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Fatehpur News: मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों को चोट न लगने की दलील पर तीन लुटेरों को जमानत
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फतेहपुर। पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए तीन आरोपियों को मंगलवार को जिला जज की अदालत से जमानत मिल गई। कोर्ट ने आरोपियों को एक-एक लाख रुपये के जमानत बंधपत्र और अन्य शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया।
खागा कोतवाली पुलिस 15 जुलाई की रात वाहनों की चेकिंग कर रही थी। अमांव अंडरपास के पास पुलिस ने अर्टिगा कार सवारों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। आरोपियों में प्रयागराज जिले के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के अहमदपुर पावन निवासी मोहम्मद रफीक, उमरी बमरौली निवासी मोहम्मद ओसामा, पुरामुफ्ती निवासी मोहम्मद सुहैब और मोहम्मद समीर शामिल थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस, 10 चाकू, नौ मोबाइल और रुपये बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने आरोपियों पर खागा कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल लूट में शामिल होने का आरोप लगाया था।
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मामले में मोहम्मद रफीक, मोहम्मद ओसामा और मोहम्मद सुहैब की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए दलील दी कि घटना में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को जमानत दे दी।
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खागा कोतवाली पुलिस 15 जुलाई की रात वाहनों की चेकिंग कर रही थी। अमांव अंडरपास के पास पुलिस ने अर्टिगा कार सवारों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। आरोपियों में प्रयागराज जिले के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के अहमदपुर पावन निवासी मोहम्मद रफीक, उमरी बमरौली निवासी मोहम्मद ओसामा, पुरामुफ्ती निवासी मोहम्मद सुहैब और मोहम्मद समीर शामिल थे।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस, 10 चाकू, नौ मोबाइल और रुपये बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने आरोपियों पर खागा कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल लूट में शामिल होने का आरोप लगाया था।
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मामले में मोहम्मद रफीक, मोहम्मद ओसामा और मोहम्मद सुहैब की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए दलील दी कि घटना में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को जमानत दे दी।