{"_id":"6a6fa4fcb15239046c08f0b8","slug":"chinas-military-expansion-is-a-long-term-strategic-challenge-for-india-colonel-sanjeev-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-157323-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन का सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती : कर्नल संजीव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीन का सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती : कर्नल संजीव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। पीजी कॉलेज में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ और विभागीय शोध समिति की ओर से सेमिनार हॉल में संगोष्ठी हुई। इसमें कला संकाय के रक्षा एव स्ट्रैटिजिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) विषय के शोधार्थी कर्नल संजीव कुमार शाही ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक चाइना एक्सपैंडिंग मिलिट्री एंड द डेवलपिंग थ्रेट टू अरुणाचल प्रदेश एंड अंडमान एंड निकोबार आइलैंडस नामक विषय पर शोध प्रबंध एवं उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत और चीन एशिया की दो प्रमुख शक्तियां हैं। दोनों देशों के बीच लगभग 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है, जहां समय-समय पर तनाव उत्पन्न होता रहा है। 1962 के युद्ध के बाद से सीमा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चीन ने अपने सैन्य आधुनिकीकरण और सामरिक विस्तार को तेज किया है, जिससे भारत के पूर्वोत्तर सीमावर्ती क्षेत्रों तथा हिंद महासागर क्षेत्र में नई सुरक्षा चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। भारत ने भी सीमावर्ती सड़कों, सुरंगों, पुलों, उन्नत निगरानी प्रणाली, वायुसेना ठिकानों तथा अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के माध्यम से अपनी रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ किया है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ, प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं की ओर से शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी कर्नल शाही ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। इसके बाद समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राघवेंद्र कुमार पांडेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। संगोष्ठी में डॉ. जी सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार सिंह, प्रो. सुजीत कुमार सिंह, प्रो. अरुण कुमार यादव, डॉ. रामदुलारे, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. रविशेखर सिंह, प्रो. संजय चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चीन ने अपने सैन्य आधुनिकीकरण और सामरिक विस्तार को तेज किया है, जिससे भारत के पूर्वोत्तर सीमावर्ती क्षेत्रों तथा हिंद महासागर क्षेत्र में नई सुरक्षा चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। भारत ने भी सीमावर्ती सड़कों, सुरंगों, पुलों, उन्नत निगरानी प्रणाली, वायुसेना ठिकानों तथा अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के माध्यम से अपनी रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ किया है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ, प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं की ओर से शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी कर्नल शाही ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। इसके बाद समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राघवेंद्र कुमार पांडेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। संगोष्ठी में डॉ. जी सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार सिंह, प्रो. सुजीत कुमार सिंह, प्रो. अरुण कुमार यादव, डॉ. रामदुलारे, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. रविशेखर सिंह, प्रो. संजय चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन