थ्य केंद्र बनवाए गए थे। ये केंद्र संचालित भी हुए लेकिन धीरे-धीरे कर्मियों के सेवानिवृत्त होने के बाद बंद होते चले गए। इनकी बिल्डिंग भी जर्जर हो गईं। करीब एक दशक से सभी केंद्र बंद पड़े हैं। विभाग की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं और सुविधाओं के नाम पर हर साल करोड़ों का बजट भी जारी होता था। इसमें बड़े स्तर पर खेल होता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed