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Ghazipur News: जेल में जहरीली कोल्ड ड्रिंक से 3 हत्याएं करने के दोषी की समय से पहले रिहाई नहीं होगी
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गाजीपुर। जिला कारागार, फतेहपुर में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सिद्धदोष बंदी राम सिंह उर्फ रामसिंघा की समय पूर्व रिहाई की मांग को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अस्वीकार कर दिया है। राज्यपाल ने अपराध की गंभीरता और प्रशासनिक रिपोर्टों के आधार पर यह निर्णय लिया है। गाजीपुर के थाना मुहम्मदाबाद क्षेत्र के गंभीरपुर निवासी राम सिंह उर्फ रामसिंघा पर आरोप है कि उसने 21 जून 2010 को जिला कारागार, गाजीपुर में अपने एक साथी के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से तीन बंदियों राम बचन यादव, वसीम अहमद, गुड्डू की हत्या कर दी थी। इन बंदियों को कोल्ड ड्रिंग की बोतल में जहरीला पदार्थ पिलाया गया था और ब्रेड खिलाई थी, इससे तीनों की मौत हो गई। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश, गाजीपुर ने 2 फरवरी 2016 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
बंदी द्वारा अपनी सजा के दौरान समय पूर्व रिहाई (फार्म-ए/लाइसेंस) के लिए आवेदन किया गया था। हालांकि, गाजीपुर के जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने उसकी रिहाई का पुरजोर विरोध किया। साथ ही प्रोबेशन बोर्ड ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए रिहाई का विरोध किया। शासन के उपसचिव ने चार जून को जारी अपने आदेश में कहा कि बंदी के पक्ष में ऐसा कोई तथ्य नहीं पाया गया, जिसके आधार पर जिला प्रशासन की नकारात्मक रिपोर्ट को दरकिनार किया जा सके।
दोष सिद्ध बंदी राम सिंह उर्फ रामसिंघा की समय पूर्व रिहाई के संबंध शासन की ओर से रिपोर्ट मांगी गई थी और जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। अब जब राज्यपाल ने रिहाई अर्जी अस्वीकार कर दी है तो इसकी जानकारी बंदी को उपलब्ध करा दी जाएगी।-संजय सोनी, जिला प्रबोशन अधिकारी।
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बंदी द्वारा अपनी सजा के दौरान समय पूर्व रिहाई (फार्म-ए/लाइसेंस) के लिए आवेदन किया गया था। हालांकि, गाजीपुर के जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने उसकी रिहाई का पुरजोर विरोध किया। साथ ही प्रोबेशन बोर्ड ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए रिहाई का विरोध किया। शासन के उपसचिव ने चार जून को जारी अपने आदेश में कहा कि बंदी के पक्ष में ऐसा कोई तथ्य नहीं पाया गया, जिसके आधार पर जिला प्रशासन की नकारात्मक रिपोर्ट को दरकिनार किया जा सके।
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दोष सिद्ध बंदी राम सिंह उर्फ रामसिंघा की समय पूर्व रिहाई के संबंध शासन की ओर से रिपोर्ट मांगी गई थी और जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। अब जब राज्यपाल ने रिहाई अर्जी अस्वीकार कर दी है तो इसकी जानकारी बंदी को उपलब्ध करा दी जाएगी।-संजय सोनी, जिला प्रबोशन अधिकारी।
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