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Ghazipur News: दूसरे से परीक्षा दिलवाकर यूको बैंक में डेढ़ साल से कर रहा था नौकरी
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गाजीपुर। सरकारी बैंकों की भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाते हुए फर्जीवाड़े का बड़ा मामला आया है। यूको बैंक की गाजीपुर शाखा में तैनात क्लर्क राजेश कुमार ने कथित तौर पर दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलवाकर नौकरी हासिल कर ली और करीब डेढ़ साल तक वेतन व अन्य लाभ उठाता रहा।
मामला तब खुला जब इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस) को कुछ शिकायतें मिलीं, इसके बाद दोबारा बायोमेट्रिक सत्यापन कराया। बायोमेट्रिक जांच में खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
यूको बैंक, गाज़ीपुर शाखा के प्रबंधक नवनीत कुमार ने 12 मार्च को पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को शिकायती पत्र देकर बताया कि 2022 में आईबीपीएस की सीआरपी-र्क्लक-XII भर्ती के तहत बिहार के नवादा जिले के नरदिगंज निवासी राजेश कुमार का चयन हुआ था। उसे 13 जून 2023 को नियुक्ति मिली और उसने 3 जुलाई 2023 को पीलीभीत में ज्वाइन किया। बाद में 14 अक्टूबर 2025 को उसका तबादला गाजीपुर शाखा में हुआ।
इसी दौरान आईबीपीएस को उसकी भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। जांच के क्रम में तीन नवंबर 2025 को लखनऊ में संदिग्ध अभ्यर्थियों का पुनः बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उसके बायोमेट्रिक अन्य अभ्यर्थियों से भी आंशिक रूप से मेल खाते हैं। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि परीक्षा किसी डमी कैंडिडेट से दिलवाई गई थी। आईबीपीएस ने 20 जनवरी 2026 को विस्तृत आदेश जारी कर पूरी रिपोर्ट बैंक को भेजी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीते 7 फरवरी को राजेश कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बैंक प्रबंधन ने इसे प्रतिरूपण, कूटरचना और संगठित धोखाधड़ी का मामला बताते हुए आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। शहर कोतवाल महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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मामला तब खुला जब इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस) को कुछ शिकायतें मिलीं, इसके बाद दोबारा बायोमेट्रिक सत्यापन कराया। बायोमेट्रिक जांच में खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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यूको बैंक, गाज़ीपुर शाखा के प्रबंधक नवनीत कुमार ने 12 मार्च को पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को शिकायती पत्र देकर बताया कि 2022 में आईबीपीएस की सीआरपी-र्क्लक-XII भर्ती के तहत बिहार के नवादा जिले के नरदिगंज निवासी राजेश कुमार का चयन हुआ था। उसे 13 जून 2023 को नियुक्ति मिली और उसने 3 जुलाई 2023 को पीलीभीत में ज्वाइन किया। बाद में 14 अक्टूबर 2025 को उसका तबादला गाजीपुर शाखा में हुआ।
इसी दौरान आईबीपीएस को उसकी भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। जांच के क्रम में तीन नवंबर 2025 को लखनऊ में संदिग्ध अभ्यर्थियों का पुनः बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उसके बायोमेट्रिक अन्य अभ्यर्थियों से भी आंशिक रूप से मेल खाते हैं। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि परीक्षा किसी डमी कैंडिडेट से दिलवाई गई थी। आईबीपीएस ने 20 जनवरी 2026 को विस्तृत आदेश जारी कर पूरी रिपोर्ट बैंक को भेजी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीते 7 फरवरी को राजेश कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बैंक प्रबंधन ने इसे प्रतिरूपण, कूटरचना और संगठित धोखाधड़ी का मामला बताते हुए आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। शहर कोतवाल महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।