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Ghazipur News: डीएम ने कारीगरों की समस्याएं सुनीं
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पहाड़पुर कलां में जूट वॉल हैंगिंग को लेकर आयोजित बैठक में शामिल स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। स
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देवकली। एक समय हजारों महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया रहा जूट वॉल हैंगिंग उद्योग अब बदहाली के कगार पर पहुंच गया है। पहाड़पुर कला, ईशनपुर, भितरी, रसूलपुर कोलवर, सम्मनपुर, पचारे और सोरी समेत कई गांवों में कभी कुटीर उद्योग के रूप में फल-फूल रहा यह कारोबार अब कारीगरों की बेरुखी और कम मजदूरी के कारण दम तोड़ता नजर आ रहा है।
इसी उद्योग को फिर से गति देने के उद्देश्य से रविवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला पहाड़पुर कला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने कारीगरों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने डीएम के सामने कई समस्याएं रखीं। पूर्व ग्राम प्रधान मुनाजिर आलम ने वर्ष 2010 में बने बाल हैंगिंग प्रशिक्षण भवन को अब तक चालू नहीं किए जाने और चकरोड पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। वहीं राजेश पांडेय ने कब्रिस्तान और डीह बाबा की चहारदीवारी निर्माण तथा सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। ब्रजभूषण पांडेय ने रामलीला मैदान पर अतिक्रमण का मामला उठाया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मानदेय समेत अन्य समस्याओं से अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने गांव में सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाकर चार करने, चकरोड और रामलीला मैदान से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों को दो सप्ताह का समय देने की बात कही। साथ ही उन्होंने दोबारा गांव आने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर एडीएम राजबीर कुमार, डीसी एनआरएलएम आनंद कुमार गुप्ता, खंड विकास अधिकारी जमालुद्दीन अली, ग्राम प्रधान सरफूद्दीन कुरैशी, सचिव दुर्गेश यादव, मनोज चौबे, प्रवीण त्रिपाठी, अनवर खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कलाकृति का भुगतान कर स्वीकार किया उपहार
कार्यक्रम के दौरान जूट बाल हैंगिंग कारीगरों ने जिलाधिकारी को अपनी बनाई कलाकृति भेंट करनी चाही। डीएम ने बिना भुगतान उपहार लेने से इन्कार कर दिया। बाद में उन्होंने मोबाइल से भुगतान करने के बाद ही कलाकृति स्वीकार की।
इसी उद्योग को फिर से गति देने के उद्देश्य से रविवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला पहाड़पुर कला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने कारीगरों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने डीएम के सामने कई समस्याएं रखीं। पूर्व ग्राम प्रधान मुनाजिर आलम ने वर्ष 2010 में बने बाल हैंगिंग प्रशिक्षण भवन को अब तक चालू नहीं किए जाने और चकरोड पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। वहीं राजेश पांडेय ने कब्रिस्तान और डीह बाबा की चहारदीवारी निर्माण तथा सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। ब्रजभूषण पांडेय ने रामलीला मैदान पर अतिक्रमण का मामला उठाया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मानदेय समेत अन्य समस्याओं से अवगत कराया।
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जिलाधिकारी ने गांव में सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाकर चार करने, चकरोड और रामलीला मैदान से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों को दो सप्ताह का समय देने की बात कही। साथ ही उन्होंने दोबारा गांव आने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर एडीएम राजबीर कुमार, डीसी एनआरएलएम आनंद कुमार गुप्ता, खंड विकास अधिकारी जमालुद्दीन अली, ग्राम प्रधान सरफूद्दीन कुरैशी, सचिव दुर्गेश यादव, मनोज चौबे, प्रवीण त्रिपाठी, अनवर खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कलाकृति का भुगतान कर स्वीकार किया उपहार
कार्यक्रम के दौरान जूट बाल हैंगिंग कारीगरों ने जिलाधिकारी को अपनी बनाई कलाकृति भेंट करनी चाही। डीएम ने बिना भुगतान उपहार लेने से इन्कार कर दिया। बाद में उन्होंने मोबाइल से भुगतान करने के बाद ही कलाकृति स्वीकार की।